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आंदोलनकारी व पुलिस के साथ टकराव में एक की मौत, 12 से ज्यादा लोग घायल, तीन पुलिसकर्मी भी शामिल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 09 Jul 2022 12:03 AM IST
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One killed, more than 12 people injured, three policemen involved in clashes with agitators and police
वॉटर कैनन आंदोलनकारियों पर पानी की बौछार करते हुए। - फोटो : Hisar
हिसार/ बरवाला। राजीव गांधी थर्मल पावर प्लांट की तरफ से गांव खेदड़ की गोशाला को दी जाने वाली राख का उठान बंद करने पर शुक्रवार को ग्रामीणों का सब्र का बांध टूट गया। इस दौरान पुलिस के बीच ग्रामीणों का टकराव हो गया। इस टकराव में एक किसान की जान चली गई, जबकि तीन पुलिस कर्मियों सहित 12 लोग घायल हो गए। मृतक की पहचान गांव खेदड़ निवासी 56 वर्षीय धर्मपाल के रूप में हुई है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि धर्मपाल की मौत किस कारण से हुई है। पुलिस ने इस संबंध में करीब 4 युवकों को हिरासत में लिया है।
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जानकारी के अनुसार महापंचायत में निर्णय के बाद शुक्रवार को ग्रामीणों ने रेलवे ट्रैक बाधित करना था। रेलवे ट्रैक पर बैठने से पूर्व संघर्ष कमेटी के सदस्यों के साथ एसडीएम राजेंद्र कुमार, डीएसपी रोहताश सिहाग व डीएसपी कप्तान सिंह ने बातचीत की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। धरनास्थल पर लौटने के बाद एक पंचायत हुई। इस दौरान संघर्ष कमेटी ने निर्णय लिया कि रेलवे ट्रैक को रोका जाए। दोपहर तीन बजे धरनारत लोग धरना स्थल से रेलवे ट्रैक की तरफ चल पड़े, मगर बीच रास्ते में पुलिस ने दो लेयर की सुरक्षा व्यवस्था कर बैरिकेड्स लगा रखे थे। इस दौरान जिला उपायुक्त के साथ 10 मिनट में बातचीत करवाने की बात कही गई, लेकिन करीब आधा घंटा बीत जाने के बाद भी जब उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी वहां नहीं पहुंची तो आंदोलनकारियों के सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने अपने ट्रैक्टरों से बैरिकेड्स को धकेलना शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस ने आंदोलनकारियों पर लाठीचार्ज किया। पानी की बौछारें व आंसू गैस के गोले भी छोड़े। बैरिकेड्स तोड़ते हुए आंदोलनकारी रेलवे ट्रैक की ओर बढ़ने लगे।
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जिला पुलिस कप्तान लोकेंद्र सिंह व जिला उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी मौके पर पहुंचे। उन्होंने संघर्ष कमेटी के पास संदेश भिजवाया कि उनके साथ एक वार्ता की जानी आवश्यक है, लेकिन आंदोलनकारी पुलिस के साथ टकराव होने के बाद इस स्थिति में नहीं थे कि वह तुरंत अधिकारियों के साथ बैठक कर पाए। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इस टकराव के दौरान कितनी कैजुअल्टी हुई है जब तक इसका उन्हें पता नहीं चल जाता तो वह प्रशासन के साथ किसी तरह की कोई बातचीत नहीं करेंगे। देर शाम तक संघर्ष समिति के सदस्यों की गांव की गोशाला में एक बैठक चल रही थी।
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पुलिस कर्मचारियों ने लगाया ट्रैक्टर चढ़ाने का आरोप
उधर, पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों में शामिल एक व्यक्ति ने ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मचारियों पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की, जिसमें तीन पुलिस कर्मचारियों और एक नागरिक को गंभीर चोट आईं। एसपी लोकेंद्र सिंह ने कहा कि शुक्रवार को राजीव गांधी थर्मल पावर प्लांट पर राख उठान को लेकर महापंचायत कर धरना दिया जा रहा था। पुलिस कर्मचारी कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बैरिकेड्स लगाकर ड्यूटी कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों के नेताओं से बातचीत जारी थी और उन्होंने आश्वासन दिया था कि हम उपायुक्त को ज्ञापन देकर चले जाएंगे। पुलिस उपायुक्त का इंतजार कर रही थी। आरोप है कि इसी बीच प्रदर्शनकारियों ने बिना किसी पूर्व सूचना के ट्रैक्टर से बैरिकेड तोड़ दिया। ट्रैक्टर की चपेट में एक नागरिक और तीन पुलिस कर्मी घायल हो गए। पुलिस की तरफ से संयम बरता गया, मगर जब स्थिति बेकाबू होती दिखी तो पुलिस ने वाटर कैनन और आंसू गैस का प्रयोग कर स्थिति को काबू किया।
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