फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   meeting stooped by officials

35 बिरादरियों की मीटिंग रुकवाने पहुंचे तहसीलदार

Fri, 26 Feb 2016 01:44 AM IST
अमर उजाला हिसार / ब्यूरो
अमर उजाला हिसार / ब्यूरो Updated Fri, 26 Feb 2016 01:44 AM IST
विज्ञापन
meeting stooped by officials

विश्वकर्मा धर्मशाला में वीरवार को शांति सद्भावना को लेकर मीटिंग कर रहे समाज के कुछ जनसंगठन व 35 बिरादरियों के लोगों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मीटिंग कर रहे जनसंगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि उन्होंने हिंसा के दौरान हुए नुकसान की भरपाई के लिए मंथन करने व घायल व मृतकों के प्रति संवेदना वक्त करने के लिए दो मिनट का मौन रखने के लिए मीटिंग बुलाई थी। मगर प्रशासन ने उन्हें रोक दिया।

विज्ञापन

प्रशासन के अधिकारियों ने पुलिस बल के साथ पहुंचकर मीटिंग रुकवा दी और धारा 144 का हवाला देकर कानूनी कार्रवाई का डर दिखाया। इस दौरान लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों को खूब खरी खरी सुनाई। मौके पर पहुंचे तहसीलदार साहबराम बिश्नाई को लोगों ने कहा कि जाट समाज के लोगों ने प्रेस कांफ्रेंस कर ली, नागरिक मंच ने मीटिंग कर ली तब प्रशासन कहां गया था। हमारी बिरादरी के लोग जब भी कुछ करे उन्हें रोकने का प्रयास रहता है। 

विज्ञापन

11 सदस्यीय कमेटी बनेगी, सीएम से मिलकर बताएगी असलियत

विश्वकर्मा धर्मशाला में एकत्रित हुए जनसंगठनों के लोगों ने कहा की कुछ समय चली उनकी मीटिंग में फैसला हुआ है कि उनकी एक 11 सदस्यीय कमेटी का गठन होगा। यह कमेटी सीएम से मिलेगी। संगठन के लोगों ने कहा कि जब सीएम मनोहरलाल खट्टर ने रोहतक का दौरा किया तो स्थानीय प्रशासन उन्हें उस स्थान पर जानबूझकर नहीं लेकर गए जहां ज्यादा नुकसान था। यह कमेटी सीएम से मिलकर असलियत सामने लगाएगी और अधिक नुकसान वाले स्थानों को चिह्नित कर सही रिपोर्ट सीएम को देगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

नुकसान का 25 प्रतिशत मुआवजा तुरंत प्रभाव से दे सरकार

मीटिंग में जनसंगठनों में चर्चा हुई की प्रदेश भर के व्यापारी या अन्य वर्ग को आंदोलन के दौरान जितना नुकसान हुआ है उन्हें कुल नुकसान का 25 प्रतिशत मुआवजा राशि तुरंत प्रभाव से सरकार दे। ताकि पीड़ित व्यापारी इस राशि से थोड़ी बहुत राहत पाकर अपने कारोबार को पटरी पर ला सके। 


1947 के दंगों से भयावाह स्थिति रही रोहतक की

मीटिंग में पहुंचे लोगों ने कहा कि भारत पाकिस्तान जब 1947 में अलग हुआ तब धार्मिक दंगे हुए थे उस वक्त भी ऐसी स्थिति नहीं थी जैसी रोहतक में हुई। उन्होंने कहा कि असल आरक्षण के हकदार तो हम हैं पहले सबकुछ पाकिस्तान में छोड़कर आ गए और अब यहां तहस नहस हो गया। 


हमने कहा प्रशासन का नुमाइंदा बैठा दो हम गलत बात करें तो तुरंत रूकवा देना मीटिंग

जांगिड़ महासभा के पदाधिकारी कुलवंत जांगड़ा ने कहा कि प्रशासन ने हमारी मीटिंग कैंसिल करवा दी। हम पर दबाव बनाया गया। हमने सद्भावना व शांति संदेश देने के लिए सामाजिक संगठनों के साथ मीटिंग की थी। हमने ये तक कहा कि प्रशासन का नुमाइंदा या सीआईडी मीटिंग के बीच बैठा दो हम अगर कोई गलत या ओछी बात करें तो मीटिंग रुकवा देना। गलत हो तो कानूनी कार्रवाई करना मगर प्रशासन ने एक नहीं सुनी। 


प्रशासन एक गुट को कुछ नहीं कह रहा। वे लोग प्रेस कांफ्रेंस करें या फिर मीटिंग करें उनसे प्रशासन को कोई दिक्कत नहीं। हमारी मीटिंग होती है तो प्रशासन की बेचैनी बढ़ जाती है। हमारी मीटिंग प्रशासन व पुलिस ने दखलअंदाजी कर बीच में ही कैंसिल करवा दी।

कुलवंत जांगड़ा, पदाधिकारी जांगिड़ ब्राह्मण महासभा

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed