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- ऐतिहासिक धरोहर को सहेजना सबकी जिम्मेदारी: कृष्ण लाल पंवार
Sun, 25 Oct 2026 01:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sun, 25 Oct 2026 01:33 AM IST
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नारनौंद।
राखीगढ़ी की ऐतिहासिक धरती पर शनिवार को विरासत, संस्कृति और विकास की चर्चा के बीच अलग ही नजारा देखने के लिए मिला। अंतरराष्ट्रीय राखीगढ़ी महोत्सव में पहुंचे विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने जहां हड़प्पा सभ्यता की विरासत को सहेजने और इसे ज्ञान, अनुसंधान व पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने पर जोर दिया वहीं हरियाणा विधानसभा के उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण मिड्ढा मेले में बच्चों के साथ पकौड़ी खाकर और स्टॉल से कुल्फी लेकर बचपन की यादें ताजा करते नजर आए। एक ओर अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में इतिहासकारों और पुरातत्वविदों ने प्राचीन सभ्यता के महत्व पर विचार साझा किए तो दूसरी ओर मेले में जनप्रतिनिधियों का सहज अंदाज लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना रहा।
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विरासत को सहेजना हम सबकी जिम्मेदारी : पंवार
अंतरराष्ट्रीय राखीगढ़ी महोत्सव के तहत आयोजित कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि राखीगढ़ी की ऐतिहासिक धरती हमारी प्राचीन सभ्यता, ज्ञान, कौशल और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की पहचान है। यहां मिले पुरातात्विक अवशेष हजारों साल पुराने मानव जीवन, शिल्पकला और विकसित नगरीय व्यवस्था की जानकारी देते हैं। इस धरोहर का संरक्षण करना और इसका ऐतिहासिक महत्व देश-दुनिया तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि राखीगढ़ी हड़प्पा सभ्यता का महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थल है। यहां मकानों के अवशेष, मिट्टी के बर्तन, मनके, आभूषण और औजार तत्कालीन लोगों के रहन-सहन, तकनीकी दक्षता को समझने में मदद करते हैं। निर्माण कला, व्यापार और जल निकासी से जुड़े साक्ष्य बताते हैं कि उस समय भी सुव्यवस्थित जीवन और सामूहिक कार्यप्रणाली का विशेष महत्व था। हड़प्पा, मोहनजोदड़ो, धोलावीरा और कालीबंगा की तरह राखीगढ़ी भी प्राचीन नगरीय सभ्यता के अध्ययन में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। पंवार ने कहा कि राखीगढ़ी को इतिहास, शिक्षा, अनुसंधान और पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने से पूरे क्षेत्र को लाभ मिलेगा। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक उत्पादों, हरियाणवी खानपान और लोककलाओं को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उ
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बच्चों के साथ पकौड़ी खाई, कुल्फी चखी और लोगों से किया संवाद:
महोत्सव का दौरा करते हुए विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण मिड्ढा का अंदाज भी चर्चा में रहा। वे मेले में लगे स्टॉलों पर पहुंचे, कुल्फी खरीदकर चखी और बच्चों के साथ एक ही प्लेट में पकौड़ियां खाईं। इस दौरान उन्होंने लोगों से बातचीत की और हड़प्पा सभ्यता पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न विभागों, स्वयं सहायता समूहों और उद्यमियों के स्टॉलों पर उपलब्ध उत्पादों की जानकारी भी ली। मिढ़ा ने कहा कि राखीगढ़ी महोत्सव बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों को देश की समृद्ध सभ्यता एवं संस्कृति से जोड़ने का शानदार मंच है। यहां आकर नई पीढ़ी जान सकती है कि हजारों साल पहले लोग कैसे रहते थे, किस तरह के कपड़े पहनते थे, कौन-से आभूषण धारण करते थे और खेती सहित दूसरे काम किस प्रकार करते थे। राखीगढ़ी केवल हरियाणा ही नहीं बल्कि पूरे देश की गौरवशाली धरोहर है। महोत्सव इसे अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। डिप्टी स्पीकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में देश और प्रदेश विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं। एक समय राखीगढ़ी में आधुनिक सुविधाओं की कल्पना करना मुश्किल था लेकिन अब यहां संग्रहालय, विश्राम गृह और कैफेटेरिया जैसी सुविधाएं विकसित की गई है। अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री के ओएसडी भारत भूषण भारती, हरियाणा व्यापारी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष राजेश ठकराल, हरियाणा वेयरहाउस कॉरपोरेशन के अध्यक्ष रामकिशन, पुरातत्वविद डॉ. कुलदीप अग्निहोत्री और पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के उपनिदेशक डॉ. नरेंद्र परमार सहित अनेक विद्वानों ने विचार साझा किए।
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राखीगढ़ी की ऐतिहासिक धरती पर शनिवार को विरासत, संस्कृति और विकास की चर्चा के बीच अलग ही नजारा देखने के लिए मिला। अंतरराष्ट्रीय राखीगढ़ी महोत्सव में पहुंचे विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने जहां हड़प्पा सभ्यता की विरासत को सहेजने और इसे ज्ञान, अनुसंधान व पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने पर जोर दिया वहीं हरियाणा विधानसभा के उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण मिड्ढा मेले में बच्चों के साथ पकौड़ी खाकर और स्टॉल से कुल्फी लेकर बचपन की यादें ताजा करते नजर आए। एक ओर अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में इतिहासकारों और पुरातत्वविदों ने प्राचीन सभ्यता के महत्व पर विचार साझा किए तो दूसरी ओर मेले में जनप्रतिनिधियों का सहज अंदाज लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना रहा।
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विरासत को सहेजना हम सबकी जिम्मेदारी : पंवार
अंतरराष्ट्रीय राखीगढ़ी महोत्सव के तहत आयोजित कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि राखीगढ़ी की ऐतिहासिक धरती हमारी प्राचीन सभ्यता, ज्ञान, कौशल और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की पहचान है। यहां मिले पुरातात्विक अवशेष हजारों साल पुराने मानव जीवन, शिल्पकला और विकसित नगरीय व्यवस्था की जानकारी देते हैं। इस धरोहर का संरक्षण करना और इसका ऐतिहासिक महत्व देश-दुनिया तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि राखीगढ़ी हड़प्पा सभ्यता का महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थल है। यहां मकानों के अवशेष, मिट्टी के बर्तन, मनके, आभूषण और औजार तत्कालीन लोगों के रहन-सहन, तकनीकी दक्षता को समझने में मदद करते हैं। निर्माण कला, व्यापार और जल निकासी से जुड़े साक्ष्य बताते हैं कि उस समय भी सुव्यवस्थित जीवन और सामूहिक कार्यप्रणाली का विशेष महत्व था। हड़प्पा, मोहनजोदड़ो, धोलावीरा और कालीबंगा की तरह राखीगढ़ी भी प्राचीन नगरीय सभ्यता के अध्ययन में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। पंवार ने कहा कि राखीगढ़ी को इतिहास, शिक्षा, अनुसंधान और पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने से पूरे क्षेत्र को लाभ मिलेगा। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक उत्पादों, हरियाणवी खानपान और लोककलाओं को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उ
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बच्चों के साथ पकौड़ी खाई, कुल्फी चखी और लोगों से किया संवाद:
महोत्सव का दौरा करते हुए विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण मिड्ढा का अंदाज भी चर्चा में रहा। वे मेले में लगे स्टॉलों पर पहुंचे, कुल्फी खरीदकर चखी और बच्चों के साथ एक ही प्लेट में पकौड़ियां खाईं। इस दौरान उन्होंने लोगों से बातचीत की और हड़प्पा सभ्यता पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न विभागों, स्वयं सहायता समूहों और उद्यमियों के स्टॉलों पर उपलब्ध उत्पादों की जानकारी भी ली। मिढ़ा ने कहा कि राखीगढ़ी महोत्सव बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों को देश की समृद्ध सभ्यता एवं संस्कृति से जोड़ने का शानदार मंच है। यहां आकर नई पीढ़ी जान सकती है कि हजारों साल पहले लोग कैसे रहते थे, किस तरह के कपड़े पहनते थे, कौन-से आभूषण धारण करते थे और खेती सहित दूसरे काम किस प्रकार करते थे। राखीगढ़ी केवल हरियाणा ही नहीं बल्कि पूरे देश की गौरवशाली धरोहर है। महोत्सव इसे अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। डिप्टी स्पीकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में देश और प्रदेश विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं। एक समय राखीगढ़ी में आधुनिक सुविधाओं की कल्पना करना मुश्किल था लेकिन अब यहां संग्रहालय, विश्राम गृह और कैफेटेरिया जैसी सुविधाएं विकसित की गई है। अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री के ओएसडी भारत भूषण भारती, हरियाणा व्यापारी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष राजेश ठकराल, हरियाणा वेयरहाउस कॉरपोरेशन के अध्यक्ष रामकिशन, पुरातत्वविद डॉ. कुलदीप अग्निहोत्री और पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के उपनिदेशक डॉ. नरेंद्र परमार सहित अनेक विद्वानों ने विचार साझा किए।
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