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शराब ठेकेदार की गोली मारकर हत्या करने के दोषी को कठोर उम्रकैद
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वर्ष 2014 में शराब ठेकेदार की हत्या करने के मामले में एडीजे वीपी सिरोही की अदालत ने शुक्रवार को दोषी को कठोर उम्रकैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को 2 साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इस संबंध में 10 अगस्त 2014 को शहर थाना हांसी में ढाणी पाल निवासी छबीलदास ने शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत के आधार पर थुराना गांव निवासी अजीत, पेटवाड़ निवासी संदीप उर्फ बच्ची, मिर्चपुर निवासी सुमित और एक अन्य के खिलाफ धारा 302, 120बी, 34 आईपीसी तथा आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया था।
मामले के अनुसार पुलिस को दी शिकायत में छबीलदास ने बताया था उसने और उसके ताऊ के बेटे राधेश्याम ने हांसी की दयाल सिंह कॉलोनी में देशी शराब का ठेका लिया हुआ है। सिसाय मार्ग स्थित शिव कॉलोनी में उन्होंने कार्यालय बनाया हुआ है। घटना के दिन शाम को 6 बजे वह, राधेश्याम, सुंदर और सीताराम कार्यालय के बाहर बैठे हुए थे। इसी दौरान बाइक पर तीन युवक आए, जिनके हाथों में हथियार थे। बाइक से उतरने के बाद वे ऑफिस की तरफ आए और राधेश्याम पर कई फायर कर दिए। इस हमले में राधेश्याम की मौके पर ही मौत हो गई थी। शिकायत के अनुसार वारदात को अंजाम देने के बाद एक हमलावर ने कहा था कि उसका नाम बच्ची पेटवाड़ है। इसके बाद वे सभी मौके से फरार हो गए थे। इस मामले में अदालत ने वीरवार को मिर्चपुर निवासी सुमित को दोषी करार दिया था और शुक्रवार को उसे कठोर उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने थुराना गांव निवासी अजीत पहलवान को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था।
बच्ची को कोर्ट में मारी थी गोली
सुमित बच्ची की इस मामले की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है। इस मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट में पेशी के दौरान करीब 3-4 साल पहले कोर्ट परिसर में उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। थुराना गांव निवासी अजीत को सुबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया, जबकि सुमित को अदालत ने दोषी करार दिया है। इनके अलावा मामले से जुड़ा एक अन्य आरोपी नाबालिग था।
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मामले के अनुसार पुलिस को दी शिकायत में छबीलदास ने बताया था उसने और उसके ताऊ के बेटे राधेश्याम ने हांसी की दयाल सिंह कॉलोनी में देशी शराब का ठेका लिया हुआ है। सिसाय मार्ग स्थित शिव कॉलोनी में उन्होंने कार्यालय बनाया हुआ है। घटना के दिन शाम को 6 बजे वह, राधेश्याम, सुंदर और सीताराम कार्यालय के बाहर बैठे हुए थे। इसी दौरान बाइक पर तीन युवक आए, जिनके हाथों में हथियार थे। बाइक से उतरने के बाद वे ऑफिस की तरफ आए और राधेश्याम पर कई फायर कर दिए। इस हमले में राधेश्याम की मौके पर ही मौत हो गई थी। शिकायत के अनुसार वारदात को अंजाम देने के बाद एक हमलावर ने कहा था कि उसका नाम बच्ची पेटवाड़ है। इसके बाद वे सभी मौके से फरार हो गए थे। इस मामले में अदालत ने वीरवार को मिर्चपुर निवासी सुमित को दोषी करार दिया था और शुक्रवार को उसे कठोर उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने थुराना गांव निवासी अजीत पहलवान को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था।
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बच्ची को कोर्ट में मारी थी गोली
सुमित बच्ची की इस मामले की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है। इस मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट में पेशी के दौरान करीब 3-4 साल पहले कोर्ट परिसर में उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। थुराना गांव निवासी अजीत को सुबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया, जबकि सुमित को अदालत ने दोषी करार दिया है। इनके अलावा मामले से जुड़ा एक अन्य आरोपी नाबालिग था।
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