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शहीदों के बताए रास्ते पर चलने वाली सभ्यताएं ही अपनी तरक्की कर पाती हैं : प्रो. बिश्नोई
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हिसार। गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय (जीजेयू) के चौधरी रणबीर सिंह सभागार में शुक्रवार को देशभक्ति से ओत-प्रोत कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुतियां दी गईं। कारगिल युद्ध के योद्धाओं के साथ-साथ देश के सभी शहीदों को नमन किया गया। कारगिल विजय दिवस की रजत जयंती के अवसर पर थ्री हरियाणा गर्ल्स बटालियन एनसीसी की तरफ से जीजेयू के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विवि के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई कार्यक्रम के मुख्यातिथि के रूप में शामिल हुए। कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा कि शहीदों के बताए रास्ते पर चलने वाली सभ्यताएं ही अपनी तरक्की कर पाती हैं। कारगिल युद्ध हमारे देश के वीर सैनिकों के शौर्य की अद्भुत गाथा है। उन्होंने कहा कि कैडेट्स शहीदों के बताए रास्ते पर चलें और उनके बलिदान को कभी न भूलें।
अजीत सिंह ने बताया कि उन्होंने कारगिल युद्ध को दूरदर्शन के पत्रकार के रूप में कवर किया था। उन्होंने बताया कि बोफोर्स तोपों की इस युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका थी। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार रखना होगा। भारत के हर युद्ध को पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाना चाहिए।
कर्नल ज्ञान प्रकाश ने बताया कि पाकिस्तानी घुसपठियों ने भारत के 32 सैन्य ठिकानों को अपने कब्जे में ले लिया था। युद्ध में भारत के सैनिकों ने जिस साहस और शौर्य का प्रदर्शन किया, उसे दुनिया सदियों तक याद रखेगी।
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इस आयोजन में ऑनरेरी कैप्टन कृष्ण सिहाग ने कारगिल युद्ध से जुड़ी स्वयं की व अपनी बटालियन की वीर गाथाओं के बारे में जानकारी दी। देशभक्ति के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रथम स्थान ठाकुर भार्गव दास वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल की इकाई ने प्राप्त किया। दूसरे स्थान पर जीजेयू की टीम रही जबकि तीसरा स्थान विद्या देवी जिंदल स्कूल ने प्राप्त किया। इस अवसर पर एनसीसी को-ऑर्डिनेटर प्रो. राजीव कुमार, मेजर एडमन ऑफिसर अकांक्षा पांडे, सीनियर जीसीआई निशा, जीसीआई संगीता सहारन, महिपाल सहित एनसीसी इकाइयों के अधिकारी व संयोजक तथा एनसीसी के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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अजीत सिंह ने बताया कि उन्होंने कारगिल युद्ध को दूरदर्शन के पत्रकार के रूप में कवर किया था। उन्होंने बताया कि बोफोर्स तोपों की इस युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका थी। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार रखना होगा। भारत के हर युद्ध को पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाना चाहिए।
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कर्नल ज्ञान प्रकाश ने बताया कि पाकिस्तानी घुसपठियों ने भारत के 32 सैन्य ठिकानों को अपने कब्जे में ले लिया था। युद्ध में भारत के सैनिकों ने जिस साहस और शौर्य का प्रदर्शन किया, उसे दुनिया सदियों तक याद रखेगी।
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इस आयोजन में ऑनरेरी कैप्टन कृष्ण सिहाग ने कारगिल युद्ध से जुड़ी स्वयं की व अपनी बटालियन की वीर गाथाओं के बारे में जानकारी दी। देशभक्ति के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रथम स्थान ठाकुर भार्गव दास वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल की इकाई ने प्राप्त किया। दूसरे स्थान पर जीजेयू की टीम रही जबकि तीसरा स्थान विद्या देवी जिंदल स्कूल ने प्राप्त किया। इस अवसर पर एनसीसी को-ऑर्डिनेटर प्रो. राजीव कुमार, मेजर एडमन ऑफिसर अकांक्षा पांडे, सीनियर जीसीआई निशा, जीसीआई संगीता सहारन, महिपाल सहित एनसीसी इकाइयों के अधिकारी व संयोजक तथा एनसीसी के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।