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Hisar News: दर्द से तड़पते रहे मरीज... छटपटाते रहे तीमारदार, निजी अस्पतालों में आयुष्मान कार्डधारक भटकते रहे
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निजी अस्पताल के बाहर बैठे मरीज।
हिसार। आयुष्मान योजना के तहत मरीजों के उपचार का बकाया पैसा नहीं मिलने से खफा निजी अस्पताल संचालकों ने मंगलवार को कार्डधारकों का उपचार बंद कर दिया। सुबह ही दूरदराज के गांवों में इलाज की उम्मीद में आए मरीजों को भटकना पड़ा। पैनल में शामिल शहर के कई अस्पतालों के आगे मरीज और तीमारदार निराश बैठे दिखे। वहीं, जिन मरीजों से दर्द सहा नहीं गया, उन्होंने सरकारी अस्पताल और अन्य निजी अस्पतालों का रुख किया। हालांकि आईएमए का दावा है कि दोपहर बाद हुई बैठक में मरीजों के उपचार का निर्णय ले लिया था। बुधवार को सभी का उपचार किया जाएगा।
आयुष्मान योजना के पात्र व्यक्ति को बीमार होने पर पांच लाख रुपये तक निशुल्क उपचार किया जाता है। मरीज पैनल में शामिल अस्पताल में यह सुविधा ले सकता है। बकाया वापसी पर राज्य सरकार से सहमति नहीं बनने पर सोमवार को निजी अस्पताल संचालकों ने आयुष्मान कार्डधारक मरीजों का उपचार नहीं करने का फैसला लिया था। इसी क्रम में मंगलवार को मरीजों का उपचार नहीं किया गया। मरीज पहुंचे तो उन्हें कहा गया कि आयुष्मान योजना के तहत उपचार नहीं होगा, किसी को इलाज करवाना है तो रुपये जमा करवाने होंगे। ऐसे में अधिकतर मरीज इंतजार के बाद लौट गए, वहीं कइयों ने सरकारी व अन्य निजी अस्पतालों का रुख किया। हिंदवान गांव से आए राजेश ने बताया कि वह पिता को किडनी की बीमारी के कारण अस्पताल लेकर आया। यहां आने के बाद पता चला कि आयुष्मान योजना के तहत उपचार नहीं हो रहा। उनका पहले आयुष्मान योजना के तहत उपचार करवाया था।
दावा: 87 में से 20 अस्पतालों ने नहीं किया उपचार
जिले में आयुष्मान योजना के तहत 87 निजी अस्पताल पैनल में हैं। इनमें से 20 अस्पतालों में उपचार बंद रहा। अन्य अस्पतालों में मरीजों को भर्ती किया गया। उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई।- डॉ. सुनील, नोडल अधिकारी, नागरिक अस्पताल
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दोपहर बाद शुरू किया उपचार
आयुष्मान कार्डधारकों का दोपहर तक उपचार नहीं किया। दोपहर बाद बैठक में ऐसे मरीजों के उपचार का निर्णय लिया। आगे भी मरीजों का उपचार जारी रहेगा। - डॉ. संदीप कालरा, प्रदेश अध्यक्ष आईएमए
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आयुष्मान योजना के पात्र व्यक्ति को बीमार होने पर पांच लाख रुपये तक निशुल्क उपचार किया जाता है। मरीज पैनल में शामिल अस्पताल में यह सुविधा ले सकता है। बकाया वापसी पर राज्य सरकार से सहमति नहीं बनने पर सोमवार को निजी अस्पताल संचालकों ने आयुष्मान कार्डधारक मरीजों का उपचार नहीं करने का फैसला लिया था। इसी क्रम में मंगलवार को मरीजों का उपचार नहीं किया गया। मरीज पहुंचे तो उन्हें कहा गया कि आयुष्मान योजना के तहत उपचार नहीं होगा, किसी को इलाज करवाना है तो रुपये जमा करवाने होंगे। ऐसे में अधिकतर मरीज इंतजार के बाद लौट गए, वहीं कइयों ने सरकारी व अन्य निजी अस्पतालों का रुख किया। हिंदवान गांव से आए राजेश ने बताया कि वह पिता को किडनी की बीमारी के कारण अस्पताल लेकर आया। यहां आने के बाद पता चला कि आयुष्मान योजना के तहत उपचार नहीं हो रहा। उनका पहले आयुष्मान योजना के तहत उपचार करवाया था।
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दावा: 87 में से 20 अस्पतालों ने नहीं किया उपचार
जिले में आयुष्मान योजना के तहत 87 निजी अस्पताल पैनल में हैं। इनमें से 20 अस्पतालों में उपचार बंद रहा। अन्य अस्पतालों में मरीजों को भर्ती किया गया। उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई।- डॉ. सुनील, नोडल अधिकारी, नागरिक अस्पताल
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दोपहर बाद शुरू किया उपचार
आयुष्मान कार्डधारकों का दोपहर तक उपचार नहीं किया। दोपहर बाद बैठक में ऐसे मरीजों के उपचार का निर्णय लिया। आगे भी मरीजों का उपचार जारी रहेगा। - डॉ. संदीप कालरा, प्रदेश अध्यक्ष आईएमए