महावीर स्टेडियम में 60 फीट के रावण का होगा दहन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दशहरे के दिन दो मिनट में जलकर स्वाहा होने वाले दशानन के पुतले को बनने में एक महीने की कड़ी मेहनत लगी है।
पुतलों को बनाने के लिए एक महीने पहले ही तैयारियां शुरू कर दी जाती हैं और अंतिम दिन तक पूरी सजावट के साथ दहन के लिए ले जाया जाता है।
इस बार शहर में कई जगहों पर रावण के पुतले का दहन होगा। श्री रामलीला कमेटी कटला की ओर से महावीर स्टेडियम में रावण दहन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
40 साल से पुतले बनाते हैं प्रमोद वशिष्ठ
प्रमोद वशिष्ठ का कहना है कि महावीर स्टेडियम में रावण का 60 फीट तथा कुंभकर्ण व मेघनाद के 50-50 फीट के पुतले दहन किए जाएंगे।
वशिष्ठ ने बताया कि इस बार उन्होंने डिगमंडी के लिए सबसे बड़ा रावण का पुतला बनाया है, जिसकी लंबाई 100 फीट है। इसमें लोहे की पाइपें भी लगाई गई है।
100 फीट लंबे रावण की कीमत करीब ढाई लाख
प्रमोद वशिष्ठ के अनुसार सौ फीट लंबे रावण के पुतले को बनाने में करीब ढाई लाख रुपये की लागत आई है। पुतले के दस मुंह लगाने के साथ ही बड़ा मुकुट, हाथ में तलवार जैसी चीजें भी बनानी होती हैं।
इसके अलावा अलग-अलग रंगों से पुतले की आंखों और मूंछों का डिजाइन बनाया जाता है। वशिष्ठ के मुताबिक 100 फीट वाले पुतले में 250 बांस, 500 मीटर कपड़ा, एक क्विंटल सुतली और 700 मीटर तक रस्सा लग जाता है। बाद में क्रेन से उठाकर पुतले को बड़ी गाड़ी में डालकर दहन के लिए ले जाया जाता है।
30 कर्मचारी जुटे पुतले बनाने में
प्रमोद वशिष्ठ ने बताया कि उनकी टीम में फिलहाल 30 सदस्य काम कर रहे हैं। एक महीने पहले ही पुतले बनाने की तैयारियां शुरू कर दी जाती हैं।
रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले बनाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि हिसार के अलावा सिवानी, बड़वा, बवानीखेड़ा, डिग मंडी, भट्टू, भादरा से भी लोग उनके यहां पुतले बनवाने आते हैं।
वशिष्ठ ने बताया कि 60 फीट के पुतले को बनाने में 40 हजार का खर्च आता है, जबकि पुतले को मैदान में ले जाने के बाद उसमें आतिशबाजी भरी जाती है।
यहां होगा रावण दहन
महाबीर स्टेडियम, विद्युत नगर, मुलतानी चौक, सेक्टर 15, सेक्टर -14, डीसी कॉलोनी। महाबीर स्टेडियम में शाम 5 बजे से कार्यक्रम शुरू होगा, जिसमें रावण दहन से पहले रामलीला के दृश्य भी दिखाए जाएंगे। रावण, कुंभकर्ण, मेघनाद के पुतलों के दहन के अलावा यहां आतिशबाजी भी होगी।