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प्राइवेट अस्पताल पाइप लगा कर पोस्टमार्टम कक्ष के पास छोड़ रहा गंदा पानी देख भड़कीं गुणवत्ता जांच अधिकारी

Sat, 09 Nov 2019 12:57 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 09 Nov 2019 12:57 AM IST
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private hospital
नागरिक अस्पताल की अव्यवस्थाओं को देख पंचकूला से आईं स्वास्थ्य विभाग की गुणवत्ता जांच अधिकारी डॉ. दिव्या खंडेलवाल शुक्रवार को स्थानीय अधिकारियों पर बिफर पड़ीं। इसके बाद उन्होंने एक-एक करके अस्पताल के तमाम विभागों, स्थानों और व्यवस्थाओं की जांच करनी शुरू कर दी। सुबह करीब 11 बजे शुरू की जांच शाम साढ़े छह बजे तक चलती रही।
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हरियाणा स्टेट हेल्थ रिसोर्स सेंटर की ओर से गुणवत्ता जांच करने के लिए शुक्रवार सुबह करीब सवा नौ बजे गुणवत्ता जांच अधिकारी डॉ. दिव्या खंडेलवाल नागरिक अस्पताल पहुंच गईं। पहले उन्होंने अधिकारियों के और अस्पताल प्रशासन के सदस्यों के साथ मीटिंग की। उन्होंने करीब 11 बजे अस्पताल की गुणवत्ता की जांच करनी शुरू की और सबसे पहले अल्ट्रासाउंड केंद्र की ओर गईं। वहां पहुंचते ही केंद्र के बाहर ताला देख और लोहे का पाइप देख पूछा कि ताला क्यों लगा और पाइप बीच में क्यों डाला गया है। इस पर पीएमओ ने कहा कि इसे उठवा दिया जाएगा। डॉ. खंडेलवाल ने कहा कि यहां गंदगी बहुत है और मरीजों व उनके परिजनों के लिए जगह भी नहीं है, इसका उचित प्रबंध किया जाए।
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मेन गेट के पास बने बाहरी कमरे का किया निरीक्षण
अल्ट्रासाउंड केंद्र के बाद गुणवत्ता जांच अधिकारी ने मेन गेट के पास बने बाहरी कमरे का निरीक्षण किया। वहां पहुंचकर कमरे में फैली गंदगी के बारे में अधिकारियों से कहा ये क्या व्यवस्था बना रखी है और इसका अभी तक समाधान क्यों नहीं किया गया। इस पर पीएमओ ने कहा कि इस कमरे में विक्षिप्त महिलाएं रहती हैं तो उन्होंने उन्हें यहां से जाने को काफी बार कहा, लेकिन ये यहां से जा नहीं रहेे।
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पोस्टमार्टम कक्ष का किया निरीक्षण
जब गुणवत्ता जांच अधिकारी पोस्टमार्टम कक्ष की ओर पहुंचीं तो वहां जाकर देखा कि प्राइवेट अस्पताल पाइप लगाकर पोस्टमार्टम कक्ष के पास छोड़ा जा रहा है तो उन्होंने पीएमओ व नोडल अधिकारी डॉ. नीलिमा को कहा कि इस बारे में अभी तक आपने ध्यान क्यों नहीं दिया और इसे बंद करने के लिए अभी तक शिकायत क्यों नहीं की गई। इसके अलावा वहां पर पड़ी टाइलें और कूड़ा कचरे को लेकर उन सभी को काफी डांट लगाई और कहा कि जल्द से इसका प्रबंध किया जाए। इस पर पीएमओ व डॉ. नीलिमा ने कहा कि यह कचरा और टाइल निजी अस्पताल द्वारा डाली गई। इसका भी समाधान कर दिया जाएगा। इसके बाद उन्होंने शवगृह में अंदर जाकर जांच की और वहां तैनात कर्मचारियों से पूछा कि कितने शव यहां पर रखे जा सकते हैं और ये सभी फ्रीजर चल रहे हैं या नहीं? इस बारे में उन्होंने वहां पर रखे सभी फ्रीजर को जांचा और वहां शव रखने की बनी व्यवस्था भी देखी। वहां पर फैली गंदगी के बारे में पीएमओ को निर्देश दिए कि इस गंदगी को साफ किया जाए।
प्रसूति विभाग का किया निरीक्षण
फिर गुणवत्ता जांच अधिकारी ने प्रसूति विभाग में जाकर वहां पर गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जांच की और वहां बैठी गर्भवती महिलाओं से पूछताछ की कि उन्हें सभी सुविधाएं समय पर मिल रही हैं या नहीं?
बायो मेडिकल वेस्ट के उठान के बारे में की जांच
जब गुणवत्ता जांच अधिकारी ने बायो मेडिकल वेस्ट के उठान के लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से बरती जा रही लापरवाही के बारे में देखा कि केवल एक ही रंग का पोली बैग का इस्तेमाल हो रहा है, जो नियमों के विरुद्ध है। दूसरी बात उस काले रंग के पोली बेग में बायो मेडिकल वेस्ट डाला हुआ था और उसे बांध कर एक कोने में दरवाजे के पीछे रखा हुआ था। इस बारे में जांच अधिकारी डॉ. खंडेलवाल ने कहा कि इसका जिम्मेदार कौन है, उसे तुरंत बुलवाया जाए। इस बारे में डॉ. खंडेलवाल ने ठेकेदार और उसके कारिंदे पर सख्ती बरतते हुए कहा कि ये क्या व्यवस्था बना रखी है। बायो मेडिकल वेस्ट के लिए नियमानुसार पोली बेग उपलब्ध करवाएं और कर्मचारियों से कहो इसके लिए सावधानी बरतें।
पानी-बिजली नहीं मिलने पर पीएमओ व ठेकेदार को तुरंत दुरुस्त करने के निर्देश
जब गुणवत्ता जांच अधिकारी ने आयुर्वेदिक वार्ड की ओर जाकर देखा कि वहां न तो सही ढंग से लाइटों का प्रबंध मिला और न ही वहां हाथ धोने के लिए वाश वेशन में पानी तक मिला। इस पर डॉ. खंडेलवाल ने अस्पताल प्रशासन और ठेकेदार पर सख्ती बरती और उन्हें काफी झाड़ लगाई। उन्होंने कहा कि यह पर जल्द से लाइट व पानी का प्रबंध किया जाए। यहां पर पड़ा बिना काम वाला सभी सामान जैसे बंद पड़े कूलर, पंखे कहीं ओर शिफ्ट किए जाएं, ताकि यहां पर अव्यवस्था न फैले।
इमरजेंसी वार्ड में सुविधाओं की कमी को दूर करने के निर्देश
जब गुणवत्ता जांच अधिकारी दोपहर बाद इमरजेंसी वार्ड में पहुंचीं तो वहां पर बने केबिन में मरीजों की भीड़ को लेकर नाराजगी जताई और कहा कि भीड़ को कम करने के लिए कंप्यूटर को खिड़की के पास रखा जाए, ताकि मरीज अंदर केबिन के अंदर न आएं और खिड़की से ही मरीजों से पूछताछ कर रिपोर्ट बनाई जाए। इसके अलावा वहां पर रखी चेक पोस्ट को लेकर कुछ निर्देश दिए कि इसमें पूरी तरह से रजिस्टर और अन्य बाकी सामान की लिस्ट बनाकर दर्ज करें, ताकि कभी भी रिकॉर्ड को निकाला जा सके और सामान की सही तरह से देखरेख की जा सके।
वर्जन
यहां पर अस्पताल में जगह भी काफी कम है और यहां सफाई व्यवस्था में भी बहुत कमी है। इस बारे में किसी का भी ध्यान नहीं है। फिलहाल व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। कुछ दिन बाद फिर से दौरा कर स्थिति का जायजा लिया जाएगा।

- डॉ. दिव्या खंडेलवाल, गुणवत्ता जांच अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग, पंचकूला
वर्जन
हमारी ओर से मरीजों को ज्यादा से ज्यादा बेहतर सुविधा मरीजों को दिए जाने के प्रयास किए जाते हैं। यह गुणवत्ता जांच टीम के आने से अस्पताल प्रशासन की व्यवस्था के बारे में पता चल सकेेगा कि किस व्यवस्था में कमी है और उसके बाद उसका निवारण किया जाएगा।
- डॉ. संजय दहिया, सीएमओ, नागरिक अस्पताल, हिसार
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