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Hisar News: होनहारों ने फहराया मेधा का परचम
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हिसार में खुशी मनाते टॉपर विद्यार्थी।
- फोटो : 1
हिसार। सीबीएसई की 12वीं परीक्षा के बुधवार को घोषित परिणाम में जिले के होनहारों ने अपनी मेधा का परचम फहरा दिया। ज्योंही परिणाम घोषित हुआ श्रेष्ठ अंक हासिल करने वाले बच्चों के घरों में खुशी का माहौल छा गया।
जिले में इस बार 8073 विद्यार्थियाें ने परीक्षा दी जिसमें से 3692 छात्राएं और 4381 छात्र शामिल रहे। इनमें से 85 प्रतिशत विद्यार्थी सफल रहे। पिछले साल के मुकाबले इस बार परिणाम 4.3 फीसदी प्रतिशत कम रहा है। वर्ष 2025 में 7385 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी जिनमें से 6595 विद्यार्थी पास हुए। इस लिहाज से परीक्षा परिणाम 89.30 प्रतिशत रहा। छात्रों का परीक्षा परिणाम 86.40 फीसदी और छात्राओं का 92.79 प्रतिशत रहा था। वर्ष 2024 में परिणाम 83.66 प्रतिशत रहा था।
लक्ष्य के प्रति ईमानदार हैं तो कोई भी मंजिल मुश्किल नहीं होती: कंसिका
न्यू लाहौरिया स्कूल की कंसिका ने बताया कि लगन के साथ पढ़ाई और रोजाना 6 से 8 घंटे नियमित अध्ययन के चलते उसने वाणिज्य संकाय में 98.8 प्रतिशत अंक हासिल किए। यह मेरे लिए बेहद गर्व और खुशी का पल है। कठिन परिस्थितियों में माता-पिता, भाई और शिक्षकों ने हौसला बढ़ाया। यही मेरी सबसे बड़ी ताकत बनी। सोशल मीडिया को कभी भी अपनी पढ़ाई के बीच रुकावट नहीं बनने दिया। मैथ्स और अकाउंट्स में 99 फीसद और म्यूजिक में 100 अंक प्राप्त करना मेरे लिए किसी उपलब्धि से कम नहीं है। मेरा सपना चार्टेड अकाउंटेंट बनना है। अभी से इसकी तैयारी कर रही हूं। मेरा मानना है कि इंसान अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदार रहे तो कोई भी मंजिल मुश्किल नहीं होती।
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सेल्फ स्टडी की आदत डालें और सोशल मीडिया का सीमित इस्तेमाल करें: पलक
न्यू लाहौरिया स्कूल की पलक ने बताया कि मैंने शुरू से ही नियमित अध्ययन और अनुशासन को सबसे ज्यादा महत्व दिया है। मेरा मानना है कि बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए केवल कोचिंग नहीं बल्कि सेल्फ स्टडी सबसे ज्यादा जरूरी होती है। नियमित अध्ययन का परिणाम है कि वाणिज्य संकाय में 98 प्रतिशत अंक प्राप्त किए है। अकाउंट्स में 99, इंग्लिश में 99, बिजनेस स्टडीज में 98 और म्यूजिक में 100 अंक आए हैं। इस सफलता के पीछे मेरे माता-पिता और शिक्षकों का बड़ा योगदान रहा। मेरा सपना सीए बनना है और मैं उसी दिशा में तैयारी कर रही हूं। मैं 12वीं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को यही सलाह देना चाहूंगी कि सेल्फ स्टडी की आदत डालें और सोशल मीडिया सीमित इस्तेमाल करें।
रोज का लक्ष्य बनाएं और उसी अनुरूप तैयारी करें: पीयूष
दिल्ली पब्लिक स्कूल के छात्र पीयूष ने बताया कि कला संकाय में 98.2 फीसदी अंक प्राप्त करना मेरे लिए गर्व का पल है। मैं अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और अध्यापकों को देना चाहता हूं। मैंने तैयारी के लिए कोई अलग या विशेष तरीका नहीं अपनाया। शिक्षकों ने हमेशा एनसीईआरटी की किताबों को गहराई से पढ़ने और पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का अभ्यास करने पर जोर दिया। इसी रणनीति ने मुझे इस मुकाम तक पहुंचाया। परीक्षा की तैयारी के दौरान सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी। पढ़ाई में सहायता के लिए एआई टूल का उपयोग किया। मेरा रोज का लक्ष्य स्पष्ट था। जितना कार्य तय करता उसे उसी दिन पूरा करने का प्रयास करता। विद्यार्थियों को यही संदेश देना चाहूंगा कि वे एनसीईआरटी की बुक्स पर सबसे ज्यादा ध्यान दें क्योंकि अधिकतर प्रश्न उसी से पूछे जाते हैं। मेरा सपना यूपीएससी परीक्षा पास कर आईएएस अधिकारी बनने का है।
समय प्रबंधन, स्मार्ट वर्क और सेल्फ स्टडी मेरी सफलता का राज: रुद्राक्षी दिल्ली पब्लिक स्कूल की छात्रा रुद्राक्षी ने बताया कि उसने मानविकी संकाय में 99.4 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। मनोविज्ञान, समाजशास्त्र और पेंटिंग में 100-100 अंक, राजनीति विज्ञान में 99 और अंग्रेजी में 98 फीसदी अंक मिले। मैं अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, दादी और शिक्षकों को देना चाहूंगी जिन्होंने हर कदम पर मेरा साथ दिया। वर्ष मेरे ऊपर कई जिम्मेदारियां थीं लेकिन मैंने पढ़ाई और सह-पाठयक्रम गतिविधियों के बीच संतुलन बनाए रखा। मेरा मानना है किविद्यार्थी कक्षा में ध्यानपूर्वक पढ़ाई करें तो आधी तैयारी वहीं पूरी हो जाती है। मैं भविष्य में मनोवैज्ञानिक बनना चाहती हूं। मेरी सफलता का सबसे बड़ा मंत्र समय प्रबंधन, स्मार्ट वर्क और नियमित सेल्फ स्टडी रहा। पढ़ाई के साथ-साथ सह-पाठयक्रम गतिविधियों में भाग लेना जरूरी है क्योंकि इससे मन तरोताजा रहता है और एकाग्रता बढ़ती है।
सफलता दबाव से नहीं बल्कि निरंतरता और अनुशासन से मिलती है: देवांशी
दिल्ली पब्लिक स्कूल की छात्रा देवांशी ने बताया कि मानविकी संकाय में 98.2 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। बोर्ड परीक्षा के साथ-साथ क्लैट-2026 में ऑल इंडिया रैंक 181 भी हासिल की। मेरा मानना है कि सफलता दबाव से नहीं बल्कि निरंतरता और अनुशासन से मिलती है राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की पुस्तकें मेरी तैयारी का सबसे मजबूत आधार रहीं। मैंने उन्हें कई बार दोहराया और विश्वसनीय स्रोतों से नमूना प्रश्न पत्र हल किए। अर्थशास्त्र मेरे लिए शुरुआत में सबसे चुनौतीपूर्ण विषय था क्योंकि मुझे उसके गणितीय भाग से डर लगता था लेकिन नियमित अभ्यास के बल पर मैंने उस डर को दूर किया सोशल मीडिया को लेकर मेरा मानना है कि इसका सीमित और जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग नुकसानदायक नहीं होता। मैं भविष्य में वकील बनना चाहती हूं।
सीबीएसई....एक्सपर्ट व मनोवैज्ञानिक
क्षमता और भविष्य को ध्यान में रखकर करें विषय का चयन 12वीं के बाद विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए कॅरिअर चयन का समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। विद्यार्थियों को अपनी क्षमता और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखकर विषय व कॅरिअर का चयन करना चाहिए। कई बार बाहरी दबाव या दूसरों की सलाह में ऐसे विषय चुन लिए जाते हैं जो आगे चलकर कठिन लगने लगते हैं। इसलिए अपनी रुचि और योग्यता को समझने के लिए वैज्ञानिक तरीके से साइकोमेट्रिक टेस्ट करवाना या अनुभवी कॅरिअर काउंसलर की सलाह लेना फायदेमंद रहता है।
- डॉ. जितेंद्र जांगड़ा, मनोवैज्ञानिक
रुचि के अनुसार विषय चयन ही सफलता की कुंजी 12वीं परीक्षा परिणाम आने के बाद विद्यार्थियों और अभिभावकों के सामने विषय चयन बड़ी चुनौती होती है। अधिक अंक आने का अर्थ यह नहीं कि विद्यार्थी केवल साइंस या मैथ्स ही चुनें। हर विद्यार्थी की प्रतिभा अलग होती है। बच्चों को उनकी रुचि के अनुसार विषय मिलें तो वे बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। संगीत, खेल और रचनात्मक क्षेत्रों में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों के लिए भी बेहतर अवसर मौजूद हैं। आर्ट्स, साइंस या कॉमर्स किसी भी विषय में बेहतर कॅरिअर बनाया जा सकता है बशर्ते पढ़ाई रुचि और लगन से की जाए। विद्यार्थियों को मित्रों की नकल करने के बजाय अपनी योग्यता और रुचि के आधार पर कॅरिअर का चयन करना चाहिए।
- प्रो. सत्य सुरेंद्र सिंगला, कॅरिअर काउंसलर
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जिले में इस बार 8073 विद्यार्थियाें ने परीक्षा दी जिसमें से 3692 छात्राएं और 4381 छात्र शामिल रहे। इनमें से 85 प्रतिशत विद्यार्थी सफल रहे। पिछले साल के मुकाबले इस बार परिणाम 4.3 फीसदी प्रतिशत कम रहा है। वर्ष 2025 में 7385 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी जिनमें से 6595 विद्यार्थी पास हुए। इस लिहाज से परीक्षा परिणाम 89.30 प्रतिशत रहा। छात्रों का परीक्षा परिणाम 86.40 फीसदी और छात्राओं का 92.79 प्रतिशत रहा था। वर्ष 2024 में परिणाम 83.66 प्रतिशत रहा था।
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लक्ष्य के प्रति ईमानदार हैं तो कोई भी मंजिल मुश्किल नहीं होती: कंसिका
न्यू लाहौरिया स्कूल की कंसिका ने बताया कि लगन के साथ पढ़ाई और रोजाना 6 से 8 घंटे नियमित अध्ययन के चलते उसने वाणिज्य संकाय में 98.8 प्रतिशत अंक हासिल किए। यह मेरे लिए बेहद गर्व और खुशी का पल है। कठिन परिस्थितियों में माता-पिता, भाई और शिक्षकों ने हौसला बढ़ाया। यही मेरी सबसे बड़ी ताकत बनी। सोशल मीडिया को कभी भी अपनी पढ़ाई के बीच रुकावट नहीं बनने दिया। मैथ्स और अकाउंट्स में 99 फीसद और म्यूजिक में 100 अंक प्राप्त करना मेरे लिए किसी उपलब्धि से कम नहीं है। मेरा सपना चार्टेड अकाउंटेंट बनना है। अभी से इसकी तैयारी कर रही हूं। मेरा मानना है कि इंसान अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदार रहे तो कोई भी मंजिल मुश्किल नहीं होती।
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सेल्फ स्टडी की आदत डालें और सोशल मीडिया का सीमित इस्तेमाल करें: पलक
न्यू लाहौरिया स्कूल की पलक ने बताया कि मैंने शुरू से ही नियमित अध्ययन और अनुशासन को सबसे ज्यादा महत्व दिया है। मेरा मानना है कि बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए केवल कोचिंग नहीं बल्कि सेल्फ स्टडी सबसे ज्यादा जरूरी होती है। नियमित अध्ययन का परिणाम है कि वाणिज्य संकाय में 98 प्रतिशत अंक प्राप्त किए है। अकाउंट्स में 99, इंग्लिश में 99, बिजनेस स्टडीज में 98 और म्यूजिक में 100 अंक आए हैं। इस सफलता के पीछे मेरे माता-पिता और शिक्षकों का बड़ा योगदान रहा। मेरा सपना सीए बनना है और मैं उसी दिशा में तैयारी कर रही हूं। मैं 12वीं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को यही सलाह देना चाहूंगी कि सेल्फ स्टडी की आदत डालें और सोशल मीडिया सीमित इस्तेमाल करें।
रोज का लक्ष्य बनाएं और उसी अनुरूप तैयारी करें: पीयूष
दिल्ली पब्लिक स्कूल के छात्र पीयूष ने बताया कि कला संकाय में 98.2 फीसदी अंक प्राप्त करना मेरे लिए गर्व का पल है। मैं अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और अध्यापकों को देना चाहता हूं। मैंने तैयारी के लिए कोई अलग या विशेष तरीका नहीं अपनाया। शिक्षकों ने हमेशा एनसीईआरटी की किताबों को गहराई से पढ़ने और पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का अभ्यास करने पर जोर दिया। इसी रणनीति ने मुझे इस मुकाम तक पहुंचाया। परीक्षा की तैयारी के दौरान सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी। पढ़ाई में सहायता के लिए एआई टूल का उपयोग किया। मेरा रोज का लक्ष्य स्पष्ट था। जितना कार्य तय करता उसे उसी दिन पूरा करने का प्रयास करता। विद्यार्थियों को यही संदेश देना चाहूंगा कि वे एनसीईआरटी की बुक्स पर सबसे ज्यादा ध्यान दें क्योंकि अधिकतर प्रश्न उसी से पूछे जाते हैं। मेरा सपना यूपीएससी परीक्षा पास कर आईएएस अधिकारी बनने का है।
समय प्रबंधन, स्मार्ट वर्क और सेल्फ स्टडी मेरी सफलता का राज: रुद्राक्षी दिल्ली पब्लिक स्कूल की छात्रा रुद्राक्षी ने बताया कि उसने मानविकी संकाय में 99.4 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। मनोविज्ञान, समाजशास्त्र और पेंटिंग में 100-100 अंक, राजनीति विज्ञान में 99 और अंग्रेजी में 98 फीसदी अंक मिले। मैं अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, दादी और शिक्षकों को देना चाहूंगी जिन्होंने हर कदम पर मेरा साथ दिया। वर्ष मेरे ऊपर कई जिम्मेदारियां थीं लेकिन मैंने पढ़ाई और सह-पाठयक्रम गतिविधियों के बीच संतुलन बनाए रखा। मेरा मानना है किविद्यार्थी कक्षा में ध्यानपूर्वक पढ़ाई करें तो आधी तैयारी वहीं पूरी हो जाती है। मैं भविष्य में मनोवैज्ञानिक बनना चाहती हूं। मेरी सफलता का सबसे बड़ा मंत्र समय प्रबंधन, स्मार्ट वर्क और नियमित सेल्फ स्टडी रहा। पढ़ाई के साथ-साथ सह-पाठयक्रम गतिविधियों में भाग लेना जरूरी है क्योंकि इससे मन तरोताजा रहता है और एकाग्रता बढ़ती है।
सफलता दबाव से नहीं बल्कि निरंतरता और अनुशासन से मिलती है: देवांशी
दिल्ली पब्लिक स्कूल की छात्रा देवांशी ने बताया कि मानविकी संकाय में 98.2 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। बोर्ड परीक्षा के साथ-साथ क्लैट-2026 में ऑल इंडिया रैंक 181 भी हासिल की। मेरा मानना है कि सफलता दबाव से नहीं बल्कि निरंतरता और अनुशासन से मिलती है राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की पुस्तकें मेरी तैयारी का सबसे मजबूत आधार रहीं। मैंने उन्हें कई बार दोहराया और विश्वसनीय स्रोतों से नमूना प्रश्न पत्र हल किए। अर्थशास्त्र मेरे लिए शुरुआत में सबसे चुनौतीपूर्ण विषय था क्योंकि मुझे उसके गणितीय भाग से डर लगता था लेकिन नियमित अभ्यास के बल पर मैंने उस डर को दूर किया सोशल मीडिया को लेकर मेरा मानना है कि इसका सीमित और जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग नुकसानदायक नहीं होता। मैं भविष्य में वकील बनना चाहती हूं।
सीबीएसई....एक्सपर्ट व मनोवैज्ञानिक
क्षमता और भविष्य को ध्यान में रखकर करें विषय का चयन 12वीं के बाद विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए कॅरिअर चयन का समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। विद्यार्थियों को अपनी क्षमता और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखकर विषय व कॅरिअर का चयन करना चाहिए। कई बार बाहरी दबाव या दूसरों की सलाह में ऐसे विषय चुन लिए जाते हैं जो आगे चलकर कठिन लगने लगते हैं। इसलिए अपनी रुचि और योग्यता को समझने के लिए वैज्ञानिक तरीके से साइकोमेट्रिक टेस्ट करवाना या अनुभवी कॅरिअर काउंसलर की सलाह लेना फायदेमंद रहता है।
- डॉ. जितेंद्र जांगड़ा, मनोवैज्ञानिक
रुचि के अनुसार विषय चयन ही सफलता की कुंजी 12वीं परीक्षा परिणाम आने के बाद विद्यार्थियों और अभिभावकों के सामने विषय चयन बड़ी चुनौती होती है। अधिक अंक आने का अर्थ यह नहीं कि विद्यार्थी केवल साइंस या मैथ्स ही चुनें। हर विद्यार्थी की प्रतिभा अलग होती है। बच्चों को उनकी रुचि के अनुसार विषय मिलें तो वे बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। संगीत, खेल और रचनात्मक क्षेत्रों में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों के लिए भी बेहतर अवसर मौजूद हैं। आर्ट्स, साइंस या कॉमर्स किसी भी विषय में बेहतर कॅरिअर बनाया जा सकता है बशर्ते पढ़ाई रुचि और लगन से की जाए। विद्यार्थियों को मित्रों की नकल करने के बजाय अपनी योग्यता और रुचि के आधार पर कॅरिअर का चयन करना चाहिए।
- प्रो. सत्य सुरेंद्र सिंगला, कॅरिअर काउंसलर