{"_id":"d72d8b72e92d4d8c7940da1373ee322a","slug":"my-next-mission-is-to-qualify-for-the-olympics-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":" मेरा अगला मिशन ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना है","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेरा अगला मिशन ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना है
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
Updated Sun, 05 Oct 2014 12:15 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
साल 2016 में होने वाले ओलंपिक खेलों के लिए क्वालीफाई करना ही उसका अगला लक्ष्य है।
विज्ञापन
इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए वह जी जान लगा देंगी, क्योंकि शायद इस ओलंपिक के बाद वह कुश्ती को अलविदा कह दें।
यह कहना है कि एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीतने वाली कुश्ती खिलाड़ी गीतिका जाखड़ का, जो शनिवार सुबह शहर लौटी हैं।
उन्होंने एशियन गेम्स में अपने प्रदर्शन पर संतुष्टि जताई है। गीतिका ने बताया कि साल 2015 में वर्ल्ड चैंपियनशिप होगी, जिससे पहले ट्रेनिंग के लिए वह यूएसए जाएंगी।
कांस्य पदक से संतुष्ट
गीतिका ने बताया कि एशियन गेम्स में वह अपने प्रदर्शन से पूरी तरह से संतुष्ट हैं, क्योंकि वर्ष 2012 के ओलंपिक खेलों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले चीन और जापान जैसे देशों के खिलाड़ी भी उसके पूल में थे।
विज्ञापन
गीतिका के मुताबिक, यह साल उसके लिए बहुत बढ़िया गया, क्योंकि चोट से उभरने के बाद उसका खेल काफी नीचे चला गया था, लेकिन इस साल उनकी सफलताओं ने उसे कुश्ती में वही मुकाम दिला दिया। हालांकि, कॉमनवेल्थ में फाइनल मुकाबले में वह अपने प्रदर्शन से नाखुश हैं।
विज्ञापन
हम इक्कीस होंगे तो नहीं होगा भेदभाव
वुशू खिलाड़ी नरेंद्र ग्रेवाल व बॉक्सर सरिता देवी के साथ हुए भेदभाव पर गीतिका ने कहा कि उसने इन खिलाड़ियों के मुकाबले नहीं देखे।
इसलिए वह इस बारे में कुछ नहीं बता सकतीं। मगर, कॉमनवेल्थ गेम्स में उसके साथ जरूर भेदभाव हुआ था, जब फाइनल मुकाबले में विरोधी खिलाड़ी को बिना बात के दो अंक दे दिए गए थे।
गीतिका के मुताबिक, इंटरनेशनल लेवल पर हमारे देश में ज्यादा रेफरी नहीं हैं। यह भी वजह है कि हमारे खिलाड़ियों के साथ भेदभाव होता है।
मगर कॉमनवेल्थ से जब वह लौटीं तो उसके पिता ने उससे कहा कि भेदभाव वहां होता है, जहां सिर्फ 19-20 का अंतर होता है। अगर अंतर 19-21 का होगा, तो यह भेदभाव नहीं हो सकेगा।
इसलिए अपने आपको और बेहतर बनाओ। इससे पहले, शनिवार सुबह जिंदल चौक से गीतिका जाखड़ का विजयी जुलूस निकाला गया। विजयी जुलूस में गीतिका के पिता सत्यवीर जाखड़, मां ऊषा रानी व भाई उपस्थित रहे।
अग्रोहा में किया स्वागत
हिसार से गीतिका सीधे अपने पैतृक गांव अग्रोहा पहुंची, जहां ग्र्रामीणों ने उसका फूलमालाओं से स्वागत किया। इस मौके पर महिलाओं ने गीतिका के स्वागत में मंगलगीत गाए और खुशी में जमकर नाचीं।
उकलाना हलके के विधायक नरेश सेलवाल भी गीतिका को बधाई देने पहुंचे। इस दौरान गीतिका के दादा रिटार्यड बीईओ अमरचंद जाखड़, कोच रामअवतार, प्रकाशवीर जाखड़, सत्यजीत जाखड़, दरिया सिंह, अजय जौहर, रमेश वीटा, प्रेम गर्ग, महेंद्र शास्त्री, सुमित कुमार, सत्यवीर जाखड़, श्रीकिशन बैनीवाल, मनजीत ढाड, चंद्रकांता जाखड़, पूर्व सरपंच सविता जाखड़, अनुराधा, सोनिया सहित अन्य ग्रामीण व खेलप्रेमी उपस्थित रहे।