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Hisar News: करोड़ो रुपये की धोखाधड़ी के मामले में पूर्व प्रधान एक दिन के रिमांड पर भेजा
Fri, 03 Feb 2023 11:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Fri, 03 Feb 2023 11:29 PM IST
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हांसी। करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी मामले में द आदर्श सहकारी एनएटीसी समिति लिमिटेड के पूर्व प्रधान व पटवारी सुंदर लाल को अदालत ने पूछताछ के लिए एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। रिमांड के दौरान पुलिस मामले की तह तक जाने का प्रयास करेगी।
सुंदर लाल को पुलिस ने वीरवार शाम को गिरफ्तार किया था। आरोपी सुंदर लाल व 12 अन्य के खिलाफ पुलिस ने लाल सड़क के अशोक कुमार की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। अशोक कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि समिति संचालक भरत सैनी के पास अपनी जमा पूंजी अपने व रिश्तेदारों के नाम से द आदर्श सहकारी एनएटीसी समिति में जमा करवाई थी। भरत सैनी व राजेश चोपड़ा की भागीदारी थी। बाद में चोपड़ा ने अपनी समिति द सेंट्रल सहकारी एनएटीसी समिति लिमिटेड का गठन कर लिया। उनकी पत्नी को बहला-फुसला कर समिति में एफडीआर कर दी। 2017 से समिति में पैसा डाल रहे थे।
चोपड़ा ने उनकी जमापूंजी अपनी समिति में जमा कर ली। दो एफडीआर दिसंबर 2019 में पूरी हो चुकी थी। वह रकम लेने गया तो नहीं दी गई। उनके द्वारा इसकी शिकायत एआरसीएस व डीआरसीएस को की गई। एआरसीएस ने समिति संचालक का मकान अटैच कर दिया। पूर्व खजांची दीपक कुमार की सैलरी पर रोक लगा दी गई। जांच डीआरसीएस हिसार को दे दी गई। एफडीआर की असल कॉपी लेकर उन्हें चेक दिए। खाते में पैसे न होने से चैक पास नहीं हो सके। पुलिस ने शिकायत के आधार पर सुंदर लाल सहित समेत 13 लोगों पर धोखाधड़ी व अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
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सुंदर लाल को पुलिस ने वीरवार शाम को गिरफ्तार किया था। आरोपी सुंदर लाल व 12 अन्य के खिलाफ पुलिस ने लाल सड़क के अशोक कुमार की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। अशोक कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि समिति संचालक भरत सैनी के पास अपनी जमा पूंजी अपने व रिश्तेदारों के नाम से द आदर्श सहकारी एनएटीसी समिति में जमा करवाई थी। भरत सैनी व राजेश चोपड़ा की भागीदारी थी। बाद में चोपड़ा ने अपनी समिति द सेंट्रल सहकारी एनएटीसी समिति लिमिटेड का गठन कर लिया। उनकी पत्नी को बहला-फुसला कर समिति में एफडीआर कर दी। 2017 से समिति में पैसा डाल रहे थे।
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चोपड़ा ने उनकी जमापूंजी अपनी समिति में जमा कर ली। दो एफडीआर दिसंबर 2019 में पूरी हो चुकी थी। वह रकम लेने गया तो नहीं दी गई। उनके द्वारा इसकी शिकायत एआरसीएस व डीआरसीएस को की गई। एआरसीएस ने समिति संचालक का मकान अटैच कर दिया। पूर्व खजांची दीपक कुमार की सैलरी पर रोक लगा दी गई। जांच डीआरसीएस हिसार को दे दी गई। एफडीआर की असल कॉपी लेकर उन्हें चेक दिए। खाते में पैसे न होने से चैक पास नहीं हो सके। पुलिस ने शिकायत के आधार पर सुंदर लाल सहित समेत 13 लोगों पर धोखाधड़ी व अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
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