फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   National health mission employees, protest, Hisar

750 कच्चे कर्मी दो दिन की हड़ताल पर, स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित

Wed, 10 Aug 2016 12:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार Updated Wed, 10 Aug 2016 12:36 AM IST
विज्ञापन
National health mission employees, protest, Hisar
नेशनल हेल्थ मिशन - फोटो : bureau

नेशनल हेल्थ मिशन के तहत प्रदेश सहित जिले में 750 कच्चे कर्मचारी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर मंगलवार को हड़ताल पर रहे। इससे सरकारी अस्पतालों, सीएचसी और पीएचसी पर स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। हड़ताल के कारण मरीजों को अस्पताल से एंबुलेंस सेवा हासिल करने में काफी परेशानी उठानी पड़ी।

विज्ञापन


एनएचएम इंप्लाइज एसोसिएशन के बैनर तले कर्मियों ने मंगलवार को जिला स्तर पर सीएमओ कार्यालय पर धरना देकर प्रदर्शन किया। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सुनील शर्मा ने कहा कि यदि मंगलवार शाम तक सरकार की तरफ से कोई सकारात्मकता नहीं दिखाई जाती तो वे बुधवार को धरना जारी रखेंगे। शर्मा ने बताया कि एनएचएम के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों के सहयोग से प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग हर घर तक पहुंचा है और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सुधार हो पाया है।
विज्ञापन


ऐसे में प्रदेश सरकार को एनएचएम के तहत कच्चे कर्मचारियों को स्थायी किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि जब तक सरकार की तरफ से उन्हें पक्का करने की प्रक्रिया चलती है, तब तक एनएचएम के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों को पक्के कर्मचारियों के समान वेतनमान व अन्य प्रकार के भत्ते दिए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार व अधिकारियों की तरफ से एनएचएम के अंतर्गत कर्मियों को नियुक्त करने के लिए आउटसोर्सिंग प्रणाली को अपनाया जा रहा है, जिसे तुरंत प्रभाव से समाप्त किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रदेश स्तर पर धरने की चेतावनी
उन्होंने कहा कि एनएचएम के अंतर्गत किसी पद पर कार्यरत कर्मचारी की सेवाओं को उनके स्थायी होने के फैसले तक न हटाया जाए। यदि सरकार की तरफ से उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वे प्रदेश स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उस दौरान आम नागरिक को किसी तरह की स्वास्थ्य सेवा नहीं मिलने की जिम्मेवारी सरकार की होगी।

मुश्किल से मिली एंबुलेंस
शर्मा ने बताया कि एनएचएम के अंतर्गत एंबुलेंस की सेवाएं बेहतर करने के उद्देश्य से जिले में एंबुलेंस पर 54 चालक और 49 ईएमटी नियुक्त हैं। इन अस्थायी कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के बाद मंगलवार को विभाग को आम नागरिक के लिए एंबुलेंस की समय पर सुविधा देने में काफी परेशानी उठानी पड़ी।

मरीजों को अपने गंतव्य तक जाने के लिए अस्पताल में काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। विशेषकर उन महिलाओं एवं उनके परिजनों को परेशानी उठानी पड़ी, जिन्होंने शिशु को जन्म दिया और उसके बाद नियमों के अनुसार उनकी अस्पताल से छुट्टी तो कर दी गई, मगर घर पहुंचने के लिए सरकारी एंबुलेंस के चालक के आने तक घंटों इंतजार करना पड़ा।

एनएचएम के तहत इतने कर्मी
एनएचएम के अंतर्गत प्रदेश में लगभग 12 हजार कर्मचारी अस्थायी रूप से कार्यरत हैं। इनमें जिले में 750 से अधिक कर्मचारी स्वास्थ्य विभाग में विभिन्न तरह से सेवाएं दे रहे हैं। इनमें आयुष विभाग में 14 डॉक्टर व अन्य स्टाफ तथा उससे अलग जिला में नर्स, एएनएम, डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम मैनेजर, डिस्ट्रिक्ट आशा को-ऑर्डिनेटर, ब्लॉक आशा को-ऑर्डिनेटर, अकाउंट असिस्टेंट, एड्स काउंसलर, स्कूल हेल्थ के अंतर्गत कर्मचारी, फार्मासिस्ट और एंबुलेंस चालक शामिल हैं।


मेडिसन कोल्ड स्टोर बदलने की संभावना
हिसार। सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने एवं दवाओं के बेहतर संरक्षण के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने दवाओं के कोल्ड स्टोर के स्थान में परिवर्तन करने का फैसला लिया है। इसके चलते मंगलवार को सिविल सर्जन डॉ. जेएस ग्रेवाल सहित चिकित्सा अधिकारियों की टीम ने अस्पताल परिसर में डेड हाउस की तरफ बड़ी दुकानों का निरीक्षण किया। उम्मीद है कि जल्द स्थान को परिवर्तित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed