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नैक टीम ने पूछा : ई-लर्निंग, ऑफलाइन और सेल्फ स्टडी के क्या संसाधन हैं, शिक्षक बोले-पढ़ाई को आसान बनाने के लिए पाठ्य सामग्री की पीडीएफ और वीडियो साइट पर डाली
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हिसार। गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जीजेयू) के बायो नैनो विभाग के सत्यापन के साथ ही तीन दिवसीय नैक मूल्यांकन का कार्य सोमवार से आरंभ हो गया। प्रो. विनय पाठक की अगुवाई वाली छह सदस्यीय टीम दो ग्रुपों में मूल्यांकन को पूरा करेगी। पहले दिन टीम को कुलपति ने विश्वविद्यालय के इतिहास, भूगोल व उपलब्ध संसाधनों से अवगत कराया। नैक की टीम ने शिक्षकों से विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए ई-लर्निंग और ऑफलाइन कक्षाओं के अलावा सेल्फ स्टडी के साधनों के बारे में पूछा।
सोमवार सुबह 10 बजे कैंपस पहुंची टीम को विश्वविद्यालय प्रशासन के अलावा कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने स्वागत किया। टीम में शामिल चेयरमैन प्रो. विनय पाठक, मेंबर कोओर्डिनेटर प्रो. विलास खराट, मेंबर प्रो. विवेक रंजन सिन्हा, प्रो. सुरेश सवानी, प्रो. सिलाजीत गुहा व प्रो. अंजलि श्रीवास्तव नैक की टीम विश्वविद्यालय की शैक्षणिक सुविधाओं व संसाधनों के बारे में मूल्यांकन करेगी।
नैक की टीम को क्षेत्रफल, प्लेसमेंट, रिसर्च, नए नैक की टीम ने शिक्षकों से विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए ई लर्निंग और ऑफलाइन कक्षाओं के अलावा सेल्फ स्टडी के साधनों के बारे में पूछा। शिक्षकों ने बताया कि अधिकतर विषयों के पाठय सामग्री की पीडीएफ बनाकर साइट पर डाली हुई है, उसके वीडियो भी हैं। इससे विद्यार्थी आसानी से पढ़ सकते हैं। इसके बाद नैक की टीम ने विश्वविद्यालय के बायो नैनो विभाग से दौरा शुरू किया। विभाग का राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय संस्थान एवं उद्योगों के साथ शिक्षा एवं अनुसंधान के लिए समझौता है। नैक टीम ने एचएसबी, कंप्यूटर साईंस व लैब सहित अन्य विभागों का दौरा किया। मंगलवार व बुधवार को भी मूल्यांकन कार्य होगा।
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नए कोर्स की जानकारी जुटाई
बायो एंड नैनो टेक्नोलाजी विभाग ने नैक की टीम के समक्ष विभाग की रिसर्च, प्लेसमेंट और उपलब्धियों के बारे में डिजिटल बोर्ड से प्रस्तुति दी। विभाग के विभागाध्यक्ष ने नैक की टीम को प्रेजेंटेशन देते हुए विभाग और उसकी कार्यप्रणाली के बारे में बताया। विभाग के पास कई स्रोतों से वित्तीय सहायता उपलब्ध होती है और विभिन्न कोर्सेज के लिए सभी आधुनिक संसाधन उपलब्ध हैं। करीब 20 करोड़ के अति आधुनिक उपकरण हैं। सभी कोर्स का पाठ्यक्रम हर 2 साल में रिवाइज होता है। विभाग ने कोविड न केवल उपकरण उपलब्ध करवाए, जबकि 35 विद्यार्थियों ने कोविड टेस्टिंग लैब में काम भी किया था। विश्व विद्यालय में कंप्यूटर साईंस एंड इंजीनियरिंग में दो साल पहले एआइ (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी) व एमआई (मशीन लर्निंग) के दो नए कोर्स शुरू हुए थे। इन कोर्सों में विद्यार्थियों का भी काफी रुझान है। टीम ने इसकी सराहना की है।
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सोमवार सुबह 10 बजे कैंपस पहुंची टीम को विश्वविद्यालय प्रशासन के अलावा कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने स्वागत किया। टीम में शामिल चेयरमैन प्रो. विनय पाठक, मेंबर कोओर्डिनेटर प्रो. विलास खराट, मेंबर प्रो. विवेक रंजन सिन्हा, प्रो. सुरेश सवानी, प्रो. सिलाजीत गुहा व प्रो. अंजलि श्रीवास्तव नैक की टीम विश्वविद्यालय की शैक्षणिक सुविधाओं व संसाधनों के बारे में मूल्यांकन करेगी।
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नैक की टीम को क्षेत्रफल, प्लेसमेंट, रिसर्च, नए नैक की टीम ने शिक्षकों से विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए ई लर्निंग और ऑफलाइन कक्षाओं के अलावा सेल्फ स्टडी के साधनों के बारे में पूछा। शिक्षकों ने बताया कि अधिकतर विषयों के पाठय सामग्री की पीडीएफ बनाकर साइट पर डाली हुई है, उसके वीडियो भी हैं। इससे विद्यार्थी आसानी से पढ़ सकते हैं। इसके बाद नैक की टीम ने विश्वविद्यालय के बायो नैनो विभाग से दौरा शुरू किया। विभाग का राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय संस्थान एवं उद्योगों के साथ शिक्षा एवं अनुसंधान के लिए समझौता है। नैक टीम ने एचएसबी, कंप्यूटर साईंस व लैब सहित अन्य विभागों का दौरा किया। मंगलवार व बुधवार को भी मूल्यांकन कार्य होगा।
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बायो एंड नैनो टेक्नोलाजी विभाग ने नैक की टीम के समक्ष विभाग की रिसर्च, प्लेसमेंट और उपलब्धियों के बारे में डिजिटल बोर्ड से प्रस्तुति दी। विभाग के विभागाध्यक्ष ने नैक की टीम को प्रेजेंटेशन देते हुए विभाग और उसकी कार्यप्रणाली के बारे में बताया। विभाग के पास कई स्रोतों से वित्तीय सहायता उपलब्ध होती है और विभिन्न कोर्सेज के लिए सभी आधुनिक संसाधन उपलब्ध हैं। करीब 20 करोड़ के अति आधुनिक उपकरण हैं। सभी कोर्स का पाठ्यक्रम हर 2 साल में रिवाइज होता है। विभाग ने कोविड न केवल उपकरण उपलब्ध करवाए, जबकि 35 विद्यार्थियों ने कोविड टेस्टिंग लैब में काम भी किया था। विश्व विद्यालय में कंप्यूटर साईंस एंड इंजीनियरिंग में दो साल पहले एआइ (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी) व एमआई (मशीन लर्निंग) के दो नए कोर्स शुरू हुए थे। इन कोर्सों में विद्यार्थियों का भी काफी रुझान है। टीम ने इसकी सराहना की है।