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छोटे भाई को कुश्ती लड़ते देखा तो अखाड़े में उतरी थी पुलकित, अब लगाया गोल्डन दांव

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jun 2022 12:00 AM IST
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Pulkit had landed in the arena when he saw the younger brother fighting wrestling, now the golden bet was placed
कुश्ती में दांव लगाती पहलवान पुलकित। (नीली टीशर्ट में) संवाद - फोटो : Hisar
हिसार। चार साल पहले छोटे भाई हर्षित को कुश्ती लड़ते देखा तो जींद की रहने वाली पुलकित ने अखाड़ा में दांव-पेंच सीखना शुरू किया। दो साल तक जींद के अखाड़ा में प्रशिक्षण लिया, मगर वहां प्रैक्टिस सहीं नहीं होने पर पिता प्रभात ने उसे हिसार जिला के गांव उमरा में भेज दिया। पुलकित दो साल से उमरा में अपने छोटे भाई के साथ प्रशिक्षण ले रही है। अब पुलकित ने खेलो इंडिया यूथ गेम्स के 65 किलोग्राम भारवर्ग में हरियाणा की ही खिलाड़ी अंजलि को 10-0 से हराकर स्वर्ण पदक हासिल किया। पदक जीतने पर पुलकित के परिवार में खुशी का माहौल है।
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कुश्ती कोच संजय मलिक ने बताया कि पुलकित का सब जूनियर एशिया और अंडर-15 एशिया चैंपियनशिप के लिए चयन हुआ है। खेलो इंडिया यूथ गेम्स में कुश्ती पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में हुई थी। पुलकित बारहवीं कक्षा की छात्रा है।
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पिता ने उठाया कर्जा, बेटी की मेहनत लाई रंग
पुलकित के पिता प्रभात डेयरी चलाते हैं। माता कुसुम गृहिणी है। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के बावजूद पिता ने बेटी को खिलाने के लिए लोन से लेकर रुपये उधार लिए। वहीं बेटी ने भी माता-पिता का हौसला बढ़ाया कि आप चिंता मत करो। एक दिन मेरी मेहनत रंग लाएगी। पुलकित उमरा में एशियन स्पोर्ट्स स्कूल में कोच संजय मलिक के पास कुश्ती का प्रशिक्षण ले रही है। पुलकित के पिता प्रभात बताते हैं कि वर्ष 2018 में गर्मी की छुटियों में छोटे बेटे हर्षित ने जींद में अखाड़ा में कुश्ती के दांव-पेच सीखने शुरू किए। बेटी पुलकित भी अपने भाई के साथ रोजाना कुश्ती देखने जाती थी। धीरे-धीरे पुलकित के अंदर भी कुश्ती सीखने की ललक पैदा हो गई। इसके बाद माता-पिता से कुश्ती सीखने की बात कही तो उन्होंने हां भर दी।
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आहिल्या ने जीता कांस्य पदक
उमरा में ही प्रशिक्षण ले रही पहलवान आहिल्या ने भी खेलो इंडिया यूथ गेम्स में कांस्य पदक जीता। कोच संजय मलिक ने बताया कि आहिल्या का सेमीफाइनल मुकाबला मध्यप्रदेश की प्रियांशी के साथ हुआ, मगर आहिल्या 9-4 से हार गई और उसे कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। आहिल्या ने 49 किलोग्राम भारवर्ग में पदक हासिल किया है।
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