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कैमरी रोड आरओबी-आरयूबी-गार्डर लॉचिंग की ड्राइंग रेलवे को भेजी, मंजूरी मिलने पर काम होगा शुरू
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कैमरी रोड रेलवे फाटक पर निर्माणाधीन आरओबी।
- फोटो : Hisar
हिसार। शहर के कैमरी रोड स्थित रेलवे फाटक पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) व रेलवे अंडरब्रिज (आरयूबी) की गार्डर लॉचिंग की ड्राइंग रेलवे को भेजी जा चुकी है। ड्राइंग मंजूर होने के साथ ही गार्डर लॉचिंग का काम शुरू हो जाएगा। गार्डर लॉचिंग का काम शुरू होने के साथ ही कैमरी रोड को भी आवागमन के लिए बंद कर दिया जाएगा। लोग कैमरी-तोशाम रोड के माध्यम से आवागमन कर सकेंगे।
निर्माण एजेंसी की मानें तो अगर 15 दिनों में रेलवे की मंजूरी मिल जाती है तो मार्च तक आरओबी व आरयूबी बनकर तैयार हो जाएंगे। उधर, आरओबी की ड्राइंग में बदलाव के कारण प्रोजेक्ट की लागत भी बढ़ गई है। फिलहाल फाइल को मंजूरी के लिए भेजा हुआ है। बता दें कि कैमरी रोड रेलवे फाटक पर आरओबी व आरयूबी का निर्माण किया जा रहा है। फरवरी 2020 में आरओबी का निर्माण कार्य शुरू किया था। शुरुआत में यह आरओबी का ज्यादा हिस्सा गार्डवाल से बनाया जाना था। मगर स्थानीय लोगों के विरोध के बाद ड्राइंग में फेरबदल कर दिया गया और पूरे आरओबी को पिलर पर बनाने का फैसला किया गया।
वर्तमान में यह है काम की स्थिति
आरओबी के लिए सभी 21 पिलर तैयार हो चुके हैं। स्लैब बिछाने का भी ज्यादातर काम पूरा हो चुका है। गार्डवाल का काम जारी है। आरयूबी का भी 40 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। गार्डर लॉचिंग की मंजूरी मिलने के साथ ही यह काम भी शुरू हो जाएगा। पहले आरयूबी को पूरा बनाया जाएगा। इसके बाद आरओबी की गार्डर लॉचिंग का काम शुरू किया जाएगा। चूंकि आरओबी में रेलवे ट्रैक के दोनों तरफ बनने वाले पिलर की चौड़ाई काफी ज्यादा है, जिस कारण से रेलवे वाले हिस्से को बो स्टिंग गर्डर तकनीक से बनाया जाएगा। इस तकनीक के तहत सिर्फ दो ही स्टील गार्डर रखे जाएंगे, जो करीब 750 टन वजनी होंगे। इन दो गार्डर पर ही स्लैब का निर्माण किया जाएगा। इस स्लैब को स्पोर्ट देने के लिए बो स्ट्रिंग आकार का स्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा।
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पिलर की संख्या बढ़ने से प्रोजेक्ट की 15 करोड़ रुपये लागत बढ़ी
ड्राइंग में बदलाव होने से प्रोजेक्ट की लागत भी बढ़ गई है। पहले प्रोजेक्ट करीब 24.50 करोड़ रुपये में बनकर तैयार होना था। मगर अब इस पर करीब 40 करोड़ रुपये की लागत आएगी। आरओबी की पुरानी ड्राइंग के हिसाब से पहले 9 पिलर बनाए जाने थे, लेकिन बाद में पिलर की संख्या बढ़ाकर 21 कर दी गई। इसके अलावा इस प्रोजेक्ट को दिसंबर तक पूरा किया जाना था, लेकिन अभी तक इसे पूरा नहीं किया गया है।
580 मीटर लंबा होगा यह आरओबी
यह आरओबी करीब 580 मीटर लंबा होगा। कैरिज वे की चौड़ाई 9.5 मीटर होगी, जिस पर वाहन चल सकेंगे। इसके अलावा एक तरफ डेढ़ मीटर का फुटपाथ बनाया जाएगा। आरओबी के दोनों तरफ बनाए जाने वाले सर्विस रोड की चौड़ाई 4 व 3.5 मीटर होगी। आरओबी के साथ एक अंडरपास भी बनाया जाएगा, जिसकी लंबाई 240 मीटर होगी। इसकी चौड़ाई 4 मीटर व ऊंचाई 2.5 मीटर होगी।
आरओबी का निर्माण ार्य प्रगति पर है। ड्राइंग में बदलाव से होने से निर्माण लागत बढ़ गई है, जिसके लिए प्रशासनिक मंजूरी ली जा रही है। - दलबीर राठी, एसडीओ, बीएंडआर
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निर्माण एजेंसी की मानें तो अगर 15 दिनों में रेलवे की मंजूरी मिल जाती है तो मार्च तक आरओबी व आरयूबी बनकर तैयार हो जाएंगे। उधर, आरओबी की ड्राइंग में बदलाव के कारण प्रोजेक्ट की लागत भी बढ़ गई है। फिलहाल फाइल को मंजूरी के लिए भेजा हुआ है। बता दें कि कैमरी रोड रेलवे फाटक पर आरओबी व आरयूबी का निर्माण किया जा रहा है। फरवरी 2020 में आरओबी का निर्माण कार्य शुरू किया था। शुरुआत में यह आरओबी का ज्यादा हिस्सा गार्डवाल से बनाया जाना था। मगर स्थानीय लोगों के विरोध के बाद ड्राइंग में फेरबदल कर दिया गया और पूरे आरओबी को पिलर पर बनाने का फैसला किया गया।
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वर्तमान में यह है काम की स्थिति
आरओबी के लिए सभी 21 पिलर तैयार हो चुके हैं। स्लैब बिछाने का भी ज्यादातर काम पूरा हो चुका है। गार्डवाल का काम जारी है। आरयूबी का भी 40 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। गार्डर लॉचिंग की मंजूरी मिलने के साथ ही यह काम भी शुरू हो जाएगा। पहले आरयूबी को पूरा बनाया जाएगा। इसके बाद आरओबी की गार्डर लॉचिंग का काम शुरू किया जाएगा। चूंकि आरओबी में रेलवे ट्रैक के दोनों तरफ बनने वाले पिलर की चौड़ाई काफी ज्यादा है, जिस कारण से रेलवे वाले हिस्से को बो स्टिंग गर्डर तकनीक से बनाया जाएगा। इस तकनीक के तहत सिर्फ दो ही स्टील गार्डर रखे जाएंगे, जो करीब 750 टन वजनी होंगे। इन दो गार्डर पर ही स्लैब का निर्माण किया जाएगा। इस स्लैब को स्पोर्ट देने के लिए बो स्ट्रिंग आकार का स्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा।
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पिलर की संख्या बढ़ने से प्रोजेक्ट की 15 करोड़ रुपये लागत बढ़ी
ड्राइंग में बदलाव होने से प्रोजेक्ट की लागत भी बढ़ गई है। पहले प्रोजेक्ट करीब 24.50 करोड़ रुपये में बनकर तैयार होना था। मगर अब इस पर करीब 40 करोड़ रुपये की लागत आएगी। आरओबी की पुरानी ड्राइंग के हिसाब से पहले 9 पिलर बनाए जाने थे, लेकिन बाद में पिलर की संख्या बढ़ाकर 21 कर दी गई। इसके अलावा इस प्रोजेक्ट को दिसंबर तक पूरा किया जाना था, लेकिन अभी तक इसे पूरा नहीं किया गया है।
580 मीटर लंबा होगा यह आरओबी
यह आरओबी करीब 580 मीटर लंबा होगा। कैरिज वे की चौड़ाई 9.5 मीटर होगी, जिस पर वाहन चल सकेंगे। इसके अलावा एक तरफ डेढ़ मीटर का फुटपाथ बनाया जाएगा। आरओबी के दोनों तरफ बनाए जाने वाले सर्विस रोड की चौड़ाई 4 व 3.5 मीटर होगी। आरओबी के साथ एक अंडरपास भी बनाया जाएगा, जिसकी लंबाई 240 मीटर होगी। इसकी चौड़ाई 4 मीटर व ऊंचाई 2.5 मीटर होगी।
आरओबी का निर्माण ार्य प्रगति पर है। ड्राइंग में बदलाव से होने से निर्माण लागत बढ़ गई है, जिसके लिए प्रशासनिक मंजूरी ली जा रही है। - दलबीर राठी, एसडीओ, बीएंडआर

कैमरी रोड रेलवे फाटक पर निर्माणाधीन अंडरपास।- फोटो : Hisar