फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   Marriage start from today

साल का पहला सावा आज, गूंजेंगी शहनाइयां

Thu, 14 Jan 2016 11:52 PM IST
अमर उजाला हिसार/ब्यूरो
अमर उजाला हिसार/ब्यूरो Updated Thu, 14 Jan 2016 11:52 PM IST
विज्ञापन
Marriage start from today

इस वर्ष की पहली शहनाई शुक्रवार से गूंज उठेगी। 14 जनवरी रात 1.26 बजे मलमास हट जाएगा और इस साल का पहला सावा 15 जनवरी को है। हालांकि इस वर्ष अन्य वर्षों की तुलना में विवाह के शुुभ मुहूर्त बहुत ही कम हैं।

विज्ञापन


इसलिए इस साल यदि आप शादी करने की सोच रहे हैं तो फटाफट तैयारी कर लें। जनवरी से अप्रैल तक कम ही मुहूर्त हैं। इसके बाद 28 अप्रैल से नौ जुलाई तक शुक्र तारा अस्त होने और 15 जुलाई को देव सोने के कारण शहनाई नहीं बज पाएगी।
विज्ञापन


इन महीने खामोश रहेगी शहनाई
मई-जून में शुक्र अस्त होने के कारण और 28 अप्रैल से 9 जुलाई तक देव शयन होने के कारण शहनाइयां खामोश रहेंगी। साथ ही 17 सितंबर से तीस सितंबर तक श्राद्ध पक्ष रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


नौ सितंबर से सात अक्तूबर तक गुरू अस्त रहने से 11 नवंबर से शहनाई गूंजेंगी। हालांकि कुछ समाजों में देव शयन और शुक्र अस्त को नहीं माना जाता है। उनके लिए कोई बंधन नहीं रहेगा, लेकिन अधिकांश समाज श्राद्ध, शुक्र अस्त और देव शयन को मानते हैं। इस दौरान शादी नहीं होगी।

मई-जून में एक भी सावा नहीं
सामान्यता हर वर्ष 50 से 65 विवाद के लग्न मिल जाते हैं। लेकिन इस वर्ष मुहूर्तों की संख्या काफी कम है। हालांकि सभी पंडितों की अलग-अलग राय है।

कुछ पंडित इस वर्ष विवाह के लिए 41 मुहूर्त बता रहे हैं। वहीं कुछ 29 ही शुभ मुहूर्त बता रहे हैं। सामान्यता मई व जून को वैवाहिक सावों का महीना माना जाता है, लेकिन शुक्र अस्त होने से इन दोनों ही महीनों में विवाह मुहूर्त नहीं है।

दस रेखीय विवाह का मुहूर्त भी नहीं
इस वर्ष जहां विवाह के लग्न मुहूर्त कम हैं वहीं दस रेखीय विवाह का एक भी मुहूर्त नहीं है। जहां मुहूर्त के हिसाब से दस गुण मिलते हैं उसे दस रेखीय विवाह मुहूर्त कहा जाता है। जहां नौ गुण मिलते उसे नौ रेखीय विवाह मुहूर्त कहा जाता है।


जो समाज मुहूर्त को देखकर विवाह करते हैं उनके लिए इस वर्ष बहुत ही कम विवाह लग्न के मुहूर्त हैं। 28 अप्रैल से नौ जुलाई तक शुक्र अस्त, 15 जुलाई से 11 नवंबर तक देव शयन होने, 17 सितंबर से तीस सितंबर तक श्राद्ध पक्ष और नौ सितंबर से सात अक्तूबर तक गुरू अस्त होने से विवाह लग्न के मुहूर्त नहीं है। हालांकि जो इन्हें नहीं मानते उनके लिए कोई परेशानी नहीं।
- आचार्य सुधीर वशिष्ठ

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed