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Hisar News: फर्जी असेसमेंट जारी करने के मामले में आरोपी क्लर्क ने दर्ज कराए अपने बयान
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माई सिटी रिपोर्टर
हिसार। फर्जी असेसमेंट जारी करने के मामले में आरोपी क्लर्क धर्मेंद्र ने शुक्रवार को उपनिगम आयुक्त विरेंद्र सहारण के समक्ष अपने बयान दर्ज कराए। अब उपनिगम आयुक्त मामले की जांच कर रिपोर्ट निगमायुक्त को सौपेंगे, जिसके बाद क्लर्क के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि 24 जनवरी को एक व्यक्ति मेयर गौतम सरदाना के पास आया। उसने मेयर को बताया कि निगम प्रशासन उसे असेसमेंट देने से मना कर रहा है। निगम अधिकारी कह रहे हैं कि अब निगम ने असेसमेंट जारी करनी बंद कर दी है, जबकि 20 जनवरी को ही निगम ने एक व्यक्ति को असेसमेंट बनाकर दी है। उक्त व्यक्ति ने मेयर को असेसमेंट की कॉपी भी दिखाई। इस पर मेयर ने डीएमसी व सचिव को बुलाकर उन्हें यह असेसमेंट दिखाई। इसे देखकर अधिकारी बोले कि यह फर्जी है। मीडिया में इस फर्जीवाड़े की खबर प्रकाशित होने के साथ ही अगले दिन निगम का एक पूर्व कर्मचारी धर्मेंद्र निगम कार्यालय पहुंचा। धर्मेंद्र का कुछ दिन पहले ही तबादला हो गया था और उसे मुख्यालय में विजिलेंस शाखा में लगाया गया था। धर्मेंद्र ने निगमायुक्त को बताया कि उसने खुद बिजली मीटर लगवाने के लिए यह असेसमेंट तैयार की थी। इसके बाद निगम की तरफ से धर्मेंद्र को नोटिस भी जारी किया गया था। उधर, मेयर ने आरोपी क्लर्क के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के लिए निगम अधिकारियों को पत्र भी लिखा था।
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हिसार। फर्जी असेसमेंट जारी करने के मामले में आरोपी क्लर्क धर्मेंद्र ने शुक्रवार को उपनिगम आयुक्त विरेंद्र सहारण के समक्ष अपने बयान दर्ज कराए। अब उपनिगम आयुक्त मामले की जांच कर रिपोर्ट निगमायुक्त को सौपेंगे, जिसके बाद क्लर्क के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि 24 जनवरी को एक व्यक्ति मेयर गौतम सरदाना के पास आया। उसने मेयर को बताया कि निगम प्रशासन उसे असेसमेंट देने से मना कर रहा है। निगम अधिकारी कह रहे हैं कि अब निगम ने असेसमेंट जारी करनी बंद कर दी है, जबकि 20 जनवरी को ही निगम ने एक व्यक्ति को असेसमेंट बनाकर दी है। उक्त व्यक्ति ने मेयर को असेसमेंट की कॉपी भी दिखाई। इस पर मेयर ने डीएमसी व सचिव को बुलाकर उन्हें यह असेसमेंट दिखाई। इसे देखकर अधिकारी बोले कि यह फर्जी है। मीडिया में इस फर्जीवाड़े की खबर प्रकाशित होने के साथ ही अगले दिन निगम का एक पूर्व कर्मचारी धर्मेंद्र निगम कार्यालय पहुंचा। धर्मेंद्र का कुछ दिन पहले ही तबादला हो गया था और उसे मुख्यालय में विजिलेंस शाखा में लगाया गया था। धर्मेंद्र ने निगमायुक्त को बताया कि उसने खुद बिजली मीटर लगवाने के लिए यह असेसमेंट तैयार की थी। इसके बाद निगम की तरफ से धर्मेंद्र को नोटिस भी जारी किया गया था। उधर, मेयर ने आरोपी क्लर्क के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के लिए निगम अधिकारियों को पत्र भी लिखा था।
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