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Hisar News: गर्मी में दूषित पानी से लोग हो रहे टाइफाइड का शिकार
Sat, 14 Jun 2025 12:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sat, 14 Jun 2025 12:34 AM IST
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नागरिक अस्पताल के जनरल वार्ड में भर्ती मरीज।
हांसी। गर्मी में दूषित पानी से लोग टाइफाइड का शिकार हो रहे हैं। नागरिक अस्पताल की ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों में टाइफाइड के मरीजों की संख्या प्रतिदिन बढ़ रही है। अस्पताल में प्रतिदिन करीब 10 मरीज टाइफाइड के पहुंच रहे हैं।
ऐसे में चिकित्सकों की सलाह है कि खानपान में सफाई का विशेष ध्यान रखें। गर्मी के चलते अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ी है। प्रतिदिन करीब 350 मरीज उपचार के लिए आ रहे हैं। इसमें बुखार, खांसी, गर्म सर्द के साथ टाइफाइड के मरीज भी आ रहे हैं।
नागरिक अस्पताल के आरएमओ डॉ़ कामिद मोंगा के अनुसार गर्मी के चलते बुखार, खांसी, उल्टी, दस्त के मरीजों की संख्या बढ़ी है। लेकिन टाइफाइड के मरीजों की संख्या भी साथ में बढ़ रही है। शुक्रवार को करीब 10 टाइफाइड के मरीज ओपीडी में आए।
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उन्होंने ने बताया कि टाइफाइड से बचने के लिए पानी को उबालकर ठंडा करके पीएं। क्योंकि दूषित पानी के जरिए यह बीमारी फैलती है। सड़क किनारे बिकने वाले जूस, गन्ने का रस, शिकंजी आदि में डाली जाने वाली बर्फ टाइफाइड होने की एक वजह है। इसके अलावा गर्मियों में भोजन जल्दी खराब होता है। ऐसे में बासी भोजन करने से भी टाइफाइड हो सकता है।
टाइफाइड के लक्षण
टाइफाइड में मरीज को तेज बुखार आता है, जो 103 डिग्री से 104 डिग्री तक बढ़ सकता है। टाइफाइड का बुखार लगभग एक हफ्ते तक आता है। मरीज को बुखार आने के साथ ही पेट दर्द, भूख नहीं लगना, सिरदर्द होना, शरीर के कई हिस्सों में दर्द होना, दस्त लगना आदि लक्षण पाए जाते हैं।
इन बातों का रखें ख्याल
. खाने से पहले या कुछ खाने के बाद हाथ जरूर धोने चाहिए।
. खाने को हमेशा ढककर रखना चाहिए।
. खानपान में साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें।
टाइफाइड के मरीजों के लिए खानपान
टाइफाइड होने पर मरीज का वजन कम हो जाता है। ऐसे में वह हाई कैलोरी युक्त भोजन लें। वजन बढ़ाने के लिए रोटी, केला, नारियल, पपीता, उबला हुआ आलू अधिक खाएं। तेज बुखार और डायरिया होने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है। शरीर में तरल पदार्थ के स्तर में कमी होने से उपचार में समस्याएं आ सकती हैं। पर्याप्त पानी और ताजे फलों से तैयार जूस का सेवन अधिक करें।
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ऐसे में चिकित्सकों की सलाह है कि खानपान में सफाई का विशेष ध्यान रखें। गर्मी के चलते अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ी है। प्रतिदिन करीब 350 मरीज उपचार के लिए आ रहे हैं। इसमें बुखार, खांसी, गर्म सर्द के साथ टाइफाइड के मरीज भी आ रहे हैं।
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नागरिक अस्पताल के आरएमओ डॉ़ कामिद मोंगा के अनुसार गर्मी के चलते बुखार, खांसी, उल्टी, दस्त के मरीजों की संख्या बढ़ी है। लेकिन टाइफाइड के मरीजों की संख्या भी साथ में बढ़ रही है। शुक्रवार को करीब 10 टाइफाइड के मरीज ओपीडी में आए।
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उन्होंने ने बताया कि टाइफाइड से बचने के लिए पानी को उबालकर ठंडा करके पीएं। क्योंकि दूषित पानी के जरिए यह बीमारी फैलती है। सड़क किनारे बिकने वाले जूस, गन्ने का रस, शिकंजी आदि में डाली जाने वाली बर्फ टाइफाइड होने की एक वजह है। इसके अलावा गर्मियों में भोजन जल्दी खराब होता है। ऐसे में बासी भोजन करने से भी टाइफाइड हो सकता है।
टाइफाइड के लक्षण
टाइफाइड में मरीज को तेज बुखार आता है, जो 103 डिग्री से 104 डिग्री तक बढ़ सकता है। टाइफाइड का बुखार लगभग एक हफ्ते तक आता है। मरीज को बुखार आने के साथ ही पेट दर्द, भूख नहीं लगना, सिरदर्द होना, शरीर के कई हिस्सों में दर्द होना, दस्त लगना आदि लक्षण पाए जाते हैं।
इन बातों का रखें ख्याल
. खाने से पहले या कुछ खाने के बाद हाथ जरूर धोने चाहिए।
. खाने को हमेशा ढककर रखना चाहिए।
. खानपान में साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें।
टाइफाइड के मरीजों के लिए खानपान
टाइफाइड होने पर मरीज का वजन कम हो जाता है। ऐसे में वह हाई कैलोरी युक्त भोजन लें। वजन बढ़ाने के लिए रोटी, केला, नारियल, पपीता, उबला हुआ आलू अधिक खाएं। तेज बुखार और डायरिया होने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है। शरीर में तरल पदार्थ के स्तर में कमी होने से उपचार में समस्याएं आ सकती हैं। पर्याप्त पानी और ताजे फलों से तैयार जूस का सेवन अधिक करें।