निगम ने रातों रात प्रिंट करवाए 35 करोड़ के प्रॉपर्टी टैक्स बिल
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पुराने 1 हजार व 500 रुपये के नोट बंद होने की सूचना के बाद सरकारी कार्यालयों में 24 नवंबर तक रुपये स्वीकार करने की अनुमति पर निगम ने रातों रात 70 हजार से ज्यादा प्रॉपर्टी बिल प्रिंट (छाप) करा दिए। करीब 35 करोड़ रुपये के ये बिल युद्ध स्तर पर बांटने का काम भी शुरू कर दिया है। अगले दो दिनों में पूरे शहर के करीब 1 लाख 35 हजार प्रॉपर्टियों के टैक्स बिल प्रिंट होकर तैयार कर दिए जाएंगे। निगम ने शहर में बिल बांटने के लिए 25 कर्मचारियों की ड्यूटियां भी लगा दी है। मंगलवार से ही कर्मचारी गली मोहल्लों में जाकर प्रॉपर्टी टैक्स बिल कम नोटिस पहुंचाने का काम कर रहे हैं।
खजाना भरने की जुगत में निगम
नगर निगम का पिछले साल करीब 70 करोड़ रुपये का एरियर व करंट बिल बकाया था। पिछले वर्ष निगम ने शहर से करीब 12 करोड़ रुपये से ज्यादा का टैक्स वसूल किया था। निगम के रिकॉर्ड अनुसार 58 करोड़ से ज्यादा पिछले साल का एरियर बकाया रह गया था। इस साल का टैक्स भी बकाया है। निगम की प्लानिंग है कि 24 नवंबर तक पुरानी करेंसी एक हजार व 500 के नोट स्वीकार किए जाने हैं। इसके साथ निगम की आय बढ़ाने का अथवा टैक्स की रिकवरी करने का सुनहरा मौका है।
निगम ने खुद बनाए बिल
नगर निगम ने पहली बार खुद के दम पर प्रॉपर्टी टैक्स बिल बनाने का काम किया है। न इस बार किसी एजेंसी को बिल बनाने व प्रिंट करने का काम सौंपा न ही बांटने का। निगम अधिकारी इसका श्रेय अधीक्षक कैलाश चंद्र को दे रहे हैं। उन्होंने रातों रात काम करवाकर तीन दिनों में बिल प्रिंट करवाने का काम किया। अधीक्षक के नेतृत्व में काम करने वाली एक टीम रात को भी निगम में ही रही। पिछली बार निगम ने प्राइवेट एजेंसी से यह काम करवाया था जिसका खर्च करीब 50 लाख रुपये से ज्यादा आया था।
दिसंबर तक का समय
प्रॉपर्टी टैक्स में निर्देश लिखा गया है कि बिल मिलने के एक महीने तक या 31 दिसंबर तक कोई ब्याज नहीं लगेगा। इसके बाद टैक्स जमा करवाने वालों को 18 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर के रुप में अतिरिक्त शुल्क जमा करवाना होगा।
लिया जा रहा सहयोग
तेजी से शहर में बिल बांटने को लेकर निगम सफाई दारोगाओं व पार्षदों का सहयोग ले रहे हैं। निगम ने सभी पार्षदों को फोन कर सूचना भी दे दी है कि वे उनके एरिया में प्रॉपर्टी बिल बांटने आए कर्मचारियों का सहयोग करें।
ऑनलाइन भी निकलवा सकते हैं बिल
प्रॉपर्टी मालिक निगम की वेबसाइट एमसी हिसार डॉट जीओवी डॉट इन पर जाकर ऑनलाइन अपना प्रॉपर्टी टैक्स बिल निकाल सकते हैं। नगर निगम ने नए बिल प्रॉपर्टी आइडी के हिसाब से वेबसाइट पर अपलोड कर दिए हैं। ऑनलाइन बिल निकालने के लिए यूनिक आर्डडी नंबर, ऑनर का नाम व मोबाइल नंबर भरना होगा।
70 हजार से ज्यादा बिल प्रिंट हो चुके हैं। मंगलवार से ही टैक्स बिल बांटने का काम तेजी से शुरू हो गया है। 24 नवंबर तक यहां एक हजार व पांच सौ के पुराने नोट स्वीकार किए जाएंगे।
- अतर सिंह खनगवाल, ईओ नगर निगम