{"_id":"641ca6fa070691e90005cde4","slug":"more-than-50-percent-damage-to-crops-in-1276-acres-of-land-due-to-rain-and-hail-hisar-news-c-21-hsr1020-87469-2023-03-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: बारिश व ओलावृष्टि से 1276 एकड़ खेत में फसलों को 50 फीसदी से अधिक नुकसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: बारिश व ओलावृष्टि से 1276 एकड़ खेत में फसलों को 50 फीसदी से अधिक नुकसान
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
हिसार। बीते 18 व 19 मार्च को जिले में हुई हल्की बारिश व ओलावृष्टि से 1276 एकड़ खेत की फसलों पर 50 प्रतिशत से अधिक असर हुआ है। प्रभावित किसानों ने क्षतिपूर्ति के लिए पोर्टल पर आवेदन करना शुरू कर दिया है। अब तक 527 किसान पोर्टल पर आवेदन कर चुके हैं। सबसे अधिक असर चने की फसल पर पड़ा है। किसानों का कहना है कि गेहूं व सरसों पर भी काफी असर पड़ा है।
बीते शनिवार को अचानक मौसम का मिजाज बिगड़ गया। इस वक्त सरसों की फसल कट रही है और गेहूं की फसल पकने लगी है। ऐसे में अचानक शुरू हुई बारिश व ओलावृष्टि से फसल पर सीधे असर पड़ा। मामला विधानसभा में उठा तो आनन-फानन सरकार ने नुकसान का आकलन शुरू कराया। शासन के निर्देश पर मंगलवार को डीसी ने नारनौंद क्षेत्र का दौरा कर नुकसान की स्थिति देखी थी। वहीं तहसीलदार की अगुवाई में बुधवार को मंडी आदमपुर क्षेत्र का निरीक्षण किया गया। नुकसान के मुआवजा के लिए किसान क्षतिपूर्ति पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा रहे हैं। इसके अलावा कृषि विभाग ने अपनी तरफ से भी अनुमानित आंकड़े एकत्रित किए हैं।
कृषि विभाग की तरफ से नुकसान की जो आरंभिक रिपोर्ट बनाई गई है उसके अनुसार 18 मार्च को 174103 एकड़ फसल प्रभावित हुई, जिसमें 148928 एकड़ क्षेत्र में 25 प्रतिशत से कम नुकसान हुआ है। जबकि, 23899 एकड़ में 25 से 50 प्रतिशत के बीच नुकसान हुआ है। 1190 एकड़ में नुकसान का प्रतिशत 50 से 75 के बीच है। इसके अलावा 86 एकड़ खेत हैं जिनमें से 75 प्रतिशत से अधिक नुकसान हुआ है। इसके अलावा 19 मार्च को हुई बारिश में कुल 1190 एकड़ फसल प्रभावित हुई, जिसमें 850 एकड़ में 25 प्रतिशत से कम नुकसान हुआ, जबकि 340 एकड़ में 25 से 50 प्रतिशत तक का नुकसान है।
विज्ञापन
सबसे अधिक नुकसान गेहूं को
बारिश व ओलावृष्टि में सबसे अधिक नुकसान गेहूं की फसल को हुआ है। पहले दिन 130660 एकड़ क्षेत्रफल में गेहूं की फसल प्रभावित हुई, जिसमें 16952 एकड़ में नुकसान का प्रतिशत 25 से 50 प्रतिशत के बीच है। 700 एकड़ में 50 प्रतिशत से भी अधिक की क्षति का अनुमान है। दूसरे दिन भी 260 एकड़ क्षेत्रफल में 25 प्रतिशत से अधिक का नुकसान है। इसी प्रकार 41355 एकड़ क्षेत्रफल में सरसों की फसल पर भी असर पड़ा है। इसमें से पहले दिन 6670 एकड़ व दूसरे दिन 80 एकड़ क्षेत्रफल में 25 प्रतिशत से अधिक नुकसान का अनुमान है। इसके अलावा चने की 2408 एकड़ फसल पर भी बेमौसम की बारिश का असर पड़ा है। 86 एकड़ फसल 75 प्रतिशत से अधिक खराब हुई है जबकि, 310 एकड़ में नुकसान का प्रतिशत 25 से 50 के बीच है।
विज्ञापन
हिसार। बीते 18 व 19 मार्च को जिले में हुई हल्की बारिश व ओलावृष्टि से 1276 एकड़ खेत की फसलों पर 50 प्रतिशत से अधिक असर हुआ है। प्रभावित किसानों ने क्षतिपूर्ति के लिए पोर्टल पर आवेदन करना शुरू कर दिया है। अब तक 527 किसान पोर्टल पर आवेदन कर चुके हैं। सबसे अधिक असर चने की फसल पर पड़ा है। किसानों का कहना है कि गेहूं व सरसों पर भी काफी असर पड़ा है।
बीते शनिवार को अचानक मौसम का मिजाज बिगड़ गया। इस वक्त सरसों की फसल कट रही है और गेहूं की फसल पकने लगी है। ऐसे में अचानक शुरू हुई बारिश व ओलावृष्टि से फसल पर सीधे असर पड़ा। मामला विधानसभा में उठा तो आनन-फानन सरकार ने नुकसान का आकलन शुरू कराया। शासन के निर्देश पर मंगलवार को डीसी ने नारनौंद क्षेत्र का दौरा कर नुकसान की स्थिति देखी थी। वहीं तहसीलदार की अगुवाई में बुधवार को मंडी आदमपुर क्षेत्र का निरीक्षण किया गया। नुकसान के मुआवजा के लिए किसान क्षतिपूर्ति पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा रहे हैं। इसके अलावा कृषि विभाग ने अपनी तरफ से भी अनुमानित आंकड़े एकत्रित किए हैं।
विज्ञापन
कृषि विभाग की तरफ से नुकसान की जो आरंभिक रिपोर्ट बनाई गई है उसके अनुसार 18 मार्च को 174103 एकड़ फसल प्रभावित हुई, जिसमें 148928 एकड़ क्षेत्र में 25 प्रतिशत से कम नुकसान हुआ है। जबकि, 23899 एकड़ में 25 से 50 प्रतिशत के बीच नुकसान हुआ है। 1190 एकड़ में नुकसान का प्रतिशत 50 से 75 के बीच है। इसके अलावा 86 एकड़ खेत हैं जिनमें से 75 प्रतिशत से अधिक नुकसान हुआ है। इसके अलावा 19 मार्च को हुई बारिश में कुल 1190 एकड़ फसल प्रभावित हुई, जिसमें 850 एकड़ में 25 प्रतिशत से कम नुकसान हुआ, जबकि 340 एकड़ में 25 से 50 प्रतिशत तक का नुकसान है।
विज्ञापन
सबसे अधिक नुकसान गेहूं को
बारिश व ओलावृष्टि में सबसे अधिक नुकसान गेहूं की फसल को हुआ है। पहले दिन 130660 एकड़ क्षेत्रफल में गेहूं की फसल प्रभावित हुई, जिसमें 16952 एकड़ में नुकसान का प्रतिशत 25 से 50 प्रतिशत के बीच है। 700 एकड़ में 50 प्रतिशत से भी अधिक की क्षति का अनुमान है। दूसरे दिन भी 260 एकड़ क्षेत्रफल में 25 प्रतिशत से अधिक का नुकसान है। इसी प्रकार 41355 एकड़ क्षेत्रफल में सरसों की फसल पर भी असर पड़ा है। इसमें से पहले दिन 6670 एकड़ व दूसरे दिन 80 एकड़ क्षेत्रफल में 25 प्रतिशत से अधिक नुकसान का अनुमान है। इसके अलावा चने की 2408 एकड़ फसल पर भी बेमौसम की बारिश का असर पड़ा है। 86 एकड़ फसल 75 प्रतिशत से अधिक खराब हुई है जबकि, 310 एकड़ में नुकसान का प्रतिशत 25 से 50 के बीच है।