हिसार: 'किसान बचाओ-मंडी बचाओ' रैली को निकले किसान, पुलिस ने रोका, जगह-जगह नारेबाजी
कुरुक्षेत्र के पिपली में गुरुवार को प्रस्तावित किसान बचाओ-मंडी बचाओ रैली में जिले से जा रहे किसानों को पुलिस ने जिले की सीमा से ही बाहर नहीं निकलने दिया। इस नाराज किसानों ने जगह-जगह धरना देकर इसका विरोध जताया। उधर बाडोपट्टी टोल प्लाजा भी पर पुलिस ने किसानों को रोक लिया। हालांकि किसानों ने आसपास के गांवों से निकलने का प्रयास किया। मगर पुलिस ने पीछा कर गाड़ियों को घेरकर रोक लिया। इसके विरोध में किसानों ने घंटों टोल प्लाजा पर धरना देकर सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। किसान नेताओं व विपक्षी पार्टी के नेताओं ने सरकार की इस दमनकारी नीति की निंदा की।
बता दें कि केंद्र सरकार के तीनों अध्यादेश के विरोध में गुरुवार को विभिन्न किसान संगठनों के आह्वान कुरुक्षेत्र के पिपली में किसान बचाओ मंडी बचाओ रैली प्रस्तावित थी। हालांकि सरकार ने एक दिन पहले ही रैली पर प्रतिबंध लगाते हुए कुरुक्षेत्र में धारा-144 लागू कर दी थी। उसके बाद भी हिसार के आसपास के गांवों से किसान भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश महासचिव दिलबाग हुड्डा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सतबीर सिंह पूनिया, किसान नेता कृष्ण किरमारा के नेतृत्व में रैली में शामिल होने को निकल पड़े।
बरवाला के बाडोपट्टी टोल प्लाजा पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने किसानों को आगे जाने से रोक दिया। इस दौरान किसानों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण ढंग से रैली में भाग लेने जा रहे हैं और उन्हें न रोका जाए। इस पर पुलिसकर्मियों ने साफ मना कर दिया। इसके बाद किसानों ने बहबलपुर व बाडोपट्टी के अंदर से जाने का प्रयास किया।

उकलाना थाने में गिरफ्तारी के लिए पहुंचे किसान, आढ़ती व मुनीम।
मगर पुलिस ने उनकी इस मंशा को भांपते हुए उनके पीछे अपनी गाड़ियां लगा दीं और कुछ दूर जाकर उन्हें घेरकर रोक लिया। इसके बाद किसान वापस टोल प्लाजा पर आ गए। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने किसानों को अपनी गाड़ियों में बैठाने की कोशिश की तो किसानों ने इसका विरोध जताया और वहीं टोल प्लाजा पर धरना शुरू कर दिया।
इस दौरान मंच संचालन मास्टर सतबीर गढ़वाल ने किया। किसानों ने सरकार से किसान विरोधी तीनों अध्यादेशों को तुरंत प्रभाव से वापस लेने की मांग की। इस मौके पर सतबीर झाझड़िया, जेपी ज्याणी, सुरेंद्र आर्य, संदीप धीरणवास, जोगेंद्र मय्यड़, बबलू खरड़, शीशपाल बालक, तेलुराम कालीरामण, मेवासिंह नहरा, बनवारी नहरा, कर्ण सिंह महला, रणधीर बामल, मांगेराम भाकर, महेंद्र डूडी, अनिल भादू, प्रदीप ढाका, गुलाब झाझड़िया आदि किसान मौजूद रहे। पुलिस की कार्रवाई के विरोध में किसान शाम तक धरने पर बैठे रहे और फिर घरों को लौट गए।

पिपली जाने से रोकने पर बाडोपट्टी टोल के समीप धरना देकर नारेबाजी करते किसान।
रैली में जा रहे किसानों को नारनौंद में रोका
गांव भाटोल जाटान व भाटोल रांगड़ान से बस में बैठकर पिपली जा रहे किसानों को पुलिस ने रोक लिया। यहीं नहीं पुलिस ने बस की चाबी निकालकर उसे अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद गुस्साए किसानों ने उपमंडल कार्यालय पर धरना शुरू कर दिया। किसान मनदीप भाटोल, यादवेंद्र बामल, रामकुमार, कमल सांगवान, सुखदीप बामल, उपेंद्र बामल, जोगेंद्र, सत्यनारायण, होशियार सिंह, अजीत सिंह, राजकुमार, जगबीर, प्रदीप, बीर सिंह व तेज सिंह ने बताया कि पुलिस ने उन्हें धमकी दी कि यदि नहीं रुकोगे तो हम जबरन आप को लाठी-डंडों के दम पर रोका जाएगा। वहीं नारनौद थाने के एसआई सुरेश कुमार ने बताया कि हमें ऊपर अधिकारियों से आदेश मिले हैं। हम आदेशों का पालन कर रहे हैं। किसानों को यहां से आगे नहीं जाने दिया जाएगा।
कच्चा आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान को छह घंटे तक रखा पुलिस हिरासत में
किसान रैली में शामिल होने के लिए कच्चा आढ़ती एसोसिएशन के बैनर तले उकलाना से आढ़तियों, मुनीमों व किसानों ने जाने की पूरी तैयारी की हुई थी। मगर सुबह 7 बजे उकलाना पुलिस ने आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान धूप सिंह बिठमड़ा को पकड़कर हिरासत में ले लिया। कई आढ़ती व किसान अपने निजी वाहनों से चले गए।
प्रधान धूप सिंह को हिरासत में लेने के विरोध में आढ़तियों, मुनीमों व किसानों ने उकलाना थाने में पंहुचकर अपनी गिरफ्तारी का एलान किया और अन्यथा उनके प्रधान को पुलिस छोड़े जाने की अपील की। इसके बाद पुलिस ने छह घंटे बाद दोपहर 1 बजे धूप सिंह बिठमड़ा को छोड़ दिया, जिसके बाद सभी आढ़ती लौट गए। इस मौके पर रोशन मित्तल, सुभाष फरीदपुरिया, अजीत लितानी, नरेंद्र घनघस, बजरंग आदि मौजूद रहे।
सत्ता के नशे में चूर भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार : कुलदीप बिश्नोई
किसानों पर लाठीचार्ज की घटना की निंदा करते हुए कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य एवं विधायक कुलदीप बिश्नोई ने कहा है कि सत्ता के नशे में चूर भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करने पर उतारू हो गई है। इतिहास गवाह है कि जिस भी सत्तासीन सरकार ने किसानों पर लाठियां बरसाई हैं, उसका उसे बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ा। जिस प्रकार से बुजुर्ग किसानों पर भी पुलिस बल ने लाठियां बरसाई हैं और उन्हें गंभीर रूप से घायल किया है, इस शर्मनाक कृत्य की जितनी निंदा की जाए उतनी कम है। कुलदीप बिश्नोई ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ है और उनके हर आंदोलन में उनके साथ खड़ी है।
सरकार किसान व व्यापारी आंदोलन से घबराकर प्रदेश को सील करना उचित नहीं : बजरंग गर्ग
अखिल भारतीय व्यापार मंडल के राष्ट्रीय महासचिव बजरंग गर्ग ने किसान बचाओ मंडी बचाओ रैली पर प्रतिबंध लगाने की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार किसान व व्यापारियों के आंदोलन से इतना घबरा गई कि उन्होंने पूरे प्रदेश को सील कर दिया, जो प्रजातंत्र की हत्या है। गर्ग ने कहा कि तीन अध्यादेश व सरकार की गलत नीतियों से देश व प्रदेश के किसान, आढ़ती व आम जनता में भारी रोष है। आज की रैली पर सरकार द्वारा रोक लगाना सरकार के कफन में कील साबित होगी।
सरकार को एक-एक लाठी का हिसाब देना होगा: हर्ष
युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव हर्ष बामल ने पिपली में सरकार की किसानों के प्रति दमनकारी नीतियों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा की जा रही रैली के दौरान भाजपा सरकार द्वारा किसानों पर लाठियां बरसाना निंदनीय है। सरकार को किसानों पर बरसाई गई एक-एक लाठी का हिसाब देना होगा।
वर्तमान जजपा-भाजपा गठबंधन सरकार मजदूर व किसान विरोधी : राजबीर सोरखी
बहुजन समाज पार्टी हिसार के लोकसभा प्रभारी राजबीर सोरखी ने पुलिस द्वारा किसानों पर किए गए लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा की है। सोरखी ने कहा कि वर्तमान सरकार ने चुनाव में किसानों के हित में स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू करने की बात कही थी। मगर आज किसानों को लेकर सरकार की कथनी और करनी में दिन रात का अंतर हैं और किसानों पर आए दिन अत्यचार किए जा रहे है। आज किसान विरोधी नीतियों को लागू किया जा रहा हैं, जो सरकार की किसान मजदूर विरोधी नीतियों को दर्शा रही हैं।
किसानों पर हुए लाठीचार्ज की सीपीआईएम ने निंदा की
सीपीआईएम लोकल कमेटी ने पिपली में किसानों पर हुए लाठीचार्ज की घोर निंदा की है। संगठन के नेताओं ने कहा है कि भाजपा सरकार कोरोना महामारी की आड़ में हरियाणा में उठ रहे किसानों के आंदोलन को दबाना चाहती है, जोकि बहुत ही निंदनीय कृत्य है। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा किसानों के खिलाफ लाए गए तीन अध्यादेशों को वापस करवाने के लिए देश भर में किसान आंदोलनरत हैं। उन्होंने कहा कि अब किसान और अधिक बड़े स्तर पर आंदोलन करेगा।
भाजपा सरकार किसानो के साथ कर रही है अत्याचार : विरेंद्र नरवाल
इस घटना की निंदा करते हुए राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के हरियाणा के युवा प्रदेश अध्यक्ष विरेंद्र नरवाल ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों पर लाठियों बरसा कर उन्हें दबाने का काम रही है जो न्याय संगत नही है। इस सरकार ने किसानों के खिलाफ तीन अध्यादेश जारी किए है जो किसानों को बर्बादी तक पहुंचाने वाला काम किया है यह सरकार किसान हितैषी नहीं है।