बाबुओं ने कट्टों में भरकर छिपाए प्रॉपर्टी टैक्स बिल
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शहर में प्रॉपर्टी टैक्स बिल बांटने को लेकर ऑफिस बाबू काम से जी चुरा रहे हैं। बाबुओं ने इन बिलों को कट्टों में भरकर कबाड़ की तरह कोने में छिपा दिया है। कॉलोनी वाइज लगी ड्यूटी के हिसाब से ऐसे में कई कॉलोनियों में प्रॉपटी बिल ही नहीं पहुंच रहे। बाबू इस सेटिंग में लगे हुए हैं कि दूसरे कर्मचारियों से किसी तरह बिल बटवाएं जाएं। मगर कर्मचारी भी ऐसा तभी कर पाएंगे जब वे पहले खुद का काम निपटा लें। निगम को 24 नवंबर तक पुरानी करेंसी टैक्स के रूप में जमा करवाने को लेकर निर्देश हैं। जिन कॉलोनियों में बिल नहीं पहुंचा वहां के लोग टैक्स भरने निगम में नहीं आएंगे। ऐसे में निगम को लाखों का नुकसान हो सकता है। साथ ही आम लोगों को भी पुरानी करेंसी जमा करवाने का फायदा भी नहीं मिल पाएगा।
19 नंबर कमरे में छिपा रखे थे प्रॉपर्टी बिल
निगम के कुछ कर्मचारियों ने 19 नंबर कमरे में प्रॉपर्टी टैक्स बिल छिपा रखे थे। इन बिलों 18 नवंबर को अलग अलग कॉलोनी वाइज कर्मचारियों व बाबुओं को दे दिए थे। 18 नवंबर से ही ये बिल 19 नंबर कमरे में कट्टे में भरकर छिपा दिए गए। इन कट्टों पर लाल रंग का पेपर डाल दिया गया। ताकि पता न चले की क्या भरकर रखा गया है।
408 सफाई कर्मचारी लगाए बिल बांटने के लिए
निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स बिल बांटने को लेकर 408 अस्थायी कर्मचारियों को लगाया गया है। इन कर्मचारियों को अभी तक अक्तूबर महीने का वेतन तक नहीं मिला है। दबी जुबान में सफाई कर्मचारी कह रहे हैं कि अस्थायी कर्मचारी होने की स्थिति में उन पर बिल बांटने का दबाव है। स्थायी कर्मचारियों को आखिर क्यों नहीं लगाया गया।
मेरी जानकारी में नहीं है। किसने बिल छुपाए हुए हैं उससे जवाब मांगा जाएगा। मामला उच्च अधिकारियों की संज्ञान में लाया जाएगा।
- कैलाश चंद्र, अधीक्षक नगर निगम