Lunar Eclipse 2023: शरद पूर्णिमा पर आज लगेगा सूतक; रात को आंशिक चंद्र ग्रहण, इन बातों का रखें ध्यान
डित प्रेम कुमार कौशिक ने बताया कि इस वर्ष का आखिरी ग्रहण शरद पूर्णिमा तिथि पर लगने वाला है। चंद्र ग्रहण से पूर्व 28 अक्तूबर शाम चार बजकर पांच मिनट से सूतक शुरू हो जाएगा। 29 अक्तूबर की रात एक बजकर पांच मिनट से आंशिक चंद्र ग्रहण की शुरुआत होगी। रात एक बजकर 44 मिनट पर ग्रहण का मध्य रहेगा।
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सनातन धर्म में चंद्र ग्रहण का विशेष महत्व है। इस दौरान पृथ्वी पर राहु और केतु का प्रभाव बढ़ जाता है। ज्योतिषियों की मानें तो पृथ्वी और चन्द्रमा के बीच सूर्य के आ जाने से चंद्र ग्रहण लगता है। चंद्र ग्रहण के समय शुभ कार्य करने की मनाही होती है। अनदेखी करने से शारीरिक और मानसिक सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। शनिवार को लगने वाले चंद्र ग्रहण को भारत में भी देखा जा सकता है।
श्री राधा कृष्ण ज्योतिष कार्यालय सीसवाला के अनुष्ठान मर्मज्ञ पंडित प्रेम कुमार कौशिक ने बताया कि इस वर्ष का आखिरी ग्रहण शरद पूर्णिमा तिथि पर लगने वाला है। चंद्र ग्रहण से पूर्व 28 अक्तूबर शाम चार बजकर पांच मिनट से सूतक शुरू हो जाएगा। ग्रहण काल में दान की वस्तुओं को रख कर दान का संकल्प ले और सुबह दान करें। ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है। इस दिन गोशाला में सतनाजा, गुलगुला, मीठे चावल, शक्कर, सरसों का तेल, हरा-चारा, बीमार गऊ के लिए दवाई दान करना शुभ माना जाता है।
29 अक्तूबर की रात एक बजकर पांच मिनट से आंशिक चंद्र ग्रहण की शुरुआत होगी। रात एक बजकर 44 मिनट पर ग्रहण का मध्य रहेगा और दो बजकर 22 मिनट पर ग्रहण खत्म हो जाएगा। ग्रहण का समय करीब एक घंटा 19 मिनट रहेगा। 2023 के बाद अगला चंद्र ग्रहण 2024 में 17-18 सितंबर की रात होगा, जो भारत में दिखेगा। ग्रहण के दौरान तमाम तरह की नकारात्मक शक्तियां प्रबल हो जाती हैं, जिससे हमारे आसपास की हर चीज प्रभावित होती हैं। यही वजह है कि इस दौरान पूजा-पाठ या धार्मिक अनुष्ठान भी नहीं किए जाते हैं।
पंडित विशाल शर्मा के अनुसार
इस बार चंद्र ग्रहण के साये में मनाई जाऐगी शरद पूर्णिमा। साल का आखिरी चंद्र ग्रहण शनिवार 28 अक्तूबर को आश्विन माह की पूर्णिमा तिथि को है। आश्विन माह की पूर्णिमा तिथि को शरद पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। शरद पूर्णिमा पर चांद की चांदनी में रखी गई खीर खाने का विशेष महत्व रहता है। शरद पूर्णिमा और ग्रहण को लेकर आमजन में विभ्रम की स्थिति बनी है।
चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पूर्व लग जाता है। पंडित विशाल शर्मा ने कहा कि से बात की गई तो उन्होंने बताया की 37 वर्ष पूर्व भी शरद पूर्णिमा को चंद्र ग्रहण पड़ा था। संवत 2043 में शरद पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण पड़ा था और अब संवत 2080 खग्रास चंद्र ग्रहण पडऩे जा रहा है। उन्होंने बताया की शरद पूर्णिमा की देर रात 01 बज कर 06 मिंट पर चंद्र ग्रहण लगेगा जो मध्य रात्रि 02 बज की 22 मिनट पर समाप्त होगा।
कहां कहां नजर आऐगा चंद्र ग्रहण
साल 2023 का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण 28 अक्तूबर 2023 को है। भारत में इस चंद्र ग्रहण को देखा जा सकेगा। चंद्र ग्रहण रात 01 बजकर 06 मिनट पर शुरू होगा और 02 बजकर 22 मिनट पर खत्म होगा। इस चंद्र ग्रहण को भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, यूरोप, उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, एशिया, हिंद महासागर, अटलांटिक, दक्षिणी प्रशांत महासागर, आर्कटिक और अंटार्कटिका में देखा जा सकेगा।
किस राशि पर क्या रहेगा चंद्र ग्रहण का असर
इस बार का चंद्र ग्रहण चूंकि मेष राशि में लगने जा रहा है इसलिए इससे मेष राशि के जातकों को विशेष सावधान रहने की जरूरत है। लेकिन इस दौरान इसके असर की सभी राशियों पर पडऩे वाले प्रभाव की बात करें तो मिथुन, कर्क, वृश्चिक, धनु एवं कुंभ राशि के लिए यह ग्रहण शुभ रहेगा। सिंह, तुला और मीन राशि के लिए मिश्रित फलदाई है। मेष, वृष, कन्या और मकर राशि के लिए अशुभ फलदाई है।