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स्मार्ट सिटी की दौड़ में फिर पिछड़ न जाए हिसार
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार
Updated Mon, 29 Aug 2016 12:36 AM IST
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नगर निगम
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शहर को स्मार्ट सिटी बनाने का सपना निगम अधिकारियों की सुस्त कार्यशैली से टूट सकता है। नगर निगम के अधिकारियों की उदासीनता स्वच्छ भारत मिशन में अड़ंगा लगा रही है। अगर ऐसा ही रहा तो जनवरी 2017 में होने वाले स्मार्ट सिटी सर्वे में हिसार कहीं फिर बाहर न हो जाए।
शहर की स्लम बस्ती जहां शौचालयों की खासी जरूरत है वहां निगम अधिकारी शौचालय ही नहीं बनवा रहे। अंबेडकर बस्ती से निगम के पास करीब छह महीने पहले 190 आवेदन फार्म आए थे, जिन्होंने अपने घरों में शौचालय बनाने के लिए खुद आवेदन किया। मगर इनके शौचालय बनवाने की दिशा में कोई ठोस कदम अबतक नहीं उठाए गए।
वेंकैया नायडू ने भेजा था पत्र
शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने हाल ही में मेयर शकुंतला राजलीवाला के पास पत्र भेजा था, जिसमें लिखा गया था कि 500 सिटी में हिसार को शामिल किया गया है। इन शहरों में स्मार्ट सिटी बनाने के लिए सर्वे होगा। पहले की तरह शहर में जैसी सुविधाएं होंगी उनके हिसाब से नंबरिंग की जाएगी, जिनके अधिक नंबर होंगे उन्हें स्मार्ट सिटी घोषित किया जाएगा, जिन्हें केंद्र सरकार बजट देगी।
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पार्षद ने लगाए आरोप
पार्षद कमला बंसल ने आरोप लगाया है कि अधिकारी नहीं चाहते की स्मार्ट सिटी की श्रेणी में हमारा शहर शामिल हो। उन्होंने कहा कि अंबेडकर बस्ती में शौचालय नहीं है। वहां खुद लोग शौचालय की मांग कर रहे हैं। लोगों के 190 फार्म निगम में पिछले छह महीने से पड़े हैं, मगर अधिकारी एक दूसरे पर पल्ला झाड़ रहे हैं और उनके शौचालय तक नहीं बनवाए जा रहे।
स्मार्ट सिटी के लिए रखे 600 नंबर जिनके अधिक वे ही शहर होंगे इस सूची में शामिल
एरिया हमेेशा स्वच्छ कभी कभी एकाध बार कभी नहीं
114 77 38 0
डस्टबिन 114 77 38 0
घर से कचरा उठाना हर रोज उठाते हैं 114
0 से 2 दिन 86
3 से 4 दिन 58
सप्ताह में एक बार 29
नहीं उठाते तो 0
सार्वजनिक शौचालय
500 मीटर के एरिया में उपलब्धता पर 64
1 किलोमीटर में उपलब्ध है तो 42
2 किलोमीटर में है तो 20
इससे ज्यादा दूरी पर है तो फिर 0
सार्वजनिक शौचालय में नल और हैंडवॉश, डोर, लाइट, फ्लश
हमेशा कभी कभी कभी कभार कभी नहीं
64 42 20 0
घरों में शौचालय
हां नहीं निगम की और से निर्माणाधीन
132 0 66
हमको फार्म भरकर टेक्निकल ब्रांच के पास भेजे हुए कई महीने हो गए हैं। टेक्निकल ब्रांच कंस्ट्रक्शन के लिए सर्वे करेगी। मगर अभी तक क्यों नहीं हो पाया इसका कारण वो ही बता पाएंगे।
- राजेश घणघस, सैनिटेशन इंस्पेक्टर नगर निगम
इस बस्ती में कुछ टेक्निकल अड़चन है। सरकार ने अवैैध कॉलोनी व कब्जे वाली जगह को लेकर कुछ निर्देश जारी किए थे। पार्षद कह रही हैं कि कोई लेटर आया है मगर मुझे नहीं मिला, जिसके कारण सर्वे रुका हुआ है।
- अनिल, जूनियर इंजीनियर, नगर निगम
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शहर की स्लम बस्ती जहां शौचालयों की खासी जरूरत है वहां निगम अधिकारी शौचालय ही नहीं बनवा रहे। अंबेडकर बस्ती से निगम के पास करीब छह महीने पहले 190 आवेदन फार्म आए थे, जिन्होंने अपने घरों में शौचालय बनाने के लिए खुद आवेदन किया। मगर इनके शौचालय बनवाने की दिशा में कोई ठोस कदम अबतक नहीं उठाए गए।
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वेंकैया नायडू ने भेजा था पत्र
शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने हाल ही में मेयर शकुंतला राजलीवाला के पास पत्र भेजा था, जिसमें लिखा गया था कि 500 सिटी में हिसार को शामिल किया गया है। इन शहरों में स्मार्ट सिटी बनाने के लिए सर्वे होगा। पहले की तरह शहर में जैसी सुविधाएं होंगी उनके हिसाब से नंबरिंग की जाएगी, जिनके अधिक नंबर होंगे उन्हें स्मार्ट सिटी घोषित किया जाएगा, जिन्हें केंद्र सरकार बजट देगी।
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पार्षद ने लगाए आरोप
पार्षद कमला बंसल ने आरोप लगाया है कि अधिकारी नहीं चाहते की स्मार्ट सिटी की श्रेणी में हमारा शहर शामिल हो। उन्होंने कहा कि अंबेडकर बस्ती में शौचालय नहीं है। वहां खुद लोग शौचालय की मांग कर रहे हैं। लोगों के 190 फार्म निगम में पिछले छह महीने से पड़े हैं, मगर अधिकारी एक दूसरे पर पल्ला झाड़ रहे हैं और उनके शौचालय तक नहीं बनवाए जा रहे।
स्मार्ट सिटी के लिए रखे 600 नंबर जिनके अधिक वे ही शहर होंगे इस सूची में शामिल
एरिया हमेेशा स्वच्छ कभी कभी एकाध बार कभी नहीं
114 77 38 0
डस्टबिन 114 77 38 0
घर से कचरा उठाना हर रोज उठाते हैं 114
0 से 2 दिन 86
3 से 4 दिन 58
सप्ताह में एक बार 29
नहीं उठाते तो 0
सार्वजनिक शौचालय
500 मीटर के एरिया में उपलब्धता पर 64
1 किलोमीटर में उपलब्ध है तो 42
2 किलोमीटर में है तो 20
इससे ज्यादा दूरी पर है तो फिर 0
सार्वजनिक शौचालय में नल और हैंडवॉश, डोर, लाइट, फ्लश
हमेशा कभी कभी कभी कभार कभी नहीं
64 42 20 0
घरों में शौचालय
हां नहीं निगम की और से निर्माणाधीन
132 0 66
हमको फार्म भरकर टेक्निकल ब्रांच के पास भेजे हुए कई महीने हो गए हैं। टेक्निकल ब्रांच कंस्ट्रक्शन के लिए सर्वे करेगी। मगर अभी तक क्यों नहीं हो पाया इसका कारण वो ही बता पाएंगे।
- राजेश घणघस, सैनिटेशन इंस्पेक्टर नगर निगम
इस बस्ती में कुछ टेक्निकल अड़चन है। सरकार ने अवैैध कॉलोनी व कब्जे वाली जगह को लेकर कुछ निर्देश जारी किए थे। पार्षद कह रही हैं कि कोई लेटर आया है मगर मुझे नहीं मिला, जिसके कारण सर्वे रुका हुआ है।
- अनिल, जूनियर इंजीनियर, नगर निगम