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शहीद के पार्थिव शरीर पर 500 रुपये और चांदी का सिक्का रख मां बोलीं- बेटा ये तेरे लिए, मुझे तुझ पर गर्व है
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शहीद की मां शव पर 500 रुपये का नोट रखती हुई।
- फोटो : Hisar
अमित वर्मा
उकलाना। कस्बे से 4 किमी दूर स्थित गांव हांसेवाला के शहीद जवान जयपाल गिल का सैन्य सम्मान के साथ मंगलवार को गांव में अंतिम संस्कार किया गया। मंगलवार सुबह 7 बजे ही गांव हांसावाला में शहीद के घर के बाहर लोगों की भीड़ जुटी शुरू हो गई थी। सुबह करीब 9 बजे शहीद का पार्थिव शरीर सूरेवाला चौक के पास पहुंचा। वहां से 200 बाइक का काफिला सैन्य वाहन के साथ गांव तक गया। इस दौरान जयपाल अमर रहे, जय हिंद के नारे गूंजते रहे। घर पहुंचने पर शहीद की मां पतासो देवी ने बेटे के पार्थिव शरीर को निहारा और 500 रुपये व चांदी का सिक्का रख कर कहा ये तेरे लिए है, मुझे अपने बेटे पर गर्व है।
वहीं, पति की शहादत की खबर सुनने के बाद पूजा बार-बार बेसुध हो रही थी। अंतिम विदाई से पहले जयपाल के पिता बेद प्रकाश, मां पतासो देवी व पत्नी पूजा रानी, बड़े भाई मनोज गिल ने जयपाल गिल के अंतिम दर्शन किए। उनका 5 वर्ष का बेटा है। स्वर्ग आश्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, नेताओं व सेना के पूर्व अधिकारियों व जवानों ने जयपाल को श्रद्धांजलि दी। जयपाल के बड़े भाई मनोज गिल ने शहीद को मुखाग्नि दी।
34 आरआर घातक मिशन का सदस्य था जयपाल, मार्च में आया था घर
गांव हांसेवाला वासी 30 वर्षीय जयपाल गिल वर्ष 2009 में सेना में भर्ती हुआ था और वर्तमान में उनकी तैनाती लांस नायक के तौर पर जम्मू के कुपवाड़ा में थी। जवान जयपाल आतंकियों के सर्च ऑपरेशन की टीम में शामिल था और कुपवाड़ा में अभियान के दौरान करंट लगने से शहीद हो गया था। वहीं शहीद के भाई मनोज ने बताया कि जयपाल 34 आरआर घातक मिशन में तैनात था और मार्च में घर आया था।
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उकलाना। कस्बे से 4 किमी दूर स्थित गांव हांसेवाला के शहीद जवान जयपाल गिल का सैन्य सम्मान के साथ मंगलवार को गांव में अंतिम संस्कार किया गया। मंगलवार सुबह 7 बजे ही गांव हांसावाला में शहीद के घर के बाहर लोगों की भीड़ जुटी शुरू हो गई थी। सुबह करीब 9 बजे शहीद का पार्थिव शरीर सूरेवाला चौक के पास पहुंचा। वहां से 200 बाइक का काफिला सैन्य वाहन के साथ गांव तक गया। इस दौरान जयपाल अमर रहे, जय हिंद के नारे गूंजते रहे। घर पहुंचने पर शहीद की मां पतासो देवी ने बेटे के पार्थिव शरीर को निहारा और 500 रुपये व चांदी का सिक्का रख कर कहा ये तेरे लिए है, मुझे अपने बेटे पर गर्व है।
वहीं, पति की शहादत की खबर सुनने के बाद पूजा बार-बार बेसुध हो रही थी। अंतिम विदाई से पहले जयपाल के पिता बेद प्रकाश, मां पतासो देवी व पत्नी पूजा रानी, बड़े भाई मनोज गिल ने जयपाल गिल के अंतिम दर्शन किए। उनका 5 वर्ष का बेटा है। स्वर्ग आश्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, नेताओं व सेना के पूर्व अधिकारियों व जवानों ने जयपाल को श्रद्धांजलि दी। जयपाल के बड़े भाई मनोज गिल ने शहीद को मुखाग्नि दी।
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34 आरआर घातक मिशन का सदस्य था जयपाल, मार्च में आया था घर
गांव हांसेवाला वासी 30 वर्षीय जयपाल गिल वर्ष 2009 में सेना में भर्ती हुआ था और वर्तमान में उनकी तैनाती लांस नायक के तौर पर जम्मू के कुपवाड़ा में थी। जवान जयपाल आतंकियों के सर्च ऑपरेशन की टीम में शामिल था और कुपवाड़ा में अभियान के दौरान करंट लगने से शहीद हो गया था। वहीं शहीद के भाई मनोज ने बताया कि जयपाल 34 आरआर घातक मिशन में तैनात था और मार्च में घर आया था।
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