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एचपीएससी की असिस्टेंट प्रोफेसर ज्योग्राफी भर्ती में 49 प्रश्नों पर सवालिया निशान : रणदीप सुरजेवाला
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हिसार में मीडिया से बातचीत करते कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला। अमर उजाला
हिसार। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सदस्य रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन की असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती प्रणाली को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि इसे तुरंत बर्खास्त कर न्यायिक जांच होनी चाहिए। 8 जून को हुई असिस्टेंट प्रोफेसर ज्योग्राफी की भर्ती के लिए पूछे गए 49 सवालों में गड़बड़ी है। 24 श्रेणियों की असिस्टेंट प्रोफेसर भर्तियों में दिनदहाड़े धांधली की जा रही है। रणदीप सुरजेवाला ने एचपीएससी को हेराफेरी सर्विस कमीशन का नाम देते हुए सभी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
हिसार कांग्रेस भवन में रविवार काे मीडिया से बातचीत करते हुए सुरजेवाला ने कहा कि आए दिन असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के प्रश्नपत्रों की सील टूटी मिलती है। एचपीएससी व सरकारी घालमेल के चलते साल 2019 से असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती का इंतजार कर रहे लाखों युवक व युवतियों की जिंदगी बर्बाद हो गई है। इस गड़बड़झाले के लिए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री नायब सैनी व बिहार से आयात कर थोपे गए एचपीएससी के चेयरमैन आलोक वर्मा जिम्मेदार हैं।
रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि 7 साल बाद एचपीएससी ने असिस्टेंट प्रोफेसर (कॉलेज काडर) के लिए 2024 में 26 विषयों के 2,424 असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों के लिए आवेदन मांगे थे, जिसमें 1.5 लाख युवाओं ने आवेदन किया। 29 मई 2025 को असिस्टेंट प्रोफेसर (पॉलिटिकल साइंस) और 1 जून को असिस्टेंट प्रोफेसर (हिंदी) के 6 प्रश्नपत्रों की सील टूटी मिली जिसमें 3 जून को असिस्टेंट प्रोफेसर (हिंदी) का पेपर रद्द कर दिया।
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8 जून को असिस्टेंट प्रोफेसर (ज्योग्राफी) का पेपर लिया गया, जिसमें 26 सवाल ‘बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन’ के ज्योग्राफी के पेपर से हूबहू और 6 सवाल आंशिक रूप से दोहराए गए हैं। यह संयोग है या प्रयोग है कि बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन के पेपर के 32 सवाल एचपीएससी में लगाने वाले चेयरमैन आलोक वर्मा भी बिहार से हैं।
इस पेपर की एचपीएससी ने ‘रिवाइज्ड आंसर की’ जारी की है। प्रश्न नंबर 46 साल 2017 के एचटेट पेपर में भी पूछा तो उसका सही उत्तर ‘‘जीन गोटमैन’’ माना गया था। अब उसका सही उत्तर ‘पैट्रिक गैडस’ को मान रहे हैं। ‘रिवाइज्ड आंसर की’ में प्रश्नपत्र के 10 प्रश्नों को ही हटा दिया गया। बिना कोई शैक्षणिक आधार बताए हटा देना पूरी भर्ती प्रक्रिया को धूमिल कर देता है। प्रश्न नंबर 13, 19, 43, 52 व 76 में दो वैध उत्तर थे, पर इन्हें पूरी तरह से हटा दिया गया है। गलत जवाबों की नेगेटिव मार्किंग वाले पेपर में 17 प्रश्नों को जानबूझकर खराब करना, सही उत्तरों को बदलना, वैध प्रश्नों को हटाना प्रतिभाशाली युवाओं के साथ घोर अन्याय है। इस अवसर पर पूर्व मंत्री संपत सिंह, एआईसीसी सदस्य राजेश संदलाना,नेता धर्मवीर गोयत, बृजलाल बहबलपुरिया, आनंद जाखड़, सतपाल कुलड़िया, दिनेश पूनिया, जय भगवान भडाना मौजूद रहे।
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हिसार कांग्रेस भवन में रविवार काे मीडिया से बातचीत करते हुए सुरजेवाला ने कहा कि आए दिन असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के प्रश्नपत्रों की सील टूटी मिलती है। एचपीएससी व सरकारी घालमेल के चलते साल 2019 से असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती का इंतजार कर रहे लाखों युवक व युवतियों की जिंदगी बर्बाद हो गई है। इस गड़बड़झाले के लिए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री नायब सैनी व बिहार से आयात कर थोपे गए एचपीएससी के चेयरमैन आलोक वर्मा जिम्मेदार हैं।
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रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि 7 साल बाद एचपीएससी ने असिस्टेंट प्रोफेसर (कॉलेज काडर) के लिए 2024 में 26 विषयों के 2,424 असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों के लिए आवेदन मांगे थे, जिसमें 1.5 लाख युवाओं ने आवेदन किया। 29 मई 2025 को असिस्टेंट प्रोफेसर (पॉलिटिकल साइंस) और 1 जून को असिस्टेंट प्रोफेसर (हिंदी) के 6 प्रश्नपत्रों की सील टूटी मिली जिसमें 3 जून को असिस्टेंट प्रोफेसर (हिंदी) का पेपर रद्द कर दिया।
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8 जून को असिस्टेंट प्रोफेसर (ज्योग्राफी) का पेपर लिया गया, जिसमें 26 सवाल ‘बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन’ के ज्योग्राफी के पेपर से हूबहू और 6 सवाल आंशिक रूप से दोहराए गए हैं। यह संयोग है या प्रयोग है कि बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन के पेपर के 32 सवाल एचपीएससी में लगाने वाले चेयरमैन आलोक वर्मा भी बिहार से हैं।
इस पेपर की एचपीएससी ने ‘रिवाइज्ड आंसर की’ जारी की है। प्रश्न नंबर 46 साल 2017 के एचटेट पेपर में भी पूछा तो उसका सही उत्तर ‘‘जीन गोटमैन’’ माना गया था। अब उसका सही उत्तर ‘पैट्रिक गैडस’ को मान रहे हैं। ‘रिवाइज्ड आंसर की’ में प्रश्नपत्र के 10 प्रश्नों को ही हटा दिया गया। बिना कोई शैक्षणिक आधार बताए हटा देना पूरी भर्ती प्रक्रिया को धूमिल कर देता है। प्रश्न नंबर 13, 19, 43, 52 व 76 में दो वैध उत्तर थे, पर इन्हें पूरी तरह से हटा दिया गया है। गलत जवाबों की नेगेटिव मार्किंग वाले पेपर में 17 प्रश्नों को जानबूझकर खराब करना, सही उत्तरों को बदलना, वैध प्रश्नों को हटाना प्रतिभाशाली युवाओं के साथ घोर अन्याय है। इस अवसर पर पूर्व मंत्री संपत सिंह, एआईसीसी सदस्य राजेश संदलाना,नेता धर्मवीर गोयत, बृजलाल बहबलपुरिया, आनंद जाखड़, सतपाल कुलड़िया, दिनेश पूनिया, जय भगवान भडाना मौजूद रहे।