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Hisar News: खिलाड़ियों को खुराक भत्ते की जगह मिल रहे आश्वासन, कोच को वेतन का इंतजार
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लाडवा में चल रही हैंडबाल की नर्सरी में अभ्यास करते खिलाड़ी।
हिसार। खिलाड़ियों की प्रतिभा तराशने के लिए जिले में विभिन्न खेलों की नर्सरियां शुरू की गई थी। मगर इन नर्सरियों में प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ियों को खुराक भत्ता और प्रशिक्षण देने वाले कोच को वेतन मिलने का इंतजार है। 15 जून से शुरू हुई खेल नर्सरियों के खिलाड़ियों और कोच को अभी तक एक माह की भी राशि नहीं मिली है। हर बार खेल विभाग कोच से लेकर खिलाड़ियों को आश्वासन पर आश्वासन दे रहा है।
बता दें कि जिले के राजकीय व निजी विद्यालय, पंचायत, संस्थाओं और निजी एकेडमियों में 86 खेल नर्सरियां चल रही हैं। हर माह जिला खेल अधिकारी नरेश कुमार जिले में चल रही खेल नर्सरियों का निरीक्षण भी कर रहे हैं। खिलाड़ियों और कोच से मिलते हैं और सुविधाओं का जायजा लेते हैं। कई बार खिलाड़ी खुराक भत्ता और कोच वेतन के लिए उनसे गुहार लगा चुके हैं। मगर खेल विभाग के अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। लाडवा में हैंडबाल का प्रशिक्षण ले रहीं राष्ट्रीय खिलाड़ी स्नेहा, कुसुम, रीतिका, भतेरी ने बताया कि 15 जून से खेल नर्सरियां शुरू हुई थीं। मगर अभी तक एक बार भी खुराक भत्ता नहीं मिला है। ऐसे में उन्हें अपने निजी रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। खेल विभाग की ओर से हर माह खुराक राशि देनी चाहिए, ताकि खिलाड़ियों को कोई परेशानी न हो।
1500 से 2000 खुराक राशि मिलने का प्रावधान
खेल नर्सरियों में 8 साल से 14 और 15 साल से 19 साल तक के खिलाड़ी अभ्यास कर रहे हैं। 8 से 14 साल तक के खिलाड़ियों को हर माह 1500 रुपये और 15 से 19 साल तक के खिलाड़ियों को 2000 रुपये खुराक भत्ता देने का प्रावधान है। मगर खिलाड़ियों को अभी तक खुराक राशि के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
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बता दें कि जिले के राजकीय व निजी विद्यालय, पंचायत, संस्थाओं और निजी एकेडमियों में 86 खेल नर्सरियां चल रही हैं। हर माह जिला खेल अधिकारी नरेश कुमार जिले में चल रही खेल नर्सरियों का निरीक्षण भी कर रहे हैं। खिलाड़ियों और कोच से मिलते हैं और सुविधाओं का जायजा लेते हैं। कई बार खिलाड़ी खुराक भत्ता और कोच वेतन के लिए उनसे गुहार लगा चुके हैं। मगर खेल विभाग के अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। लाडवा में हैंडबाल का प्रशिक्षण ले रहीं राष्ट्रीय खिलाड़ी स्नेहा, कुसुम, रीतिका, भतेरी ने बताया कि 15 जून से खेल नर्सरियां शुरू हुई थीं। मगर अभी तक एक बार भी खुराक भत्ता नहीं मिला है। ऐसे में उन्हें अपने निजी रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। खेल विभाग की ओर से हर माह खुराक राशि देनी चाहिए, ताकि खिलाड़ियों को कोई परेशानी न हो।
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1500 से 2000 खुराक राशि मिलने का प्रावधान
खेल नर्सरियों में 8 साल से 14 और 15 साल से 19 साल तक के खिलाड़ी अभ्यास कर रहे हैं। 8 से 14 साल तक के खिलाड़ियों को हर माह 1500 रुपये और 15 से 19 साल तक के खिलाड़ियों को 2000 रुपये खुराक भत्ता देने का प्रावधान है। मगर खिलाड़ियों को अभी तक खुराक राशि के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
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