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आरसीबी : नगर निगम ने बीएंडआर की रिपोर्ट पर दर्ज नहीं कराई आपत्ति, मालिक ने नहीं दिया अवमानना का जवाब
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हिसार। राम चाट भंडार (आरसीबी) मामले में बुधवार को अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान नगर निगम की तरफ से बीएंडआर की रिपोर्ट पर आपत्ति दर्ज नहीं करवाई गई। वहीं आरसीबी के मालिक ने भी अवमानना का जवाब नहीं दिया। इस पर अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए अगली तिथि 12 जुलाई निर्धारित कर दी।
बता दें कि 12 अप्रैल की सुबह आरसीबी के भवन में आग लग गई थी, जिसमें 14 वर्षीय किशोर की भी मौत हो गई थी। नगर निगम ने जांच के दौरान इस भवन को असुरक्षित करार दिया था और भवन गिराने का नोटिस जारी किया था। 27 अप्रैल को निगमायुक्त ने मौके का निरीक्षण किया था। इस दौरान भवन को गिराने का कार्य धीमी गति से चल रहा था। इस पर निगम ने दोबारा नोटिस जारी कर भवन मालिक को निर्धारित समयावधि में ही अपने जर्जर भवन को अपने स्तर पर गिराने के आदेश दिए थे। इन नोटिस के खिलाफ भवन मालिक ने अदालत में याचिका दायर कर दी तो अदालत ने भवन को यथास्थिति में रखने और बीएंडआर विभाग को 5 मई तक स्ट्रेचर स्टेबिलिटी रिपोर्ट देने को कहा।
उधर, निगम की तरफ से भी भवन मालिक के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की गई थी। बीएंडआर ने 7 मई को अपनी स्ट्रक्चर स्टेबिलिटी रिपोर्ट जमा करवाई। 10 मई को हुई सुनवाई में अदालत ने निगम को बीएंडआर की रिपोर्ट पर आपत्ति दर्ज करवाने का कहा था और सुनवाई की तिथि 18 मई निर्धारित की थी। इस दिन हुई सुनवाई में निगम ने अवमानना साबित करने के लिए अदालत में रेस्टोरेंट मालिक द्वारा बिल्डिंग में गोल गप्पे बेचने की वीडियो दिखाई थी। यह देख अदालत ने 25 मई को निगम की अवमानना याचिका पर जवाब देने व निगम को बीएंडआर की रिपोर्ट पर आपत्ति दर्ज करवाने के आदेश दिए थे।
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बता दें कि 12 अप्रैल की सुबह आरसीबी के भवन में आग लग गई थी, जिसमें 14 वर्षीय किशोर की भी मौत हो गई थी। नगर निगम ने जांच के दौरान इस भवन को असुरक्षित करार दिया था और भवन गिराने का नोटिस जारी किया था। 27 अप्रैल को निगमायुक्त ने मौके का निरीक्षण किया था। इस दौरान भवन को गिराने का कार्य धीमी गति से चल रहा था। इस पर निगम ने दोबारा नोटिस जारी कर भवन मालिक को निर्धारित समयावधि में ही अपने जर्जर भवन को अपने स्तर पर गिराने के आदेश दिए थे। इन नोटिस के खिलाफ भवन मालिक ने अदालत में याचिका दायर कर दी तो अदालत ने भवन को यथास्थिति में रखने और बीएंडआर विभाग को 5 मई तक स्ट्रेचर स्टेबिलिटी रिपोर्ट देने को कहा।
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उधर, निगम की तरफ से भी भवन मालिक के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की गई थी। बीएंडआर ने 7 मई को अपनी स्ट्रक्चर स्टेबिलिटी रिपोर्ट जमा करवाई। 10 मई को हुई सुनवाई में अदालत ने निगम को बीएंडआर की रिपोर्ट पर आपत्ति दर्ज करवाने का कहा था और सुनवाई की तिथि 18 मई निर्धारित की थी। इस दिन हुई सुनवाई में निगम ने अवमानना साबित करने के लिए अदालत में रेस्टोरेंट मालिक द्वारा बिल्डिंग में गोल गप्पे बेचने की वीडियो दिखाई थी। यह देख अदालत ने 25 मई को निगम की अवमानना याचिका पर जवाब देने व निगम को बीएंडआर की रिपोर्ट पर आपत्ति दर्ज करवाने के आदेश दिए थे।
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