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परिजनों ने नहीं लिया विनोद का शव, डीसी-एसपी की भी नहीं मानी, रात को सीएमओ कार्यालय के सामने टेंट गाड़ धरने पर बैठे

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 16 Dec 2021 12:36 AM IST
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Relatives did not take Vinod's body, DC-SP did not even listen, sat on dharna in front of CMO office at night
हिसार। मीरकां गांव में पानी की मोटर चोरी करने के शक में पीट-पीटकर गांव निवासी विनोद की हत्या के मामले में परिजन सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हैं। बुधवार देर रात परिजनों ने सीएमओ कार्यालय के सामने टेंट गाड़कर धरना शुरू कर दिया।
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इससे पहले परिजनों ने बुधवार सुबह 11 बजे हत्या पर हंगामा किया। इस दौरान नागरिक अस्पताल पहुंचे परिजनों ने पोस्टमार्टम होने पर भी शव लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद पौने एक बजे परिजन नागरिक अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार पर धरना देकर बैठ गए। इसकी सूचना मिलने पर डीआईजी बलवान सिंह राणा व डीसी डॉ. प्रियंका सोनी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन नहीं माने। डीआईजी ने बताया कि दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य की गिरफ्तारी के लिए सात टीमों की एसआईटी गठित की गई है। हालांकि नागरिक अस्पताल में धरने पर बैठे लोग दो फाड़ दिखे। कुछ लोगों का आरोप था कि सरपंच धर्मवीर का एक रिश्तेदार भी हत्या के मामले में शामिल है। सरपंच वारदात स्थल पर पहुंचा लेकिन उसने विनोद को नहीं बचाया। वहीं, सरपंच धर्मवीर का कहना है वह मौके पर जाकर आरोपियों के चंगुल से तीनों को बचा कर वापस आ गया था। धरना स्थल पर अनुसूचित वर्ग के लोग भी आपस में प्रधानगी को लेकर उलझते नजर आए। बता दें गांव मीरकां में मंगलवार को तीन मजदूरों को पानी की मोटर चोरी के शक में गांव के ही कुछ लोगों ने उठा लिया था। तीनों को लाठी-डंडों से पीटा गया, इस दौरान विनोद की मौत हो गई थी।
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देर शाम हुआ पोस्टमार्टम : शाम करीब चार बजे डीएसपी नारायणचंद दोबारा मृतक के परिजनों से मिले। डीएसपी ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दो दिन का समय मांगा, लेकिन उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी से पहले शव लेने से इनकार किया। शव का बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाने पर सहमत हो गए। करीब चार बजे शव का बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया गया। पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी करवाई गई।
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मृतक की पत्नी को डीसी रेट पर नौकरी की मांग
नागरिक अस्पताल में मौजूद मृतक विनोद के परिजनों ने डीसी से मांग की कि मृतक की पत्नी को डीसी रेट पर नौकरी दी जाए। उसे 50 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। इसके अलावा सीएम रिलीफ फंड से भी उसे मदद मिले।
गठित एसआईटी में चार डीएसपी : डीआईजी बलवान सिंह राणा ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए बुधवार को चार डीएसपी की निगरानी में सात टीमों की एसआईटी गठित की है। इनमें डीएसपी हेटक्वार्टर अशोक कुमार, डीएसपी नारायणचंद, डीएसपी अभिमन्यु लौहान, डीएसपी जोगिंद्र शर्मा, स्पेशल स्टाफ, सदर थाना टीम व सीआईए टीम शामिल हैं। बुधवार रात तक सभी टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश देती रही।
पीड़ित परिवार ने बनाई 15 लोगों की कमेटी : धरने पर बैठे पीड़ित परिवार ने भी बुधवार को 15 लोगों की कमेटी बनाई। इनमें मृतक के परिजनों में से गोपीराम, संजय, अजय, गोविंद व ह्युमन राइट लॉ नेटवर्क संयोजक अधिवक्ता रजत कल्सन, संजय चौहान, बृजेश व अन्य शामिल हैं। कमेटी ने फैसला लिया कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, तब तक नागरिक अस्पताल से शव नहीं उठाया जाएगा।

पुलिस पर धाराएं कम लगाने का आरोप : मामले में पुलिस ने घायल संदीप के बयान पर संदीप, सुनील, गोलू, संजय, विजय, दीप व पांच-छह अन्य पर हत्या का केस दर्ज किया है। नागरिक अस्पताल में मौजूद मृतक व घायलों के परिजनों ने पुलिस पर भी आरोप लगाया है। आरोप है कि पुलिस ने मामले में साजिश की धारा व अपहरण की धारा नहीं जोड़ी। उनका कहना था कि तीनों का अपहरण कर आरोपी खेत में ले गए थे।
दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी है।
- डीएसपी नारायाणचंद, हिसार
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