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Hisar News: घोड़ा फार्म रेलवे फाटक पर प्रस्तावित आरओबी की ड्राइंग बनाने वाले कंसलटेंट को फाइनल नोटिस देने की तैयारी
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हिसार। शहर के घोड़ा फार्म रेलवे फाटक पर प्रस्तावित आरओबी (रेलवे ओवरब्रिज) की ड्राइंग (जीएडी) बनाने वाले कंसलटेंट को बीएंडआर फाइनल नोटिस थमाने की तैयारी में है। अधिकारियों की मानें तो अगर नोटिस का जवाब संतोषजनक नहीं मिलता है तो कंसलटेंट को ब्लैक लिस्ट किया जा सकता है। इस आरओबी के अश्व अनुसंधान केंद्र की जमीन के ऊपर से गुजरने के कारण बीएंडआर ने अनुसंधान केंद्र से अनुमति भी मांगी है। वर्ष 2016 में मुख्यमंत्री ने आरओबी बनाने की घोषणा की थी।
बता दें कि अमर उजाला ने इस खबर को 6 मई को प्रकाशित किया था। इस खबर में अमर उजाला ने बताया था कि छह साल में भी कंसलटेंट इस ड्राइंग को रेलवे से मंजूर नहीं करवा सका। ड्राइंग के मंजूर न होने से आरओबी के निर्माण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही है। अमर उजाला की इस खबर पर बीएंडआर के अधिकारियों ने संज्ञान लिया है और अब कंसलटेट को नोटिस थमाने का फैसला लिया है।
छह साल पहले नियुक्त किया था आईआईटी पास कंसलटेंट
इस आरओबी की ड्राइंग करवाने को लेकर अगस्त 2017 में कंसलटेंट नियुक्त था। यह कंसलटेंट आईआईटी पास है और इस फील्ड में उसका काफी नाम भी है। इस आरओबी के निर्माण के लिए सबसे पहले हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की मंजूर की जरूरत पड़ी, क्योंकि इसके निर्माण में शिक्षण संस्थानों के लिए छोड़ी गई जमीन व 45 फुट की सड़क आड़े आ रही थी। इसे देखते हुए बीएंडआर ने ड्राइंग में कुछ फेरबदल किए थे। इसके बाद एचएसवीपी मुख्यालय ने आरओबी निर्माण को मंजूरी दे दी थी। फिर बीएंडआर ने ड्राइंग बनवाकर मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजी तो यहां आरओबी में दिए गए 22 डिग्री का घुमाव पर आपत्ति जता दी। मगर स्थानीय अधिकारियों ने इस बारे में मुख्यालय को संतुष्ट कर दिया कि यह घुमाव पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा। इस पर मुख्यालय ने भी अपनी मंजूरी दे दी। इसके बाद जून 2021 में इसे रेलवे के पास मंजूरी के लिए भेजा गया। मगर आज तक इसे रेलवे से मंजूरी नहीं मिली है।
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यह रहेगी आगे की प्रक्रिया
ड्राइंग को रेलवे की मंजूरी मिलने के बाद प्रोजेक्ट की डिटेल्ड नोटिस इनवाइटिंग टेंडर (डीएनआईटी) तैयार की जाएगी। फिर टेंडर आमंत्रित किए गए जाएंगे। टेंडर अलॉटमेंट के बाद एजेंसी को वर्क ऑर्डर जारी किया जाएगा। इसके साथ ही एजेंसी निर्माण कार्य शुरू कर देगी।
कंसलटेंट अपनी जिम्मेदारी को सही ढंग से नहीं निभा रहा है। इसे देखते हुए उसे नोटिस देने की तैयारी की जा रही है। - मेवा सिंह, एसडीओ, बीएंडआर
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बता दें कि अमर उजाला ने इस खबर को 6 मई को प्रकाशित किया था। इस खबर में अमर उजाला ने बताया था कि छह साल में भी कंसलटेंट इस ड्राइंग को रेलवे से मंजूर नहीं करवा सका। ड्राइंग के मंजूर न होने से आरओबी के निर्माण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही है। अमर उजाला की इस खबर पर बीएंडआर के अधिकारियों ने संज्ञान लिया है और अब कंसलटेट को नोटिस थमाने का फैसला लिया है।
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छह साल पहले नियुक्त किया था आईआईटी पास कंसलटेंट
इस आरओबी की ड्राइंग करवाने को लेकर अगस्त 2017 में कंसलटेंट नियुक्त था। यह कंसलटेंट आईआईटी पास है और इस फील्ड में उसका काफी नाम भी है। इस आरओबी के निर्माण के लिए सबसे पहले हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की मंजूर की जरूरत पड़ी, क्योंकि इसके निर्माण में शिक्षण संस्थानों के लिए छोड़ी गई जमीन व 45 फुट की सड़क आड़े आ रही थी। इसे देखते हुए बीएंडआर ने ड्राइंग में कुछ फेरबदल किए थे। इसके बाद एचएसवीपी मुख्यालय ने आरओबी निर्माण को मंजूरी दे दी थी। फिर बीएंडआर ने ड्राइंग बनवाकर मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजी तो यहां आरओबी में दिए गए 22 डिग्री का घुमाव पर आपत्ति जता दी। मगर स्थानीय अधिकारियों ने इस बारे में मुख्यालय को संतुष्ट कर दिया कि यह घुमाव पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा। इस पर मुख्यालय ने भी अपनी मंजूरी दे दी। इसके बाद जून 2021 में इसे रेलवे के पास मंजूरी के लिए भेजा गया। मगर आज तक इसे रेलवे से मंजूरी नहीं मिली है।
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यह रहेगी आगे की प्रक्रिया
ड्राइंग को रेलवे की मंजूरी मिलने के बाद प्रोजेक्ट की डिटेल्ड नोटिस इनवाइटिंग टेंडर (डीएनआईटी) तैयार की जाएगी। फिर टेंडर आमंत्रित किए गए जाएंगे। टेंडर अलॉटमेंट के बाद एजेंसी को वर्क ऑर्डर जारी किया जाएगा। इसके साथ ही एजेंसी निर्माण कार्य शुरू कर देगी।
कंसलटेंट अपनी जिम्मेदारी को सही ढंग से नहीं निभा रहा है। इसे देखते हुए उसे नोटिस देने की तैयारी की जा रही है। - मेवा सिंह, एसडीओ, बीएंडआर