{"_id":"5e3c60ca8ebc3ee61a2ae8ed","slug":"nagar-nigam-hisar-news-rtk5409857149","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रॉपर्टी टैक्स की फर्जी रसीदों के मामले में मेयर को नहीं मिली जांच रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रॉपर्टी टैक्स की फर्जी रसीदों के मामले में मेयर को नहीं मिली जांच रिपोर्ट
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नगर निगम में प्रॉपर्टी टैक्स की फर्जी रसीदों से जुड़े मामले की अधिकारियों ने वीरवार को भी मेयर गौतम सरदाना को रिपोर्ट नहीं सौंपी। मेयर ने बुधवार को ही अधिकारियों की बैठक लेकर एक दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे। हालांकि, खुद मेयर भी शहर से बाहर होने के कारण कार्यालय नहीं पहुंच सके।
मेयर की ओर से फर्जी रसीदों के साथ दो अन्य पुराने मामलों की भी जांच रिपोर्ट मांगी गई थी। मगर एक भी मामले की जांच पूरी नहीं हो सकी है। अब मेयर का दावा है कि शुक्रवार को जरूर रिपोर्ट ली जाएगी।
ये हैं तीनों मामले
केस नंबर एक
पहला ताजा मामला प्रॉपर्टी टैक्स की तीन फर्जी रसीदों का है। कैंप चौक निवासी मनोज कुमार, ठंडी सड़क निवासी जगदीश व सेक्टर 16-17 निवासी इंद्रसिंह बूरा को टैक्स की फर्जी रसीदें मिली हैं। मनोज से 20 हजार 500 रुपये, जगदीश से 9900 रुपये, जबकि इंद्रसिंह बूरा से 13 हजार 876 रुपये भरवाए गए हैं। मगर अब उनके अकाउंट में यह राशि जमा की हुई नहीं दर्शा रही है।
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केस नंबर दो
दूसरा मामला प्रॉपर्टी टैक्स की पांच हजार बैलेंस सीट को जीरो करने का है। इस मामले में पहले तीन अधिकारियों की कमेटी ने जांच की। उसके बाद दो पार्षदों की कमेटी बनाई गई थी। मगर जांच संतोषजनक नहीं हो सकी। इसलिए 16 दिसंबर को हुई हाउस की बैठक में इस मामले की विजिलेंस जांच के लिए लिखने का फैसला लिया गया था। मगर आरोप है कि आज तक विजिलेंस को पत्र नहीं भेजा गया है।
केस नंबर तीन
तीसरा मामला कुछ दिन पहले सक्षम युवाओं की हाजिरी लगाने के नाम पर तीन हजार रुपये लेने का है। एक युवती ने उसकी हाजिरी लगाने के नाम पर तीन हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया था। इस मामले में स्वच्छता शाखा के अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठे थे। मेयर ने डीएमसी को जांच करने के लिए कहा था। मगर मामले को करीब एक महीना बीतने को है, फिर भी जांच पूरी नहीं हो सकी है।
मैं वीरवार को शहर से बाहर था। मगर मेरे कार्यालय में इन तीनों में से किसी भी मामले की जांच रिपोर्ट नहीं आई है। शुक्रवार को तीनों मामलों की रिपोर्ट लेंगे। अगर कोई नतीजा नहीं निकला तो मंत्री अनिल विज को शिकायत भेजूंगा।
- गौतम सरदाना, मेयर, नगर निगम
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मेयर की ओर से फर्जी रसीदों के साथ दो अन्य पुराने मामलों की भी जांच रिपोर्ट मांगी गई थी। मगर एक भी मामले की जांच पूरी नहीं हो सकी है। अब मेयर का दावा है कि शुक्रवार को जरूर रिपोर्ट ली जाएगी।
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ये हैं तीनों मामले
केस नंबर एक
पहला ताजा मामला प्रॉपर्टी टैक्स की तीन फर्जी रसीदों का है। कैंप चौक निवासी मनोज कुमार, ठंडी सड़क निवासी जगदीश व सेक्टर 16-17 निवासी इंद्रसिंह बूरा को टैक्स की फर्जी रसीदें मिली हैं। मनोज से 20 हजार 500 रुपये, जगदीश से 9900 रुपये, जबकि इंद्रसिंह बूरा से 13 हजार 876 रुपये भरवाए गए हैं। मगर अब उनके अकाउंट में यह राशि जमा की हुई नहीं दर्शा रही है।
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केस नंबर दो
दूसरा मामला प्रॉपर्टी टैक्स की पांच हजार बैलेंस सीट को जीरो करने का है। इस मामले में पहले तीन अधिकारियों की कमेटी ने जांच की। उसके बाद दो पार्षदों की कमेटी बनाई गई थी। मगर जांच संतोषजनक नहीं हो सकी। इसलिए 16 दिसंबर को हुई हाउस की बैठक में इस मामले की विजिलेंस जांच के लिए लिखने का फैसला लिया गया था। मगर आरोप है कि आज तक विजिलेंस को पत्र नहीं भेजा गया है।
केस नंबर तीन
तीसरा मामला कुछ दिन पहले सक्षम युवाओं की हाजिरी लगाने के नाम पर तीन हजार रुपये लेने का है। एक युवती ने उसकी हाजिरी लगाने के नाम पर तीन हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया था। इस मामले में स्वच्छता शाखा के अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठे थे। मेयर ने डीएमसी को जांच करने के लिए कहा था। मगर मामले को करीब एक महीना बीतने को है, फिर भी जांच पूरी नहीं हो सकी है।
मैं वीरवार को शहर से बाहर था। मगर मेरे कार्यालय में इन तीनों में से किसी भी मामले की जांच रिपोर्ट नहीं आई है। शुक्रवार को तीनों मामलों की रिपोर्ट लेंगे। अगर कोई नतीजा नहीं निकला तो मंत्री अनिल विज को शिकायत भेजूंगा।
- गौतम सरदाना, मेयर, नगर निगम