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Hisar News: गंगवा में सीवर लाइन का 60 फीसदी काम ही पूरा, दो वाटर टैंक भी अधूरे

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 04 Nov 2025 12:57 AM IST
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Only 60% of the sewer line work in Gangwa is complete, two water tanks are also incomplete.
भूजल स्तर कम करने के लिए लगाया गया बोरवेल। 
हिसार। शहर से सटे गंगवा गांव में महाग्राम योजना के तहत सीवर और पेयजल लाइन बिछाने का कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। अब तक सिर्फ 60 प्रतिशत सीवर लाइन ही बिछाई जा सकी है, जबकि दोनों प्रस्तावित वाटर स्टोरेज टैंक अधूरे पड़े हैं। प्रोजेक्ट को दिसंबर तक पूरा किया जाना है, लेकिन कार्य की रफ्तार देखकर तय समय सीमा में पूरा होना मुश्किल लग रहा है।
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गंगवा जिला का पहला गांव है जो महाग्राम योजना के तहत चयनित हुआ था। इस योजना का शिलान्यास फरवरी 2024 में कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने किया था। प्रोजेक्ट की कुल लागत 72.74 करोड़ रुपये है। इसके तहत गांव में सीवर लाइन, पेयजल लाइन, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जाना है। इस कार्य को 31 जुलाई 2025 तक पूरा किया जाना था, लेकिन एजेंसी समय पर कार्य नहीं कर पाई और दिसंबर तक की मोहलत मांगी गई थी।
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सिर्फ 45 किलोमीटर लाइन ही बिछाई

इस प्रोजेक्ट के तहत गांव में लगभग 70 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन बिछाई जानी है, जबकि अब तक सिर्फ 45 किलोमीटर लाइन ही बिछाई गई है। मुख्य लाइन का 5 से 6 किलोमीटर हिस्सा अभी अधूरा है। वहीं रामगढ़ बस्ती में सीवर लाइन का महज 10 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो सका है। यहां कुल 10 किलोमीटर लाइन बिछाई जानी है।
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पेयजल लाइन और टैंक अधूरे, टैंक में भरा बारिश का पानी

गांव में पेयजल लाइन का काम भी अधूरा है। योजना के तहत दो वाटर स्टोरेज टैंक बनाए जाने हैं, लेकिन एक भी टैंक पूरी तरह तैयार नहीं हो पाया है। नहर से टैंक और टैंक से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक पाइपलाइन भी अभी नहीं बिछाई गई। वर्तमान में दोनों टैंकों में बारिश का पानी भरा हुआ है, जिसकी निकासी की जा रही है। वहीं 6.5 एमएलडी क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट भवन बनकर तैयार है, लेकिन उसकी फिटिंग का कार्य अभी बाकी है।

पहले बारिश ने रोका काम, अब भूजल स्तर बना बाधा

मानसून के दौरान भारी बारिश के कारण लंबे समय तक कार्य ठप रहा। अब ऊपर आए भूजल स्तर ने सीवर लाइन बिछाने के काम में बाधा डाल दी है। अधिकारियों के अनुसार, लाइन 9 फीट की गहराई में बिछाई जानी है, लेकिन 5 फीट की खुदाई पर ही पानी निकल आता है। ऐसे में पहले बोरवेल से पानी के स्तर को नीचे करना पड़ता है, तभी काम आगे बढ़ पाता है। इसके साथ ही रामगढ़ बस्ती में जमा बारिश के पानी की निकासी का कार्य भी जारी है।

धीमी रफ्तार पर कई बार लग चुकी फटकार

विभाग के वरिष्ठ अधिकारी अब तक इस प्रोजेक्ट का कई बार निरीक्षण कर चुके हैं। हर निरीक्षण में कार्य की सुस्त गति पर अधिकारियों को फटकार लगाई गई है और काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।


इस बार मानसून में अधिक बारिश हुई जिस कारण से पूरे मानसून सीजन में काम बंद रहा। अब भूमिगत जलस्तर काफी ऊपर आ गया है जिससे काम रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। हमारी तरफ से प्रयास किया जा रहा है कि इस कार्य को जल्द से जल्द पूरा करवाया जाए।

- कंचन वर्मा, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग।
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