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आईजी बोले - शांति से बैठे रहेंगे तब तक पुलिस रहेगी शांत, अशांति हुई तो फिर शांत नहीं बैठेगी पुलिस भी
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार
Updated Wed, 01 Feb 2017 12:58 AM IST
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IG Op singh
- फोटो : Bureau
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जाट आरक्षण आंदोलन को लेकर आईजी ओपी सिंह ने आंदोलनकारियों को शांति पूर्वक धरना देने की नसीहत दी है। ओपी सिंह ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में कहा है कि अगर जाट आरक्षण को लेकर आंदोलनकारी शांति से व कानून के दायरे में रहकर आंदोलन करें तो प्रशासन को कोई एतराज नहीं। अगर वे अशांति फैलाएंगे तो फिर पुलिस भी शांत नहीं बैठने वाली। उन्होंने इशारे में कहा कि अशांति पर तो पुलिस की भी पूरी तैयारी है। उन्होंने कहा कि पुलिस की आंदोलनकारियों व इनसे जुड़े लोगों की एक एक एक्टिविटी पर पूरी निगरानी है।
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इस बार युवा संभले
ओपी सिंह ने कहा कि इस बार धरनों पर युवा विशेषकर जो पढ़े लिखे हैं वो नहीं है। क्योंकि युवाओं को पता है कि कानून हाथ में लोगे तो उन्हें तीन ही स्थान मिलेंगे। या तो वे अस्पताल में जाएंगे या फिर थानों में, आखिर में फिर जेलों में बाहर भीतर होते रहेंगे। हां एक बात जरूर है इस बार पुलिस व प्रशासन ने जो गांव-गांव जाकर लोगों को यानी यूथ को समझाया है वे इस बात को समझ रहे हैं इसलिए वे धरनों से दूर हैं।
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पुलिस का ध्येय साफ, कानून व्यवस्था बनाए रखना
बातचीत के दौरान आईजी ओपी सिंह ने कहा कि पुलिस का ध्येय साफ है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना है। अगर इसका उल्लंघन हुआ तो फिर पुलिस अपना कर्म निभाएगी। हालांकि उन्होंने कि हमारा सब का मुल्क एक है पुलिस का ये उद्देश्य नहीं कि वे किसी को बिना वजह टारगेट करे।
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आम लोगों से की अपील : धरने पर ना हो एकत्रित
हिसार रेंज के आईजी ने लोगों से अपील की है कि वे धरने पर एकत्रित न हो। उन्होंने एक और नसीहत देते हुए कहा कि जाट आरक्षण आंदोलनकारियों को धरना अधिक लंबा नहीं चलाना चाहिए। अगर लंबा धरना चलेगा तो शरारती तत्व इनमें शामिल हो जाएंगे। ये शरारती तत्व ऐसे होते हैं जो बड़े बुजुर्गों, यहां तक की आंदोलन चलाने वालों तक की नहीं मानते। ऐसे में माहौल खराब होता है, जिसका खामियाजा हमारे अपनों को भुगतना पड़ता है।