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मेरा रिंग में उतरना रिश्तेदारों को नहीं था पसंद, परिवार के सहयोग से बनीं अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 11 Oct 2021 12:15 AM IST
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Relatives did not like to enter my ring, became an international boxer with the help of family
बॉक्सर सीवी बूरा। - फोटो : Hisar
पूनम शर्मा
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हिसार। आज भी गांव की बेटियों के सपनों की उड़ान को दबा दिया जाता है। ऐसे में वह अपने सपनों को पूरा नहीं कर पाती। मुझे भी रिश्तेदारों ने खेलने से काफी मना किया था, लेकिन जब मुझे माता-पिता का साथ मिला तो आज मैं इंटरनेशनल बॉक्सर बन गई। यह कहना है सीवी बूरा का। सीवी मूलरूप से घिराय की रहने वाली है। पिछले कई वर्षों से हिसार में रहकर साई में प्रशिक्षण ले रही है। बूरा ने 12 साल की उम्र में ही अपने खेल कॅरियर की शुरुआत की थी।
बॉक्सर सीवी बूरा बताती है कि मेरे घरवालों ने कभी भी लड़का-लड़की में फर्क नहीं रखा। जितना बेटों को सम्मान मिला उतना ही मुझे मिला। हालांकि शुरुआत में ही रिश्तेदारों ने टोकना शुरू कर दिया। मगर जब माता-पिता ने उन्हें जवाब दिया तो मेरा हौसला बढ़ गया और पीछे मुड़कर नहीं देखा। बूरा बताती है कि रिश्तेदारों के मना करने पर भी माता-पिता ने हमेशा साथ दिया। मैंने पापा से सीखा कि डर नाम की कोई चीज नहीं होती। इसलिए मैं हमेशा निडर रही हूं और आगे भी रहूंगी। संवाद
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मेरी बहन मेरा आदर्श
सीवी बूरा बताती है कि मैं अपनी बड़ी बहन स्वीटी बूरा को आदर्श मानती हूं। मेरी बहन ने मेरा समय-समय पर साथ दिया। चाहे बात खेलों की हो या फिर मेरे किसी निजी काम की। मेरी बहन मेरे साथ हमेशा खड़ी रहती हैं। यहां तक पहुंचने में मेरे माता-पिता के अलावा मेरी बड़ी बहन का भी काफी सहयोग रहा। सीवी ने बताया कि मुझे बड़ी बहन स्वीटी से ही खेलने की प्रेरणा मिली। बड़ी बहन ने देश के लिए कई पदक हासिल किए तो मेरा भी हौसला बढ़ता चला गया।
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माता-पिता से गुजारिश
सेक्टर-4 की रहने वाली सीवी बूूरा ने कहा कि मैं सभी माता-पिता से गुजारिश करना चाहती हूं कि अपनी बेटियों को बाहर निकलने दे। वह सब कुछ कर सकती हैं। इन्हें दबाओ मत और इनके सपनों को एक लंबी उड़ान भरने दो। एक दिन जरूर कामयाबी मिलेंगी। सीवी के मुताबिक बच्चों को जमीनी स्तर से ही खेल सुविधाएं मुहैया करवाई जानी चाहिए।
सीवी की उपलब्धियां
- वर्ष 2014 में थर्ड नेशंस कप में गोल्ड मेडल
- वर्ष 2014 में वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप में भागीदारी।
- वर्ष 2015 में चौथे नेशंस कप में सिल्वर मेडल।
- वर्ष 2015 में वर्ल्ड महिला जूनियर व यूथ बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भागीदारी।
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