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Hisar News: डीप फ्रीजर मामले में कंपनी के खिलाफ कार्रवाई के लिए पीएमओ ने मुख्यालय लिखा पत्र
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शटर के पीछे बंद पड़े डीप फ्रीजर। अमर उजाला
हिसार। जिला नागरिक अस्पताल के शवगृह में डीप फ्रीजर से जुड़े मामले में कंपनी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अस्पताल प्रशासन के पत्र का एक सप्ताह में भी जवाब नहीं मिलने पर प्रधान चिकित्सा अधिकारी (पीएमओ) ने कंपनी के खिलाफ कार्रवाई के लिए मुख्यालय को पत्र भेज दिया है। कंपनी को ब्लैक लिस्ट किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
7 जून को हांसी निवासी कोमल की डिलीवरी के बाद मौत हो गई थी। उनका शव जिला नागरिक अस्पताल के शवगृह स्थित डीप फ्रीजर में रखा गया था। कुछ घंटों बाद परिजनों ने शव को चूहों द्वारा कुतरा हुआ पाया जिसके बाद उन्होंने हंगामा करते हुए मामले की जांच की मांग की थी। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने फ्रीजर की खामियों को दूर करने के लिए संबंधित कंपनी को पत्र लिखा था।
चार दिन तक मरम्मत में जुटे रहे कर्मचारी
8 जून को कंपनी के कर्मचारी हिसार पहुंचे और डीप फ्रीजर की मरम्मत शुरू की। जांच में सामने आया कि फ्रीजर के दरवाजे के अंदर लगी रबर को काटकर चूहे भीतर घुसे थे। कर्मचारियों ने क्षतिग्रस्त रबर बदलने के साथ अन्य तकनीकी कमियां भी दूर कीं। 11 जून को मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद कर्मचारी लौट गए।
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अस्पताल प्रशासन को नहीं सौंपी रिपोर्ट
अस्पताल प्रशासन के अनुसार मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद कंपनी ने यह लिखित रिपोर्ट नहीं दी कि फ्रीजर में कौन-कौन सी खामियां दूर की गईं और अब यह चूहों व अन्य जीव-जंतुओं से कितना सुरक्षित है। इस संबंध में कंपनी को पत्र भेजा गया, लेकिन उसकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला।
मुख्यालय ने दिए सख्त निर्देश
हाल ही में मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने अस्पताल प्रशासन के साथ ऑनलाइन बैठक की थी। बैठक में अधिकारियों ने कंपनी को दोबारा पत्र भेजकर एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगने के निर्देश दिए थे। साथ ही स्पष्ट किया था कि जवाब नहीं मिलने पर कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने की कार्रवाई की जा सकती है।
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कंपनी की तरफ से अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। इस संबंध में मुख्यालय को पत्र भेज दिया गया है। आगे की कार्रवाई मुख्यालय स्तर पर की जाएगी। कंपनी को ब्लैक लिस्ट भी किया जा सकता है।
- डॉ. रीना जैन, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल।
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7 जून को हांसी निवासी कोमल की डिलीवरी के बाद मौत हो गई थी। उनका शव जिला नागरिक अस्पताल के शवगृह स्थित डीप फ्रीजर में रखा गया था। कुछ घंटों बाद परिजनों ने शव को चूहों द्वारा कुतरा हुआ पाया जिसके बाद उन्होंने हंगामा करते हुए मामले की जांच की मांग की थी। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने फ्रीजर की खामियों को दूर करने के लिए संबंधित कंपनी को पत्र लिखा था।
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चार दिन तक मरम्मत में जुटे रहे कर्मचारी
8 जून को कंपनी के कर्मचारी हिसार पहुंचे और डीप फ्रीजर की मरम्मत शुरू की। जांच में सामने आया कि फ्रीजर के दरवाजे के अंदर लगी रबर को काटकर चूहे भीतर घुसे थे। कर्मचारियों ने क्षतिग्रस्त रबर बदलने के साथ अन्य तकनीकी कमियां भी दूर कीं। 11 जून को मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद कर्मचारी लौट गए।
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अस्पताल प्रशासन को नहीं सौंपी रिपोर्ट
अस्पताल प्रशासन के अनुसार मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद कंपनी ने यह लिखित रिपोर्ट नहीं दी कि फ्रीजर में कौन-कौन सी खामियां दूर की गईं और अब यह चूहों व अन्य जीव-जंतुओं से कितना सुरक्षित है। इस संबंध में कंपनी को पत्र भेजा गया, लेकिन उसकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला।
मुख्यालय ने दिए सख्त निर्देश
हाल ही में मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने अस्पताल प्रशासन के साथ ऑनलाइन बैठक की थी। बैठक में अधिकारियों ने कंपनी को दोबारा पत्र भेजकर एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगने के निर्देश दिए थे। साथ ही स्पष्ट किया था कि जवाब नहीं मिलने पर कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने की कार्रवाई की जा सकती है।
कंपनी की तरफ से अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। इस संबंध में मुख्यालय को पत्र भेज दिया गया है। आगे की कार्रवाई मुख्यालय स्तर पर की जाएगी। कंपनी को ब्लैक लिस्ट भी किया जा सकता है।
- डॉ. रीना जैन, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल।