फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   No action taken against shopkeepers who do not write expiry date on sweets, playing with people's health

Hisar News: मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट न लिखने वालों दुकानदारों कार्रवाई नहीं, लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 01 Nov 2023 12:12 AM IST
विज्ञापन
No action taken against shopkeepers who do not write expiry date on sweets, playing with people's health
हिसार। त्योहारी सीजन में मिठाइयों की ब्रिकी जोरों से हो रही है। शहर के मिष्ठान भंडारों पर विभिन्न प्रकार की मिठाइयां रखी हुई हैं। कोई मिठाई एक दिन के बाद तो कोई दो दिन के बाद खराब होने वाली है। हैरान करने वाली बात ये है कि शहर के कई प्रमुख मिष्ठान भंडारों पर रखी हुई मिठाइयों के सामने न तो बनाने की तिथि और न ही एक्सपाइयरी डेट लिखी हुई है। ऐसे में लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। जबकि तीन साल पहले सरकार की तरफ से आदेश जारी किए गए थे कि मिठाइयों को बनाने के बाद उसकी तारीख और एक्सपाइयरी डेट लिखना अनिवार्य है। सोचने वाली बात ये है कि खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा इस मामले में अभी तक एक भी मिष्ठान भंडार का चालान नहीं किया गया है।
विज्ञापन

दूध में डाला जाता है यूरिया
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार दूध से बनाई गई मिठाइयों में सबसे ज्यादा मिलावट की जाती है। दूध के अंदर यूरिया तक मिलाया जाता है। सिंथेटिक दूध का इस्तेमाल भी मिठाइयां बनाने में किया जा रहा है। नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. ज्ञानेंद्र ने बताया कि मिठाइयों में कलर का इस्तेमाल भी किया जाता है। लगातार मिठाइयां खाने से इसका असर स्वास्थ्य पर पड़ता है। लीवर और किडनी खराब होने की संभावना बनी रहती है।
विज्ञापन

एक दिन में खराब हो जाता है कलाकंद
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार मिठाइयों में कलाकंद, बटर स्कॉच कलाकंद, चॉकलेट कलाकंद एक दिन ही चलती हैं। अगले दिन यह मिठाई खराब हो जाती है। वहीं दूध से बने मिल्क बादाम, रसगुल्ला, रबड़ी, रसमलाई, शाही टोस्ट, मलाई रोल, बंगाली रबड़ी, रस काटा, खीर मोहन दो दिन तक चल सकती है। उसके बाद ये स्वास्थ्य के लिए खतरनाक होती है। आटा लड्डू, बेसन लड्डू, चना लड्डू, चना बर्फी ये मिठाइयां तीस दिन तक चल सकती हैं। काजू कतली, घेवर, ड्राइफ्रूट गुजिया, काजू केसर बर्फी, काजू लड्डू, बेसन बर्फी, काजू रोल व बालूशाही सात दिन तक चल सकते हैं। केसर कोकोनट लड्डू, खोया बादाम, फ्रूट केक, पेड़ा, प्लेन बर्फी, मिल्क बर्फी, सफेद पेड़ा, बूंदी लड्डू, लाल लड्डू व कोकोनट बर्फी चार दिन चल सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

दुकानदारों को हिदायत दी जा रही है
मिष्ठान भंडार संचालकों को हिदायत दी जा रही है तो सरकार ने जो नियम जारी किए है उनकी पालना की जाए। मिठाई बनाने और एक्सपाइयरी डेट लिखी जाए। हिदायत देने के बाद भी ऐसा नहीं किया जाता तो उसका चालान किया जाएगा।
- डॉ. योगेश, खाद्य सुरक्षा निरीक्षक, हिसार
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed