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Hisar News: एसडीएम कोर्ट के आदेश पर वृद्धा को दो एकड़ जमीन पर दिलाया कब्जा
Sat, 04 Jul 2026 01:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sat, 04 Jul 2026 01:47 AM IST
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नारनौंद। बास क्षेत्र के गांव बडाला निवासी 63 वर्षीय विधवा ओमपति को करीब एक माह पुराने मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल के आदेश पर शुक्रवार को दो एकड़ कृषि भूमि का कब्जा दिला दिया गया। यह कार्रवाई राजस्व विभाग और पुलिस की मौजूदगी में की गई। यह आदेश नारनौंद के एसडीएम एवं मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल के चेयरमैन विकास यादव की अदालत द्वारा पारित किया गया था।
ओमपति ने मई 2025 में मेंटेनेंस एंड वेलफेयर ऑफ पैरेंट्स एंड सीनियर सिटीजन एक्ट-2007 के तहत ट्रिब्यूनल में याचिका दायर की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि पति की मृत्यु के बाद उन्होंने बेटे की देखभाल और सेवा के वादे पर अपनी जमीन उसके नाम कर दी थी। बाद में बेटे ने वह जमीन अपनी पत्नी के नाम कर दी और परिवार ने उन्हें घर से निकाल दिया। बेटे की मृत्यु के बाद भी उन्हें न तो आश्रय मिला और न ही भरण-पोषण की व्यवस्था की गई।
मामले की सुनवाई के बाद ट्रिब्यूनल ने 26 मई 2026 को आदेश दिया कि वृद्धा के हितों की रक्षा आवश्यक है। कोर्ट ने गुजारा भत्ते के स्थान पर विवादित भूमि में से दो एकड़ जमीन ओमपति को जीवनभर के भरण-पोषण के लिए देने का निर्देश दिया। साथ ही उन्हें खेती या भूमि को ठेके पर देकर आजीविका चलाने की अनुमति दी गई।
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शुक्रवार को बास के नायब तहसीलदार कृष्ण कुमार, कानूनगो रवींद्र और राजस्व विभाग की टीम ने पुलिस की मौजूदगी में पैमाइश कर भूमि का कब्जा दिलाया। प्रशासन ने आदेश का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया।
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ओमपति ने मई 2025 में मेंटेनेंस एंड वेलफेयर ऑफ पैरेंट्स एंड सीनियर सिटीजन एक्ट-2007 के तहत ट्रिब्यूनल में याचिका दायर की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि पति की मृत्यु के बाद उन्होंने बेटे की देखभाल और सेवा के वादे पर अपनी जमीन उसके नाम कर दी थी। बाद में बेटे ने वह जमीन अपनी पत्नी के नाम कर दी और परिवार ने उन्हें घर से निकाल दिया। बेटे की मृत्यु के बाद भी उन्हें न तो आश्रय मिला और न ही भरण-पोषण की व्यवस्था की गई।
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मामले की सुनवाई के बाद ट्रिब्यूनल ने 26 मई 2026 को आदेश दिया कि वृद्धा के हितों की रक्षा आवश्यक है। कोर्ट ने गुजारा भत्ते के स्थान पर विवादित भूमि में से दो एकड़ जमीन ओमपति को जीवनभर के भरण-पोषण के लिए देने का निर्देश दिया। साथ ही उन्हें खेती या भूमि को ठेके पर देकर आजीविका चलाने की अनुमति दी गई।
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शुक्रवार को बास के नायब तहसीलदार कृष्ण कुमार, कानूनगो रवींद्र और राजस्व विभाग की टीम ने पुलिस की मौजूदगी में पैमाइश कर भूमि का कब्जा दिलाया। प्रशासन ने आदेश का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया।