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ई-टिकटिंग मशीनें रखने लिए रैक बनने शुरू, 6 हिसार तो 2 हांसी में बनेंगे
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हिसार। रोडवेज में ई-टिकटिंग मशीनें पहुंचने की उम्मीद जग चुकी है। मशीनों को रखने के लिए टिकट स्टोर में रैक बनाए जा रहे हैं। एक रैक में 42 मशीनें रखी जा सकेंगी। रैक बनने के बाद पंचकूला मुख्यालय से कर्मचारी पहुंचेंगे और रैक में बनाए बॉक्स के अंदर मशीनों को चार्ज करने के लिए प्वाइंट लगाए जाएंगे। हिसार में 6 और हांसी में 2 रैक बनाए जाएंगे। हिसार में काम पूरा होने के बाद हांसी बस स्टैंड पर रैक बनाए जाएंगे।
रोडवेज अधिकारियों के अनुसार इस माह रोडवेज में ई-टिकटिंग पहुंचने की उम्मीद है। यहां तक कि मशीनों को लेकर कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। कुछ दिन पहले भी कर्मचारियों को पंचकूला मुख्यालय बुलाया गया था। जहां पर कर्मचारियों को मशीन चलाने की ट्रेनिंग दी गई थी कि किस तरह मशीन काम करेगी। रोडवेज अधिकारियों के अनुसार एक बार मशीन चार्ज होने पर 24 घंटे तक चलेगी।
साधारण टिकट भी साथ रखेंगे परिचालक
सभी परिचालकों को ई-टिकटिंग मशीनें दी जाएंगी। इससे जहां एक ओर फर्जीवाड़ा रुकेगा, वहीं मशीन से टिकट काटने में समय की बर्बादी नहीं होगी। हालांकि इस दौरान परिचालक साधारण टिकट भी बैग में रखेंगे, ताकि मशीन में कोई खराबी आने पर यात्रियों को टिकट दिया जा सके।
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चार दिन में रैक बनकर तैयार हो जाएंगे। उसके बाद मशीनों को चार्ज करने के लिए प्वाइंट लगाए जाएंगे।
- रणधीर, बिल्डिंग क्लर्क, रोडवेज
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रोडवेज अधिकारियों के अनुसार इस माह रोडवेज में ई-टिकटिंग पहुंचने की उम्मीद है। यहां तक कि मशीनों को लेकर कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। कुछ दिन पहले भी कर्मचारियों को पंचकूला मुख्यालय बुलाया गया था। जहां पर कर्मचारियों को मशीन चलाने की ट्रेनिंग दी गई थी कि किस तरह मशीन काम करेगी। रोडवेज अधिकारियों के अनुसार एक बार मशीन चार्ज होने पर 24 घंटे तक चलेगी।
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साधारण टिकट भी साथ रखेंगे परिचालक
सभी परिचालकों को ई-टिकटिंग मशीनें दी जाएंगी। इससे जहां एक ओर फर्जीवाड़ा रुकेगा, वहीं मशीन से टिकट काटने में समय की बर्बादी नहीं होगी। हालांकि इस दौरान परिचालक साधारण टिकट भी बैग में रखेंगे, ताकि मशीन में कोई खराबी आने पर यात्रियों को टिकट दिया जा सके।
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चार दिन में रैक बनकर तैयार हो जाएंगे। उसके बाद मशीनों को चार्ज करने के लिए प्वाइंट लगाए जाएंगे।
- रणधीर, बिल्डिंग क्लर्क, रोडवेज