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Hisar News: गुरु गोरखनाथ कॉलेज में पढ़ सकेंगे फ्रेंच, जापानी और जर्मन
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गुरु गोरखनाथ जी के महाविद्यालय में प्रिंसिपल अंजू चौधरी पत्रकारों से बातचीत करते हुए ।
हिसार। गुरु गोरखनाथ जी राजकीय महाविद्यालय में शिक्षा सत्र 2027-28 से विद्यार्थियों को फ्रेंच, जापानी और जर्मन जैसी विदेशी भाषाएं पढ़ने का विकल्प मिलेगा। नए सत्र से कॉलेज जीजेयू से संबद्धता के बजाय स्वायत्त संस्थान के रूप में कार्य करेगा।
इससे विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा, रोजगार और अंतरराष्ट्रीय अवसरों के नए द्वार खुलेंगे। प्रदेश सरकार हर जिले में एक मॉडल संस्कृति महाविद्यालय बनाकर उसे स्वायत्त घोषित कर रही है। गुरु गोरखनाथ जी राजकीय महाविद्यालय को भी इस सूची में शामिल किया गया है।
प्राचार्य प्रो. अंजू चौधरी ने मंगलवार को कॉलेज परिसर में मीडिया से बातचीत में बताया कि उनके पास गुरु गोरखनाथ कॉलेज के साथ मंगाली कॉलेज का भी प्रभार है। मंगाली कॉलेज में केवल तीन कक्षा कक्ष हैं और यहां करीब 180 विद्यार्थी पढ़ते हैं।
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इन्हें पढ़ाने के लिए 17 नियमित प्राध्यापक तैनात हैं। वहीं गुरु गोरखनाथ कॉलेज में विद्यार्थियों की संख्या करीब 6,000 है। इनके लिए करीब 226 प्राध्यापक कार्यरत हैं, जिनमें 176 नियमित और 50 अनुबंधित हैं।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता
प्राचार्य ने कहा कि कॉलेज में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगा। शिक्षकों के माध्यम से विद्यार्थियों का नियमित और गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सुनिश्चित किया जा रहा है। शिक्षण सत्र में अनावश्यक अवकाश से बचते हुए कक्षाओं की नियमितता बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कॉलेज में बहुविषयक शिक्षा के साथ विद्यार्थियों में अनुशासन और नैतिक मूल्यों के विकास पर भी जोर दिया जाएगा।
बाहरी लोगों का प्रवेश होगा नियंत्रित
प्राचार्य ने बताया कि कॉलेज परिसर में अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी जा रही है। बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश को नियंत्रित किया जाएगा और अनधिकृत लोगों को परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। विद्यार्थियों के लिए पहचान पत्र अनिवार्य होगा। सभी विद्यार्थियों को पहचान पत्र जारी किए जा रहे हैं। एक रुपये प्रतिदिन के शुल्क पर बाइक पार्किंग पास भी जारी किए जाएंगे। पार्किंग पास देखकर ही विद्यार्थियों को पैदल या बाइक से परिसर में प्रवेश की अनुमति होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन व्यवस्थाओं से कॉलेज में सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण और मजबूत होगा।
डिग्री के साथ जिम्मेदारी और संवेदनशीलता भी जरूरी
प्राचार्य प्रो. अंजू ने विद्यार्थियों में अनुशासन और नैतिक मूल्यों में आ रही कमी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री और रोजगार हासिल करना नहीं है। विद्यार्थियों में जिम्मेदारी, अनुशासन, संवेदनशीलता और ईमानदारी जैसे सामाजिक मूल्यों का विकास भी शिक्षा का लक्ष्य है। कॉलेज में अकादमिक शिक्षा के साथ मूल्यपरक और चरित्र निर्माण आधारित शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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इससे विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा, रोजगार और अंतरराष्ट्रीय अवसरों के नए द्वार खुलेंगे। प्रदेश सरकार हर जिले में एक मॉडल संस्कृति महाविद्यालय बनाकर उसे स्वायत्त घोषित कर रही है। गुरु गोरखनाथ जी राजकीय महाविद्यालय को भी इस सूची में शामिल किया गया है।
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प्राचार्य प्रो. अंजू चौधरी ने मंगलवार को कॉलेज परिसर में मीडिया से बातचीत में बताया कि उनके पास गुरु गोरखनाथ कॉलेज के साथ मंगाली कॉलेज का भी प्रभार है। मंगाली कॉलेज में केवल तीन कक्षा कक्ष हैं और यहां करीब 180 विद्यार्थी पढ़ते हैं।
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इन्हें पढ़ाने के लिए 17 नियमित प्राध्यापक तैनात हैं। वहीं गुरु गोरखनाथ कॉलेज में विद्यार्थियों की संख्या करीब 6,000 है। इनके लिए करीब 226 प्राध्यापक कार्यरत हैं, जिनमें 176 नियमित और 50 अनुबंधित हैं।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता
प्राचार्य ने कहा कि कॉलेज में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगा। शिक्षकों के माध्यम से विद्यार्थियों का नियमित और गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सुनिश्चित किया जा रहा है। शिक्षण सत्र में अनावश्यक अवकाश से बचते हुए कक्षाओं की नियमितता बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कॉलेज में बहुविषयक शिक्षा के साथ विद्यार्थियों में अनुशासन और नैतिक मूल्यों के विकास पर भी जोर दिया जाएगा।
बाहरी लोगों का प्रवेश होगा नियंत्रित
प्राचार्य ने बताया कि कॉलेज परिसर में अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी जा रही है। बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश को नियंत्रित किया जाएगा और अनधिकृत लोगों को परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। विद्यार्थियों के लिए पहचान पत्र अनिवार्य होगा। सभी विद्यार्थियों को पहचान पत्र जारी किए जा रहे हैं। एक रुपये प्रतिदिन के शुल्क पर बाइक पार्किंग पास भी जारी किए जाएंगे। पार्किंग पास देखकर ही विद्यार्थियों को पैदल या बाइक से परिसर में प्रवेश की अनुमति होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन व्यवस्थाओं से कॉलेज में सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण और मजबूत होगा।
डिग्री के साथ जिम्मेदारी और संवेदनशीलता भी जरूरी
प्राचार्य प्रो. अंजू ने विद्यार्थियों में अनुशासन और नैतिक मूल्यों में आ रही कमी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री और रोजगार हासिल करना नहीं है। विद्यार्थियों में जिम्मेदारी, अनुशासन, संवेदनशीलता और ईमानदारी जैसे सामाजिक मूल्यों का विकास भी शिक्षा का लक्ष्य है। कॉलेज में अकादमिक शिक्षा के साथ मूल्यपरक और चरित्र निर्माण आधारित शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।