{"_id":"620a9ef18b088d11f25bacc3","slug":"municipal-corporation-is-sending-notice-to-120-big-property-tax-defaulters-hisar-news-hsr6243173138","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगर निगम 120 बड़े प्रॉपर्टी टैक्स बकायेदारों को भेज रहा नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगर निगम 120 बड़े प्रॉपर्टी टैक्स बकायेदारों को भेज रहा नोटिस
विज्ञापन
हिसार। नगर निगम प्रशासन ने शहर के 120 बड़े प्रॉपर्टी टैक्स के बकायेदारों को टैक्स जमा कराने को लेकर नोटिस भेजने शुरू कर दिए हैं। नोटिस के माध्यम से इन्हें टैक्स जमा करने के लिए 15 दिन का समय मिलेगा। निर्धारित अवधि में टैक्स जमा न करवाने वालों को 15 दिन का दूसरा नोटिस थमाया जाएगा। दूसरे नोटिस के बाद भी अगर किसी ने टैक्स नहीं भरा तो उसकी प्रॉपर्टी सील की जाएगी।
बता दें कि मौजूदा वित्त वर्ष में निगम प्रशासन ने प्रॉपर्टी टैक्स से 24 करोड़ की आय का लक्ष्य रखा हुआ है। इस वित्त वर्ष के अब डेढ़ माह ही बचे हैं। 31 जनवरी तक निगम प्रशासन को टैक्स के रूप में 6.33 करोड़ रुपये की ही आय हुई। इसी को देखते हुए निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स के बड़े बकायेदारों को नोटिस भेजने का फैसला किया ताकि निगम के खजाने में और पैसा आ सके। प्रॉपर्टी टैक्स शाखा में आठ क्लर्क हैं। प्रत्येक क्लर्क के पास 26 कॉलोनियां का जिम्मा है। अधिकारियों ने सभी शाखा के सभी आठ क्लर्कों को टॉप के 15-15 बकायेदारों की सूची बनाकर देने के आदेश दिए। कुछ बकायेदारों को नोटिस थमाए जा चुके हैं, जबकि बाकी को दो दिनों के अंदर नोटिस दे दिए जाएंगे।
जनस्वास्थ्य विभाग का 45 लाख रुपये का टैक्स बकाया
नगर निगम के बड़े बकायेदारों में कई सरकारी विभाग भी शामिल हैं। जनस्वास्थ्य विभाग पर 45 लाख रुपये प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। हालांकि सरकारी कार्यालयों के प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान मुख्यालय स्तर पर ही किया जाता है। बावजूद इसके निगम प्रशासन ऐसे बकायेदारों को भी नोटिस दे रहा है।
विज्ञापन
याशी कंपनी ने 5 हजार असेसमेंट नोटिस बांटे, 75 आपत्तियां आईं
नए प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर सर्वे करने वाली याशी कंपनी ने अभी तक शहर में करीब 5 हजार असेसमेंट नोटिस बांट दिए हैं। इस नोटिस को लेकर अभी तक 75 आपत्तियां ही आईं हैं। इनमें से 28 आपत्तियां ऑनलाइन व 47 आपत्तियां ऑनलाइन आई हैं। ऑफलाइन आपत्तियों का समाधान स्थानीय स्तर पर तैनात कंपनी के कर्मचारी ही कर रहे हैं, जबकि ऑनलाइन आपत्तियों का समाधान मुख्यालय पर ही किया जा रहा है।
सेक्टर-13 सामुदायिक केंद्र में हेल्प डेस्क लगाया
कंपनी ने नगर निगम कार्यालय के बाद अब सेक्टर 13 के सामुदायिक केंद्र में भी हेल्प डेस्क शुरू कर दिया है। अब यहां भी लोग असेसमेंट नोटिस को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज करवा सकेंगे। इसके अलावा ऑटो मार्केट व आजाद नगर में भी हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे।
असेसमेंट नोटिस लेने से इनकार कर रहे प्रॉपर्टी मालिक
कंपनी के प्रतिनिधियों के अनुसार कुछ प्रॉपर्टी मालिक असेसमेंट नोटिस लेने से इनकार कर रहे हैं। प्रॉपर्टी मालिक कह रहे हैं कि वह नगर निगम कार्यालय से ही नोटिस लेंगे। कंपनी के मुताबिक इन नोटिस के माध्यम से प्रॉपर्टी मालिक को यह पता चलेगा कि सर्वे में उसकी प्रॉपर्टी से संबंधित एकत्रित की गई जानकारी सही है या गलत। अगर गलत है तो प्रॉपर्टी मालिक उसे ठीक करवा सकता है ताकि भविष्य में उसे किसी तरह परेशानी न आए।
बड़े बकायेदारों की सूची तैयार की ली गई है। अब इन्हें नोटिस भेजने शुरू कर दिए हैं। दो दिनों के अंदर सभी 120 बकायेदारों को नोटिस भेज दिए जाएंगे।
- दीपक गोयल, कार्यकारी अधिकारी, नगर निगम
विज्ञापन
बता दें कि मौजूदा वित्त वर्ष में निगम प्रशासन ने प्रॉपर्टी टैक्स से 24 करोड़ की आय का लक्ष्य रखा हुआ है। इस वित्त वर्ष के अब डेढ़ माह ही बचे हैं। 31 जनवरी तक निगम प्रशासन को टैक्स के रूप में 6.33 करोड़ रुपये की ही आय हुई। इसी को देखते हुए निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स के बड़े बकायेदारों को नोटिस भेजने का फैसला किया ताकि निगम के खजाने में और पैसा आ सके। प्रॉपर्टी टैक्स शाखा में आठ क्लर्क हैं। प्रत्येक क्लर्क के पास 26 कॉलोनियां का जिम्मा है। अधिकारियों ने सभी शाखा के सभी आठ क्लर्कों को टॉप के 15-15 बकायेदारों की सूची बनाकर देने के आदेश दिए। कुछ बकायेदारों को नोटिस थमाए जा चुके हैं, जबकि बाकी को दो दिनों के अंदर नोटिस दे दिए जाएंगे।
विज्ञापन
जनस्वास्थ्य विभाग का 45 लाख रुपये का टैक्स बकाया
नगर निगम के बड़े बकायेदारों में कई सरकारी विभाग भी शामिल हैं। जनस्वास्थ्य विभाग पर 45 लाख रुपये प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। हालांकि सरकारी कार्यालयों के प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान मुख्यालय स्तर पर ही किया जाता है। बावजूद इसके निगम प्रशासन ऐसे बकायेदारों को भी नोटिस दे रहा है।
विज्ञापन
याशी कंपनी ने 5 हजार असेसमेंट नोटिस बांटे, 75 आपत्तियां आईं
नए प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर सर्वे करने वाली याशी कंपनी ने अभी तक शहर में करीब 5 हजार असेसमेंट नोटिस बांट दिए हैं। इस नोटिस को लेकर अभी तक 75 आपत्तियां ही आईं हैं। इनमें से 28 आपत्तियां ऑनलाइन व 47 आपत्तियां ऑनलाइन आई हैं। ऑफलाइन आपत्तियों का समाधान स्थानीय स्तर पर तैनात कंपनी के कर्मचारी ही कर रहे हैं, जबकि ऑनलाइन आपत्तियों का समाधान मुख्यालय पर ही किया जा रहा है।
सेक्टर-13 सामुदायिक केंद्र में हेल्प डेस्क लगाया
कंपनी ने नगर निगम कार्यालय के बाद अब सेक्टर 13 के सामुदायिक केंद्र में भी हेल्प डेस्क शुरू कर दिया है। अब यहां भी लोग असेसमेंट नोटिस को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज करवा सकेंगे। इसके अलावा ऑटो मार्केट व आजाद नगर में भी हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे।
असेसमेंट नोटिस लेने से इनकार कर रहे प्रॉपर्टी मालिक
कंपनी के प्रतिनिधियों के अनुसार कुछ प्रॉपर्टी मालिक असेसमेंट नोटिस लेने से इनकार कर रहे हैं। प्रॉपर्टी मालिक कह रहे हैं कि वह नगर निगम कार्यालय से ही नोटिस लेंगे। कंपनी के मुताबिक इन नोटिस के माध्यम से प्रॉपर्टी मालिक को यह पता चलेगा कि सर्वे में उसकी प्रॉपर्टी से संबंधित एकत्रित की गई जानकारी सही है या गलत। अगर गलत है तो प्रॉपर्टी मालिक उसे ठीक करवा सकता है ताकि भविष्य में उसे किसी तरह परेशानी न आए।
बड़े बकायेदारों की सूची तैयार की ली गई है। अब इन्हें नोटिस भेजने शुरू कर दिए हैं। दो दिनों के अंदर सभी 120 बकायेदारों को नोटिस भेज दिए जाएंगे।
- दीपक गोयल, कार्यकारी अधिकारी, नगर निगम