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मुस्लिम समुदाय के 28 बच्चों को देख रेलवे पुलिस को हुआ शक, जांच के बाद छोड़ा
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01 - रेलवे स्टेशन पर मुस्लिम समुदाय के बच्चों को ले जा रहे व्यक्ति से पूछताछ करती पुलिस।
- फोटो : Hisar
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रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार सुबह एक व्यक्ति के साथ मुस्लिम समुदाय के 28 बच्चों को देख रेलवे पुलिस को शक हो गया। उसके बाद उन बच्चों को मुसाफिर खाना में ले जाया गया, जहां व्यक्ति और बच्चों की आईडी चेक की गई। सब कुछ ठीक पाने में उन्हें छोड़ दिया गया। सभी बच्चे बिहार से आए थे, जिन्हें सादलपुर के मदरसे में जाना था।
बता दें कि सादलपुर में मदरसे है। यहां मुस्लिम समुदाय के बच्चों को निशुल्क शिक्षा, रहने और खाने-पीने की सुविधा दी जाती है। बच्चों के टीचर मोहम्मद अजहर उन्हें यहां लेकर आए थे। जब वह रेलवे स्टेशन पर पहुंचे तो वहां के कर्मचारियों ने इसकी सूचना जीआरपी को दी। सूचना मिलते ही जीआरपी पहुंची और टीचर व बच्चों से पूछताछ शुरू कर दी। मगर पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
टीचर ने अपने परिचित वकील को बुुलाया
रेलवे स्टेशन पर मुस्लिम टीचर से एक घंटे पूछताछ की गई। टीचर ने वहां जाने के लिए सभी दस्तावेज भी दिखाए। उसके बाद टीचर ने हिसार में अपने परिचित एक वकील को भी बुलाया। इस दौरान वकील ने गवाही दी। जांच के बाद सब कुछ सही पाए जाने पर उन्हें छोड़ दिया गया।
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मुस्लिम समुदाय के बच्चों और उनके साथ आए टीचर की आईडी चेक की गई थी। सब कुछ ठीक पाया गया। उसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
-राजेंद्र, जांच अधिकारी, जीआरपी
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बता दें कि सादलपुर में मदरसे है। यहां मुस्लिम समुदाय के बच्चों को निशुल्क शिक्षा, रहने और खाने-पीने की सुविधा दी जाती है। बच्चों के टीचर मोहम्मद अजहर उन्हें यहां लेकर आए थे। जब वह रेलवे स्टेशन पर पहुंचे तो वहां के कर्मचारियों ने इसकी सूचना जीआरपी को दी। सूचना मिलते ही जीआरपी पहुंची और टीचर व बच्चों से पूछताछ शुरू कर दी। मगर पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
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टीचर ने अपने परिचित वकील को बुुलाया
रेलवे स्टेशन पर मुस्लिम टीचर से एक घंटे पूछताछ की गई। टीचर ने वहां जाने के लिए सभी दस्तावेज भी दिखाए। उसके बाद टीचर ने हिसार में अपने परिचित एक वकील को भी बुलाया। इस दौरान वकील ने गवाही दी। जांच के बाद सब कुछ सही पाए जाने पर उन्हें छोड़ दिया गया।
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मुस्लिम समुदाय के बच्चों और उनके साथ आए टीचर की आईडी चेक की गई थी। सब कुछ ठीक पाया गया। उसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
-राजेंद्र, जांच अधिकारी, जीआरपी