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Hisar News: 5 हजार रिश्वत लेने के दोषी पटवारी को 4 वर्ष का कारावास
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हिसार। इंतकाल दर्ज करने के नाम पर 5 हजार रुपये की रिश्वत लेने के मामले में बरवाला क्षेत्र के गांव ढांड निवासी पटवारी मनजीत को दोषी करार देते हुए 4 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जैस्मिन शर्मा की अदालत ने वीरवार को दोषी पर 9 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला जनवरी 2023 में हरियाणा विजिलेंस ब्यूरो ने दर्ज किया था।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, खरड़-अलीपुर निवासी किसान आशीष ने विजिलेंस ब्यूरो को शिकायत देकर बताया था कि किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) बनवाने के लिए उसे अपनी जमीन का इंतकाल दर्ज करवाना था। इसके लिए उसने शहर थाना के पास स्थित पटवार भवन में कार्यरत पटवारी मनजीत से संपर्क किया। आरोप है कि पटवारी ने इंतकाल दर्ज करने के बदले 5 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की।
शिकायत के सत्यापन के बाद विजिलेंस ब्यूरो ने डीएसपी गौरव के नेतृत्व में कार्रवाई के लिए टीम गठित की गई। शिकायतकर्ता को 500-500 रुपये के 10 नोटों पर विशेष पाउडर लगाकर दिए गए। तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता ने पटवारी को रिश्वत की रकम सौंपी। संकेत मिलते ही विजिलेंस टीम ने मौके पर छापा मारकर आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
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तलाशी के दौरान उसके कब्जे से रिश्वत की पूरी राशि बरामद हुई थी। विजिलेंस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच पूरी होने के बाद अदालत में चालान पेश किया।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार, खरड़-अलीपुर निवासी किसान आशीष ने विजिलेंस ब्यूरो को शिकायत देकर बताया था कि किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) बनवाने के लिए उसे अपनी जमीन का इंतकाल दर्ज करवाना था। इसके लिए उसने शहर थाना के पास स्थित पटवार भवन में कार्यरत पटवारी मनजीत से संपर्क किया। आरोप है कि पटवारी ने इंतकाल दर्ज करने के बदले 5 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की।
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शिकायत के सत्यापन के बाद विजिलेंस ब्यूरो ने डीएसपी गौरव के नेतृत्व में कार्रवाई के लिए टीम गठित की गई। शिकायतकर्ता को 500-500 रुपये के 10 नोटों पर विशेष पाउडर लगाकर दिए गए। तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता ने पटवारी को रिश्वत की रकम सौंपी। संकेत मिलते ही विजिलेंस टीम ने मौके पर छापा मारकर आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
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तलाशी के दौरान उसके कब्जे से रिश्वत की पूरी राशि बरामद हुई थी। विजिलेंस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच पूरी होने के बाद अदालत में चालान पेश किया।