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वकीलों की हड़ताल खत्म, अब मिलेगा न्याय
hisar
Updated Mon, 21 Jul 2014 11:24 PM IST
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संत रामपाल की जमानत रद करने की मांग को लेकर अड़ी हिसार बार एसोसिएशन ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एसके कौल से मिले आश्वासन के बाद अपनी हड़ताल वापिस ले ली है। अब पूरे एक सप्ताह बाद हिसार कोर्ट कांप्लेक्स में वकीलों का कामकाज शुरू होगा। हड़ताल समाप्त होने के बाद वकीलों के साथ-साथ आम नागरिकों ने भी राहत की सांस ली है।
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मामले को लेकर हिसार बार एसोसिएशन के प्रधान सुरेंद्र ढुल व सचिव अमित सैनी ने पंजाब व हरियाणा बार काउंसिल के चेयरमैन राकेश गुप्ता, चंडीगढ़ बार एसोसिएशन के प्रधान अनमोल रत्न सिंधु, पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल के सदस्य राजीव कस्वान और ओपी शर्मा के अलावा प्रदेश की सभी बार एसोसिएशन के प्रधानों को साथ लेकर मुख्य न्यायाधीश एसके कौल से मुलाकात की। उन्होंने मुख्य न्यायाधीश को 14 जुलाई को संत रामपाल की पेशी के दौरान हुए विवाद के बारे में सारे घटनाक्रम से अवगत करवाया।
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मुलाकात के दौरान मुख्य न्यायाधीश एसके कौल ने बार एसोसिएशन के सभी पदाधिकारियों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि वकीलों व न्यायप्रणाली की प्रतिष्ठा व मान-सम्मान को ध्यान में रखते हुए इस मामले में तुरंत प्रभाव से ठोस कार्रवाई की जाएगी।
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आश्वासन के बाद सीधा हिसार में किया सूचित
मुख्य न्यायाधीश द्वारा मिले आश्वासन के बाद बार एसोसिएशन के प्रधान व बार काउंसिल के चेयरमैन सहित सभी सदस्यों ने एकमत राय के साथ हिसार में वकीलों की हड़ताल को वापस लेने का फैसला लिया। इसके बाद हिसार बार के प्रधान व सचिव ने हिसार बार एसोसिएशन द्वारा गठित की गई 17 सदस्यीय कमेटी को इस निर्णय से अवगत करवाया। इसके बाद कमेटी ने फैसले को स्वीकार करते हुए बार की हड़ताल को समाप्त करने की घोषणा कर दी।
आज बनेंगे रुके हुए काम
पिछले एक सप्ताह से चल रही वकीलों की हड़ताल के कारण आम जनता के कोर्ट-कचहरी के कई काम लंबित पड़े थे। अब हड़ताल वापिस लेने के बाद आम नागरिकों की उम्मीद बंधी है कि उनके रुके हुए काम मंगलवार को होंगे। सोमवार को टाइपिस्टों की स्टालों पर लोगों की भीड़ उमड़ी रही, जबकि वकील पुस्तकालय में गहन मंथन करते रहे। इसके बाद दोपहर बाद आई हड़ताल वापसी की सूचना ने सभी को राहत प्रदान की।
1000 से ज्यादा केसों की सुनवाई लटकी
जिला कोर्ट में हररोज लगभग 200 केस की सुनवाई होती है। इस तरह इन सात दिनों के अंदर छुट्टियों को हटाकर लगभग एक हजार से ज्यादा केसों की सुनवाई नहीं हो सकी। इससे जहां हजारों लोगों के लिए न्याय के लिए इंतजार लंबा हो गया, वहीं लगभग 1700 वकीलों को भी खाली बैठना पड़ा।
यूं चला घटनाक्रम
14 जुलाई को संत रामपाल की पेशी के दौरान वकीलों की उनके समर्थकों के साथ झड़प। वकीलों ने दुर्व्यवहार का लगाया आरोप, अनिश्चितकालीन वर्क सस्पेंड का ऐलान।
17 जुलाई को वकीलों ने प्रदेश भर की बार एसोसिएशन से उनके समर्थन में दो दिवसीय हड़ताल करने की अपील की
18 जुलाई को पूरे प्रदेश में वकील दो दिवसीय हड़ताल पर चले गए। 19 जुलाई को भी पूरे प्रदेश में रही वकीलों की हड़ताल
20 जुलाई को हिसार बार एसोसिएशन ने निर्णय लिया कि उनकी हड़ताल जारी रहेगी
21 जुलाई को मुख्य न्यायाधीश से मिले आश्वासन के बाद खोली वकीलों ने हड़ताल
इस वजह से हिसार में हुई पेशी
12 जुलाई 2006 को संत रामपाल के करौंथा स्थित सतलोक आश्रम को लेकर उनके अनुयायियों की आर्य समाजियों और ग्रामीणों से खूनी झड़प हुई। झड़प में संदीप निवासी झज्जर की मौत हो गई। संत रामपाल समेत 39 लोगों को आरोपी बनाया गया। उस समय करीब एक वर्ष तक संत रामपाल अनुयायियों सहित जेल में भी रहे। उस समय करौंथा आश्रम को सील कर दिया गया।
हाईकोर्ट से संत रामपाल की जमानत हो गई। उन्होंने हिसार के बरवाला में आश्रम बना लिया। 18 जुलाई 2013 को सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की याचिका को खारिज करते हुए आश्रम वापस रामपाल को सौंप दिया। जुलाई 2013 में फिर से विवाद भड़का और 3 लोग मारे गए।
14 जुलाई को उन्हें व्यक्तिगत तौर पर रोहतक कोर्ट में पेश होना था। 13 जुलाई को देरशाम सत्र न्यायाधीश ने प्रशासन की मांग पर उनकी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हाजिरी लगाने को मंजूरी दे दी। रोहतक में फिर से विवाद भड़कने की आशंका के चलते ही उनकी हिसार में पेशी करवाई गई।