फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   rakesh tikait spoke that we will not open jaam till release arrested farmer

राकेश टिकैत बोले - जब तक रिहा नहीं होंगे किसान, तब तक नहीं खुलेगा जाम

Fri, 04 Jun 2021 01:06 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 04 Jun 2021 01:06 AM IST
विज्ञापन
rakesh tikait spoke that we will not open jaam till release arrested farmer
हांसी (हिसार)। भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत वीरवार शाम रामायण टोल प्लाजा पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि किसान जेल जाने से नहीं डरें। उन्होंने कहा कि ही मुकदमों से भी न डरें और जमानत न करवाएं। टिकैत ने कहा कि अगर कोई किसान जेल जाने से डरता है तो आंदोलन भी करने की जरूरत नहीं। किसान जेल के अंदर से भी अपना आंदोलन शुरू करें। टिकैत ने कहा कि फतेहाबाद में गिरफ्तार किए गए सभी किसानों को जब तक रिहा नहीं किया जाएगा, तब तक आंदोलन चलता रहेगा।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हरियाणा में आंदोलन को केंद्र बनाना चाहती हैं। सरकार आंदोलन को हिसार व जींद के आसपास शिफ्ट करना चाहती है, जिसे हम किसी भी कीमत पर नहीं होने देंगे। सरकार की इस चाल को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे।
विज्ञापन

सीएम ने ली है आंदोलन को शिफ्ट करने की जिम्मेदारी
किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आंदोलन को हरियाणा में शिफ्ट करने की पूरी जिम्मेदारी ले रखी है, लेकिन ये नहीं होने देंगे। किसी किसी भी कीमत पर दिल्ली को नहीं छोडेंगे। सरकार चाहे हम पर कितने भी मुकदमे दर्ज क्यों ना कर ले। हम किसानों को शांत रखकर दिल्ली ही केंद्रित रहेंगे। हरियाणा में टोल प्लाजा पर धरने पहले की तरह लगातार चलते रहेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

विधायक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर भड़की थी आग
टोहाना में विधायक देवेंद्र बबली के आवास का घेराव करने के लिए पहुंचे किसानों को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के विरोध में किसानों ने बुधवार शाम 6 बजे से रामायण टोल प्लाजा जाम कर दिया था। केवल दुपहिया वाहनों को ही गुजरने दिया जा रहा है। चौपहिया वाहनों की लंबी कतार लगी रही। इस मौके पर किसान नेता प्रेम मलिक, भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर सहरावत, दिलबाग हुड्डा, सतबीर पूनिया, जिला परिषद के पूर्व चेयरमैन डॉ. राजेंद्र सूरा, रीमन नैन, सरदार जगजीत सिंह, जिला पार्षद प्रतिनिधि मनोज राठी सहित काफी संख्या में किसानों ने बैठक को संबोधित किया।
वाहन चालक पूरी रात भटकते रहे
किसानों द्वारा रामायण टोल प्लाजा पर जाम लगाए जाने के बाद पूरी रात वाहन चालक छोटे रास्तों पर भटकते रहे। नेशनल हाईवे से किसान किसी वाहन चालक को नहीं जाने दे रहे थे। लिंक रास्तों से वाहन चालकों ने रास्तों को खोजाते हुए अपने गंतव्य पर पहुंचे। निजी वाहन भी रात के समय यात्रियों को नहीं मिले और लोग कच्चे रास्तों से आवागमन करते रहे। गांवों के छोटे-छोटे रास्तों पर वाहनों की संख्या बढ़ने से वहां भी जाम लग गया व घंटों तक वाहन जाम में फंसे रहे। रामायण टोल प्लाजा पर जाम के कारण वाहन चालक रामायण गांव की तरफ से देपल, उमरा होते हुए हांसी की तरफ आए। वहीं, हिसार की तरफ जाने वाले वाहन चालकों ने भी इसी मार्ग का इस्तेमाल किया।
नाकों पर तैनात रहे पुलिसकर्मी
विधायक देवेंद्र बबली प्रकरण में रात पुलिस कर्मी नाकों पर तैनात रहे। इसके अलावा एंबुलेंस, आर्मी वाहनों को भी किसानों ने नहीं रोका। हालांकि पुलिस के वाहनों को किसानों ने जाने की अनुमति नहीं दे रहे थे। पूरे जिले की पुलिस फोर्स रामायण टोल प्लाजा पर तैनात रही, लेकिन किसानों के धरनास्थल से दूरी बनाए रखी।
रवि आजाद व विकास सिसर को भेजा जेल
किसान नेता दशरथ मलिक ने कहा कि मुझे व रामायण टोल के इंचार्ज किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष कुलदीप खरड़ सहित अन्य किसानों को पुलिस ने पूरी रात थाने में रखा और वीरवार को सुबह हमें छोड़ा गया। मगर हमारे दो किसान नेताओं को पुलिस ने बंधक बनाकर रख लिया। हमें जहां तक जानकारी मिली हैं रवि आजाद व विकास सिसर को जेल में भेज दिया है। इसी के चलते हमने रामायण टोल को लंबे समय तक जाम किया है। सरकार को हमारी मांगों को मानना चाहिए, ताकि हम भी अपने कार्य में लग सके।

गुरनाम सिंह चढूनी बोले - विधायक का आवास घेरने वाले हमारे किसान नहीं
हिसार। बाडोपट्टी टोल पर चल रहे धरना प्रदर्शन में वीरवार शाम को किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी पहुंचे। गुरनाम चढूनी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि जो लोग विधायक देवेंद्र बबली की कोठी का घेराव करने गए थे, वे हमारे किसान नहीं थे। विधायक की कोठी का घेराव करने का फैसला उन लोगों का निजी फैसला था। लठ मारने के सवाल का जवाब देते हुए चढूनी ने कहा कि किसी को लठ मारने के लिए हमने कभी नहीं कहा। लठ खाने वाला बच्चा हमारा है। लठ मारने वाला बच्चा हमारा नहीं है। उन्होंने संभल कर चलने और आंदोलन को किसी भी सूरत में कमजोर नहीं होने देने का आह्वान किया। जेजेपी-बीजेपी वाले आंदोलन को तोड़ना चाहते हैं। कमेटी की सहमति से पंचायत ने जो फैसला लिया उसे सभी को स्वीकार करना चाहिए। इस अवसर पर उद्योग व्यापार मंडल प्रदेश सचिव सौरभ मित्तल समेत अनेक किसान मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed