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Hisar: एक साल से रुकी छात्रवृति के लिए बच्चों समेत मंत्री आवास पर धरने पर बैठा पिता, अधिकारियों के आश्वासन पर लौटा
Thu, 02 Jun 2022 01:58 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उकलाना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उकलाना
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 02 Jun 2022 01:58 PM IST
सार
गांव बिठमड़ा निवासी सतीश जांगड़ा के दोनों बच्चों को पिछड़ा वर्ग के तहत छात्रवृत्ति मिलती है। पिछले एक साल से छात्रवृत्ति नहीं आ रही। इसके लिए उन्होंने सरकारी कार्यालयों के बार बार चक्कर लगाए लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिला।
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मंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठा व्यक्ति।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
विस्तार
अपने बच्चों की छात्रवृत्ति को लेकर उकलाना के गांव बिठमड़ा के एक पिता सतीश जांगड़ा ने राज्यमंत्री अनूप धानक के आवास के सामने धरना दिया। उनके साथ छठी कक्षा के इशांत और आठवीं कक्षा की मुस्कान भी धरने पर बैठे। बाद में मंत्री के सहयोगियों की ओर से आश्वासन दिए जाने के बाद सतीश ने धरना उठाया।
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गांव बिठमड़ा निवासी सतीश जांगड़ा का बेटा इशांत छठी कक्षा में पढ़ता है। उनकी बेटी मुस्कान आठवीं कक्षा की छात्रा है। इन बच्चों को पिछड़ा वर्ग के तहत छात्रवृत्ति मिलती है। पिछले एक साल से बच्चों की छात्रवृत्ति नहीं आ रही। सतीश ने बताया कि इसके लिए वह सरकारी कार्यालयों में बार बार चक्कर लगा चुका है।
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अधिकारी सुनवाई करने के बजाय टाल देते हैं। इसके बाद सतीश जांगड़ा अपने बच्चों को लेकर गुरुवार को राज्यमंत्री अनूप धानक के उकलाना स्थित आवास पर पहुंचा। मंत्री के आवास पर उपलब्ध न होने पर वह अपने बच्चों के साथ ही धरने पर बैठ गया। तेज धूप में वह बच्चों के साथ करीब एक घंटे तक धरने पर बैठा रहा। इसी बीच मंत्री के स्टाफ ने अधिकारियों से बातचीत की। अधिकारियों ने दस दिन में छात्रवृत्ति दिलाने का भरोसा दिया। जिसके बाद सतीश अपने बच्चों के साथ वापस घर लौट गया।
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