एचएयू कैलेंडर विवाद: पहले गुमराह करने का प्रयास फिर कुलपति के ओएसडी ने मांगी माफी, सोमवार तक नए कैलेंडर छपवाने पर बनी सहमति
एचएयू के कैलेंडर में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का फोटो न होने से नाराज किसानों ने एचएयू परिसर में धरना दिया। सोमवार तक नए कैलेंडर में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का फोटो छपवाने पर सहमति बनी है।
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हरियाणा के हिसार में चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के वार्षिक कैलेंडर में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की फोटो हटाए जाने पर देश के कई हिस्सों में विरोध जताया गया। मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे संयुक्त किसान मोर्चा की जिला इकाई ने विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन के समक्ष धरना देकर रोष जताया।
इस दौरान पहले किसानों को कैलेंडर में चौधरी चरण सिंह का स्टीकर लगाकर गुमराह करने का प्रयास किया। किसानों ने स्टीकर लगाए जाने पर आक्रोश जाहिर करते किया। जिस पर कुलपति के ओएसडी ने किसानों के बीच आकर माफी मांगी। इस दौरान किसान नए कैलेंडर में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का फोटो छापने को लेकर एक सप्ताह का अल्टीमेटम देकर लौटे।
किसान सभा के जिलाध्यक्ष शमशेर नंबरदार, दिलबाग सिंह हुड्डा, सतवीर पूनिया, कुलदीप खरड़, कैलाश सिंह, बलराज मलिक, हर्षदीप गिल मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे एचएयू परिसर पहुंचे। किसानों के पहुंचने और धरने की आशंका को लेकर मौके पर पुलिस बल भी तैनात किया गया था। किसानों की प्रतिनिधि मंडल कुलपति प्रो. बीआर कांबोज से मिला।
इसमें किसानों को पहले कैलेंडर पर स्टीकर गुमराह करने का प्रयास किया। किसानों ने इसे स्वीकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान नहीं अपमान करना ही है। कैलेंडर दोबारा से छपवाए जाने चाहिए, साथ ही दोषी अधिकारी पर कार्रवाई की जाए। एचएयू अधिकारियों ने कहा कि बड़े कैलेंडर दिल्ली में प्रकाशित कए जाते हैं।
जिस कारण कुछ समय लगेगा। नया कैलेंडर 7 फरवरी तक प्रकाशित कराने का भरोसा दिया गया। किसानों ने कहा कि अगर 8 फरवरी को नए कैलेंडर नहीं आए तो मौके पर ही धरना शुरू किया जाएगा। किसानों ने इस मुद्दे को उठाने वाले डॉ. विनय महला का तबादला करने पर नाराजगी जताई तो उनका वापस लाने पर भी सहमति बनी। पिछले दो दिन से सोशल मीडिया में यह मामला काफी वायरल हो रहा है।
वीसी कार्यालय के सामने धरने पर बैठे किसानों को मनाने के लिए पहुंचे कुलपति के ओएसडी डॉ. अतुल ढींगड़ा ने सार्वजनिक रूप से इस गलती के लिए लेकर क्षमा मांगी। उन्होंने कहा कि गलती को सुधार दिया जाएगा। डॉ. अतुल ढींगड़ा ने बताया कि कुलपति के आश्वासन के बाद किसान सहमत हो गए और सौहार्दपूर्ण तरीके से बैठक को समाप्त कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि छोटे कैलेंडर छपवाकर सभी विभागों में वितरित कर दिए गए हैं। बड़े कैलेंडर सोमवार तक छपकर आ जाएंगे। किसान नेता राकेश टिकैत, राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा, इनेलो नेता अभय चौटाला, महम विधायक बलराज कुंडू सहित अन्य नेताओं ने विरोध जाहिर किया।
महम विधायक बलराज कुंडू ने राज्यपाल को भेजा ज्ञापन
महम (संवाद ): विधायक बलराज कुंडू ने हिसार के चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय के वार्षिक कैलेंडर से किसान मसीहा के चित्र को हटाए जाने के मामले में हरियाणा के राज्यपाल को ई-मेल के जरिये ज्ञापन भेजा है। इसमें जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और विश्वविद्यालय के कुलपति को हटाए जाने समेत तत्काल नया वार्षिक कैलेंडर प्रकाशित करने की मांग की है।
राज्यपाल को भेजे गए ज्ञापन में महम विधायक बलराज कुंडू ने उल्लेख किया है कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह ने अपना संपूर्ण जीवन किसान-मजदूर एवं कृषि कल्याण को समर्पित कर दिया। उनके सम्मान में हिसार में चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय स्थापित है। यहां प्रतिवर्ष विश्वविद्यालय का वार्षिक कैलेंडर प्रकाशित किया जाता है, इस पर शुरू से ही किसान मसीहा चौधरी चरण सिंह का चित्र छपता रहा है। लेकिन अभी हाल ही में वर्ष 2022 का जो कैलेंडर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा प्रकाशित किया गया है, उसमें चौधरी चरण सिंह की फोटो को हटा दिया गया है।
यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस महान विभूति के नाम पर कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना की गई थी उन्हीं का चित्र वार्षिक कैलेंडर से हटा दिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन का यह कदम बेहद गैर जिम्मेदाराना, आपत्तिजनक और निंदनीय है। यह बिना राज्य सरकार की सहमति के किसी अधिकारी द्वारा ऐसी हिमाकत करना संभव नहीं लगता। इस घटना ने विश्वविद्यालय के वीसी की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खडे़ कर दिए हैं।
कुंडू ने कहा कि विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विनय महला ने जब बिना चौधरी चरण सिंह के चित्र वाले वार्षिक कैलेंडर का विरोध किया तो उनका पानीपत तबादला कर दिया गया। बात सार्वजनिक होने पर चारों तरफ इसका विरोध शुरू हुआ। इस पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने रातों रात उन कैलेंडरों पर चौधरी चरण सिंह की फोटो के स्टिकर्स चिपकवाकर अपनी गलती को ढकने के फेर में एक और अपमानजनक हरकत कर डाली है। यदि इस मामले में जनभावनाओं को देखते हुए कार्रवाई नहीं हुई तो वह स्वयं लोगों के साथ चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के सामने धरना शुरू करने को मजबूर हो जाएंगे।