{"_id":"61ca042204efdc30ce00fa4c","slug":"now-corporation-will-manage-waste-with-ngo-and-nss-volunteers-hisar-news-hsr6205480161","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब एनजीओ और एनएसएस स्वयंसेवकों के साथ मिलकर कचरा प्रबंधन करेगा निगम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब एनजीओ और एनएसएस स्वयंसेवकों के साथ मिलकर कचरा प्रबंधन करेगा निगम
विज्ञापन
हिसार। शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाने के साथ कचरा प्रबंधन के लिए अब नगर निगम प्रशासन एनजीओ व एनएसएस स्वयंसेवकों के साथ मिलकर काम करेगा। सोमवार को निगमायुक्त अशोक गर्ग ने निगम कार्यालय में राजकीय कॉलेज के एनएसएस स्वयंसेवकों व एनजीओ के सदस्यों के साथ बैठक की। इस दौरान इन्होंने शहर को स्वच्छ बनाने के लिए सुझाव भी दिए।
गर्ग ने कहा कि शहर से तीन प्रकार का कचरा निकलता है, जिसमें बायोडिग्रेबल, नॉन बायोडिग्रेबल व मेडिकल वेस्ट शामिल है। बायोडिग्रेबल में मुख्य रूप से घरों से निकलने वाला किचन वेस्ट व अन्य खाद्य पदार्थ आते हैं, जिनसे खाद बनाई जा सकती है। इसके लिए निगम आठ जगह कंपोस्ट प्लांट लगाकर खाद बना रहा है। सही मायने में बायोडिग्रेबल कचरे का निपटान किया जाए तो 50 प्रतिशत कचरा डंपिंग प्वाइंट पर नहीं जाएगा।
इसके अलावा नॉन बायोडिग्रेबल वेस्ट में प्लास्टिक, गत्ता, इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट आता है, जो 40 प्रतिशत है। इसका निपटान किया जा सकता है। यदि सही समय पर बायोडिग्रेबल व नॉन बायोडिग्रेबल का निपटान होता है तो 10 प्रतिशत कचरा ही शेष बचता है। शहर के लोग कचरा प्रबंधन के प्रति जागरूक होंगे तो 90 प्रतिशत कचरे का आसानी से निपटान किया जा सकता है। निगमायुक्त ने कहा कि एनएसएस व एनजीओ के साथ मिलकर निगम प्रशासन शहरवासियों को होम कंपोस्टिंग व कचरा प्रबंधन के प्रति जागरूक करेगा। हमारा प्रयास है कि जनता और कर्मचारी मिलकर शहर को स्वच्छ बनाने में अपना योगदान दें। बैठक में संयुक्त आयुक्त बेलिना, उप निगमायुक्त आयुक्त डॉ. प्रदीप हुड्डा, ब्रांड एंबेसडर डॉ. रमेश भाटी, गवर्नमेंट कॉलेज के एनएसएस हेड अशोक कुमार, प्रयत्न एनजीओ से अनिल कसाना व ग्रीन हिसार फिट हिसार राजेंद्र सिंह, सतेंद्र यदुवंशी व जसबीर कुंडू मौजूद रहे।
विज्ञापन
बैठक में रखे गए सुझाव
बैठक में स्वयंसेवकों व एनजीओ के सदस्यों ने सुझाव रखते हुए कहा कि एक बच्चे को अपने घर के आसपास के तीन घरों की जिम्मेदारी सौंपी जाए। उन तीन घरों में होम सेग्रीगेशन करवाए। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाए। गली-गली का आपस में कंपीटीशन करवाया जाएगा और उन्हें सम्मानित किया जाए। पॉलिथीन की जगह लोगों को कपड़े का थैला इस्तेमाल करने पर जोर देना होगा।
विज्ञापन
गर्ग ने कहा कि शहर से तीन प्रकार का कचरा निकलता है, जिसमें बायोडिग्रेबल, नॉन बायोडिग्रेबल व मेडिकल वेस्ट शामिल है। बायोडिग्रेबल में मुख्य रूप से घरों से निकलने वाला किचन वेस्ट व अन्य खाद्य पदार्थ आते हैं, जिनसे खाद बनाई जा सकती है। इसके लिए निगम आठ जगह कंपोस्ट प्लांट लगाकर खाद बना रहा है। सही मायने में बायोडिग्रेबल कचरे का निपटान किया जाए तो 50 प्रतिशत कचरा डंपिंग प्वाइंट पर नहीं जाएगा।
विज्ञापन
इसके अलावा नॉन बायोडिग्रेबल वेस्ट में प्लास्टिक, गत्ता, इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट आता है, जो 40 प्रतिशत है। इसका निपटान किया जा सकता है। यदि सही समय पर बायोडिग्रेबल व नॉन बायोडिग्रेबल का निपटान होता है तो 10 प्रतिशत कचरा ही शेष बचता है। शहर के लोग कचरा प्रबंधन के प्रति जागरूक होंगे तो 90 प्रतिशत कचरे का आसानी से निपटान किया जा सकता है। निगमायुक्त ने कहा कि एनएसएस व एनजीओ के साथ मिलकर निगम प्रशासन शहरवासियों को होम कंपोस्टिंग व कचरा प्रबंधन के प्रति जागरूक करेगा। हमारा प्रयास है कि जनता और कर्मचारी मिलकर शहर को स्वच्छ बनाने में अपना योगदान दें। बैठक में संयुक्त आयुक्त बेलिना, उप निगमायुक्त आयुक्त डॉ. प्रदीप हुड्डा, ब्रांड एंबेसडर डॉ. रमेश भाटी, गवर्नमेंट कॉलेज के एनएसएस हेड अशोक कुमार, प्रयत्न एनजीओ से अनिल कसाना व ग्रीन हिसार फिट हिसार राजेंद्र सिंह, सतेंद्र यदुवंशी व जसबीर कुंडू मौजूद रहे।
विज्ञापन
बैठक में रखे गए सुझाव
बैठक में स्वयंसेवकों व एनजीओ के सदस्यों ने सुझाव रखते हुए कहा कि एक बच्चे को अपने घर के आसपास के तीन घरों की जिम्मेदारी सौंपी जाए। उन तीन घरों में होम सेग्रीगेशन करवाए। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाए। गली-गली का आपस में कंपीटीशन करवाया जाएगा और उन्हें सम्मानित किया जाए। पॉलिथीन की जगह लोगों को कपड़े का थैला इस्तेमाल करने पर जोर देना होगा।