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Hisar News: जीजेयू में खुला शिक्षा विभाग, बीए-बीएससी व बीएड की भी होगी पढ़ाई
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हिसार। गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जीजेयू) में अब शिक्षा विभाग भी खुल गया है। यहां बीएससी-बीएड और बीए-बीएड कोर्स आरंभ होंगे। नेशनल काउंसिल फॉर टीचर्स एजुकेशन (एनसीटीई) ने इसके लिए विश्वविद्यालय को मान्यता दे दी है। छात्रों का नामांकन एनसीटीई द्वारा निर्धारित शैक्षणिक मेरिट के आधार पर होगा। इन कोर्सेज में देशभर से विद्यार्थियों के आने की संभावना रहेगी।
कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने बताया कि एनसीटीई ने इस कोर्सों के लिए देश के उन शिक्षण संस्थानों को ही चुना है, जिनका नैक ग्रेड ‘ए प्लस’ या उससे ज्यादा है। तीन साल में बीएससी और बीए की पढ़ाई पूरी होगी। इसके बाद अगले साल बीएड का कोर्स होगा। इस प्रकार केवल चार साल में विद्यार्थी बीए-बीएड की डिग्री हासिल कर लेगा। इससे पहले बीएड करने के लिए विद्यार्थी को बीए व बीएससी के बाद दो साल बीएड में लगते हैं। इस तरह पांच साल की पढ़ाई चार साल में पूरी होगी। इसकी पढ़ाई के लिए शिक्षा विभाग की स्थापना की कर दी गई है। प्रो. वंदना पूनिया को इस विभाग का अधिष्ठाता तथा चेयरमैन नियुक्त किया गया है।
इस प्रकार होंगे दाखिले
दोनों ही बीएड कोर्सों में दाखिले एनसीटीई द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर किए जाएंगे। विद्यार्थी द्वारा संस्थान के चयन तथा एनसीटीई द्वारा निर्धारित शैक्षणिक मेरिट के आधार पर एनसीटीई द्वारा मान्यता दिए गए संस्थानों में सीट अलाॅट की जाएंगी। इन कोर्सों में देशभर से विद्यार्थी आने की संभावना रहेगी। कुलपति ने बताया कि बीए व बीएससी में भी अध्यापन कौशल से संबंधित पुस्तकें पढ़ाई जाएंगी। इन दोनों कोर्सेज में दाखिले से संबंधित जानकारी जल्दी ही साझा की जाएगी।
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कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने बताया कि एनसीटीई ने इस कोर्सों के लिए देश के उन शिक्षण संस्थानों को ही चुना है, जिनका नैक ग्रेड ‘ए प्लस’ या उससे ज्यादा है। तीन साल में बीएससी और बीए की पढ़ाई पूरी होगी। इसके बाद अगले साल बीएड का कोर्स होगा। इस प्रकार केवल चार साल में विद्यार्थी बीए-बीएड की डिग्री हासिल कर लेगा। इससे पहले बीएड करने के लिए विद्यार्थी को बीए व बीएससी के बाद दो साल बीएड में लगते हैं। इस तरह पांच साल की पढ़ाई चार साल में पूरी होगी। इसकी पढ़ाई के लिए शिक्षा विभाग की स्थापना की कर दी गई है। प्रो. वंदना पूनिया को इस विभाग का अधिष्ठाता तथा चेयरमैन नियुक्त किया गया है।
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इस प्रकार होंगे दाखिले
दोनों ही बीएड कोर्सों में दाखिले एनसीटीई द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर किए जाएंगे। विद्यार्थी द्वारा संस्थान के चयन तथा एनसीटीई द्वारा निर्धारित शैक्षणिक मेरिट के आधार पर एनसीटीई द्वारा मान्यता दिए गए संस्थानों में सीट अलाॅट की जाएंगी। इन कोर्सों में देशभर से विद्यार्थी आने की संभावना रहेगी। कुलपति ने बताया कि बीए व बीएससी में भी अध्यापन कौशल से संबंधित पुस्तकें पढ़ाई जाएंगी। इन दोनों कोर्सेज में दाखिले से संबंधित जानकारी जल्दी ही साझा की जाएगी।
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