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Hisar News: जल संकट से निपटने की तैयारी, पुराने जलघर के पास लगेंगे 4 नए ट्यूबवेल
Sun, 24 May 2026 12:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sun, 24 May 2026 12:23 AM IST
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हांसी में जलघर का निरीक्षण करते हुए एक्सईएन संजीव त्यागी व अन्य अधिकारी।
हांसी। भीषण गर्मी और रिकॉर्ड तोड़ तापमान के बीच शहर पर मंडरा रहे पानी की कमी को देखते हुए जनस्वास्थ्य विभाग ने आपातकालीन योजना तैयार की है। शहर को पेयजल किल्लत से बचाने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग पुराने जलघर के वाटर टैंकों के पास 4 नए ट्यूबवेल लगवाएगा। यह कार्य सोमवार से शुरू हो जाएगा।
सिंचाई विभाग की तरफ से नहर बंदी की अवधि न बढ़ाए जाने के कारण इस बार जलघरों के स्टोरेज टैंक अपनी पूरी क्षमता से नहीं भर पाए हैं और केवल 85 प्रतिशत ही भरे जा सके हैं। इस 15 प्रतिशत की कमी और आगामी दिनों में होने वाली किल्लत से बचने के लिए ट्यूबवेल लगवाए जाएंगे। इसके लिए जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन संजीव त्यागी ने तकनीकी टीम के साथ पुराने जलघर परिसर का निरीक्षण किया।
इस निरीक्षण के दौरान फैसला लिया गया कि नहर का पानी पूरी तरह बंद होने के बाद टैंकों में पानी के स्तर को बनाए रखने के लिए इन 4 ट्यूबवेलों का सहारा लिया जाएगा। इन ट्यूबवेलों का सीधा कनेक्शन जलघर के मुख्य भंडारण टैंकों से किया जाएगा ताकि जमीन से निकलने वाले पानी के जरिए टैंकों को लगातार भरा जा सके। एक्सईएन ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बोरिंग और ट्यूबवेल लगाने का काम बिना किसी देरी के तुरंत शुरू किया जाए। अधिकारियों ने जनता से एक बार फिर चिलचिलाती धूप के इस मौसम में पानी का अत्यधिक विवेकपूर्ण उपयोग करने की अपील की है।
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अभी पानी में कटौती नहीं है। अभी जरूरत के हिसाब से टैंकर भेजे जा रहे हैं। राशनिंग को लेकर जल्दी फैंसला लिया जाएगा। पुराने जलघर के वाटर टैंक के पास ट्यूबवेल लगवाए जाएंगे। ताकि जरूरत पड़ने पर जलघर में पानी भरा जा सके। - संजीव त्यागी, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग।
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सिंचाई विभाग की तरफ से नहर बंदी की अवधि न बढ़ाए जाने के कारण इस बार जलघरों के स्टोरेज टैंक अपनी पूरी क्षमता से नहीं भर पाए हैं और केवल 85 प्रतिशत ही भरे जा सके हैं। इस 15 प्रतिशत की कमी और आगामी दिनों में होने वाली किल्लत से बचने के लिए ट्यूबवेल लगवाए जाएंगे। इसके लिए जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन संजीव त्यागी ने तकनीकी टीम के साथ पुराने जलघर परिसर का निरीक्षण किया।
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इस निरीक्षण के दौरान फैसला लिया गया कि नहर का पानी पूरी तरह बंद होने के बाद टैंकों में पानी के स्तर को बनाए रखने के लिए इन 4 ट्यूबवेलों का सहारा लिया जाएगा। इन ट्यूबवेलों का सीधा कनेक्शन जलघर के मुख्य भंडारण टैंकों से किया जाएगा ताकि जमीन से निकलने वाले पानी के जरिए टैंकों को लगातार भरा जा सके। एक्सईएन ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बोरिंग और ट्यूबवेल लगाने का काम बिना किसी देरी के तुरंत शुरू किया जाए। अधिकारियों ने जनता से एक बार फिर चिलचिलाती धूप के इस मौसम में पानी का अत्यधिक विवेकपूर्ण उपयोग करने की अपील की है।
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अभी पानी में कटौती नहीं है। अभी जरूरत के हिसाब से टैंकर भेजे जा रहे हैं। राशनिंग को लेकर जल्दी फैंसला लिया जाएगा। पुराने जलघर के वाटर टैंक के पास ट्यूबवेल लगवाए जाएंगे। ताकि जरूरत पड़ने पर जलघर में पानी भरा जा सके। - संजीव त्यागी, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग।