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Hisar News: घर की चौखट छोड़ तहसील कार्यालय की दौड़ लगा रहे नवदंपती
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बालसमंद। नियमों में फेरबदल से नवविवाहित जोड़ों के लिए परेशानी खड़ी हो गई है। पिछले दो माह से पंजीकरण पोर्टल से ग्राम सचिव, बीडीपीओ और सिटी मजिस्ट्रेट के विकल्प नदारद हैं। इससे 90 दिन के भीतर हुए विवाह का कानूनी प्रमाणपत्र पाने के लिए भी नवदंपतियों को घरों की चौखट छोड़कर तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
राजकुमार लोरा, प्रदीप डोबी, सतीश आर्यनगर, राजकुमार सीसवाल ने बताया कि सरकार ने पिछले वर्ष विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया आसान बनाने के उद्देश्य से शादी हरियाणा डॉट गोव डॉट इन पोर्टल पर यह सुविधा शुरू की थी। इसके तहत विवाह के 90 दिन के भीतर ग्राम सचिव, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) और सिटी मजिस्ट्रेट के स्तर पर आवेदन किया जा सकता था। इससे अधिक अवधि होने पर तहसील स्तर पर आवेदन करना पड़ता था। तहसीलों में रजिस्ट्री सहित अन्य कार्यों का दबाव रहता है। विवाह प्रमाणपत्र बनवाने की प्रक्रिया में पांच कार्यदिवस लगने के कारण लोगों को अधिक समय तक इंतजार करना पड़ सकता है। शादी के सीजन में ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को इस सुविधा की कमी अधिक खल रही है।
विवाह प्रमाणपत्र क्यों जरूरी
मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना सहित पात्रता के अनुसार विवाह सहायता प्राप्त करने में।
लड़की का नाम एक फैमिली आईडी से दूसरी फैमिली आईडी में स्थानांतरित करवाने में।
विदेश जाने और अन्य कानूनी अथवा आधिकारिक कार्यों में।
पहले मेरे पास आवेदन आता था लेकिन अब सिर्फ तहसीलदार का ही विकल्प आ रहा है। इस कारण यह प्रक्रिया सिर्फ तहसीलदार के स्तर से ही पूरी कराई जा रही है। - कुलवीर नैन, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ)।
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राजकुमार लोरा, प्रदीप डोबी, सतीश आर्यनगर, राजकुमार सीसवाल ने बताया कि सरकार ने पिछले वर्ष विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया आसान बनाने के उद्देश्य से शादी हरियाणा डॉट गोव डॉट इन पोर्टल पर यह सुविधा शुरू की थी। इसके तहत विवाह के 90 दिन के भीतर ग्राम सचिव, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) और सिटी मजिस्ट्रेट के स्तर पर आवेदन किया जा सकता था। इससे अधिक अवधि होने पर तहसील स्तर पर आवेदन करना पड़ता था। तहसीलों में रजिस्ट्री सहित अन्य कार्यों का दबाव रहता है। विवाह प्रमाणपत्र बनवाने की प्रक्रिया में पांच कार्यदिवस लगने के कारण लोगों को अधिक समय तक इंतजार करना पड़ सकता है। शादी के सीजन में ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को इस सुविधा की कमी अधिक खल रही है।
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विवाह प्रमाणपत्र क्यों जरूरी
मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना सहित पात्रता के अनुसार विवाह सहायता प्राप्त करने में।
लड़की का नाम एक फैमिली आईडी से दूसरी फैमिली आईडी में स्थानांतरित करवाने में।
विदेश जाने और अन्य कानूनी अथवा आधिकारिक कार्यों में।
पहले मेरे पास आवेदन आता था लेकिन अब सिर्फ तहसीलदार का ही विकल्प आ रहा है। इस कारण यह प्रक्रिया सिर्फ तहसीलदार के स्तर से ही पूरी कराई जा रही है। - कुलवीर नैन, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ)।
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